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Swapna Shastra

Sapne Me Cheel, Baaz Dekhna: शुभ या अशुभ?

Rohiit Gupta· Chief Vedic Architect14 min read

Trikaal Sandesh — Direct Answer

सपने में चील या बाज़ देखना आमतौर पर ऊँची महत्वाकांक्षा, दूर की नज़र और किसी अवसर को झपटकर पकड़ने का संकेत माना जाता है। आसमान में शांति से उड़ता पक्षी शुभ है। चील का हमला करना, कुछ छीन ले जाना या उल्टी दिशा में मंडराना सावधानी के संकेत हैं, जिनकी शांति स्वप्नाध्याय में बताई गई है।

Deep Dive Analysis

सपने में चील या बाज़ देखने का मतलब क्या है

सपने में चील या बाज़ देखना ऊँची नज़र, तेज़ फ़ैसले और किसी अवसर पर झपटने की क्षमता का संकेत माना जाता है। आसमान में शांति से उड़ता पक्षी आमतौर पर शुभ पढ़ा जाता है, जबकि हमला करना, झपट्टा मारना या उल्टी दिशा में मंडराना सावधानी के संकेत हैं। इस पेज पर हर दृश्य का अर्थ, उसका शास्त्रीय आधार और सरल उपाय दिया गया है। स्वप्न शास्त्र की पूरी पद्धति स्वप्न शास्त्र: सपने का मतलब वाले मुख्य पेज पर है, और अपने सपने की निजी व्याख्या के लिए स्वप्न शास्त्र रीडिंग उपलब्ध है।

चील का सपना शुभ है या अशुभ: छोटा उत्तर

छोटा उत्तर यह है कि ज़्यादातर हालात में यह सपना डराने वाला नहीं है। ऊँचा उड़ता बाज़ या चील महत्वाकांक्षा, दूर की सोच और किसी बड़े मौके की ओर इशारा करता है। चिंता वाले दृश्य चार हैं: पक्षी का आप पर हमला करना, आपकी कोई चीज़ छीन ले जाना, घर में आ बैठना और आकाश में उल्टी दिशा में चक्कर लगाना। इनका अर्थ आगे अलग-अलग दिया गया है। शुभ और अशुभ सपनों को पहचानने का सामान्य नियम शुभ या अशुभ सपना पहचानने वाले पेज पर है।

चील, बाज़ और गिद्ध: शास्त्र में तीन अलग पक्षी

आम बोलचाल में चील, बाज़ और गिद्ध को एक जैसा मान लिया जाता है, पर ये अलग पक्षी हैं। संस्कृत ग्रंथों में बाज़ को श्येन और गिद्ध को गृध्र कहा गया है। बृहत्संहिता के शकुन अध्याय में श्येन और गृध्र दोनों को दिन में विचरने वाले पक्षियों में गिना गया है।[4] चील यानी kite के लिए ग्रंथ अलग नाम कम देते हैं, इसलिए परंपरा उसे इन्हीं शिकारी पक्षियों के परिवार में रखकर पढ़ती है। इसीलिए इस पेज पर बाज़ के नियम सीधे और चील के नियम सावधानी से लागू किए गए हैं। दूसरे पक्षियों के सपनों के लिए हाथी, शेर, मोर और उल्लू के सपने और मोर का सपना पढ़ें।

अथर्वपरिशिष्ट का स्वप्नाध्याय: इस पेज का मुख्य शास्त्रीय स्रोत

सपनों का सबसे पुराना व्यवस्थित वर्णन अथर्वपरिशिष्ट के 68वें अध्याय, स्वप्नाध्याय, में मिलता है। उसका पहला नियम यह है कि सपने की प्रकृति और भाव को जानकर ही उसका अर्थ बताना चाहिए।[1] यानी एक ही चील का सपना डर के साथ आए तो अलग पढ़ा जाएगा, और आनंद के साथ आए तो अलग। Trikaal Vaani हर सपने को इसी नियम से पढ़ता है, न कि एक लाइन के तैयार फल से। स्वप्नाध्याय और दूसरे ग्रंथों का परिचय वैदिक स्वप्न व्याख्या गाइड में दिया गया है।

सोने से पहले के विचार और आसमान के पक्षी

स्वप्नाध्याय का एक और महत्वपूर्ण नियम है कि मनुष्य जिस विषय में डूबा हुआ सोता है, सपने में उसी के कर्म देखता है।[2] अगर आपने दिन में छत पर चीलें देखीं, कोई डॉक्यूमेंट्री देखी या पक्षियों को दाना डाला, तो रात में चील का सपना उसी छाप का असर हो सकता है। ऐसे सपने का फल हल्का माना जाता है। कौन से सपने केवल मन की छाप होते हैं और कौन से संकेत, यह उल्टे-सीधे सपने क्यों आते हैं वाले पेज पर विस्तार से समझाया गया है।

आसमान में ऊँचा उड़ता बाज़ या चील

स्वप्नाध्याय में उड़ते हुए पक्षियों को शुभ स्वप्न-दृश्यों की सूची में रखा गया है।[3] इसलिए खुले आसमान में शांति से ऊँचा उड़ता बाज़ या चील सबसे अच्छा दृश्य माना जाता है। परंपरा इसे पद-प्रतिष्ठा, लंबी योजना की सफलता और किसी ऊँचे लक्ष्य तक पहुँचने का संकेत मानती है। अगर आप खुद उसके साथ उड़ते दिखें, तो उड़ने वाले सपने का अर्थ भी साथ पढ़ें। करियर की दिशा जाननी हो तो करियर ज्योतिष पेज देखें।

चील का गोल-गोल चक्कर लगाना

चील का आकाश में गोल चक्कर लगाना सबसे आम दृश्य है, और यहाँ दिशा मायने रखती है। बृहत्संहिता कहती है कि बाज़ आदि पक्षी आकाश में उल्टी दिशा, यानी वामावर्त, में मंडराएँ तो भय के सूचक हैं।[6] यह नियम मूल रूप से जागते समय के शकुन का है, पर परंपरा इसे सपने पर भी सावधानी से लागू करती है। सीधी दिशा में शांत चक्कर साधारण है, उल्टी दिशा में बेचैन चक्कर किसी छिपी चिंता या किसी की आप पर नज़र का संकेत है। अगर चक्कर लगाती चील आपके पीछे भी आ रही थी, तो पीछा किए जाने वाले सपने भी पढ़ें।

दाईं ओर या बाईं ओर दिखा पक्षी: शकुन का नियम

शकुन शास्त्र में पक्षी किस ओर दिखा, इसका बड़ा महत्व है। बृहत्संहिता में श्येन यानी बाज़ को उन पक्षियों में रखा गया है जो दाहिनी ओर दिखें तो अनुकूल माने जाते हैं।[5] अगर सपने में बाज़ आपकी दाईं ओर से उड़ा या दाईं ओर बैठा था, तो परंपरा इसे काम बनने का संकेत मानती है। ध्यान रहे कि यह नियम मूल रूप से जागते समय के शकुन का है, इसलिए सपने में इसे पूरक संकेत की तरह पढ़ें, अंतिम फ़ैसले की तरह नहीं। सही दिशा और दिन का चुनाव पंचांग से भी किया जा सकता है।

चील का झपट्टा मारना या कुछ छीन ले जाना

चील का झपट्टा मारकर हाथ से खाना, पैसा या कोई चीज़ ले जाना काफ़ी लोगों को दिखता है। बृहत्संहिता में बाज़ के झपट्टा मारकर उतरने को नेत्र-भय यानी आँखों से जुड़ी परेशानी का संकेत कहा गया है।[7] परंपरा इस दृश्य को अचानक नुकसान, किसी के द्वारा आपका हिस्सा छीने जाने या लापरवाही से हुई हानि की चेतावनी मानती है। ऐसे सपने के बाद लेन-देन में सावधानी रखें और आँखों की जाँच टालें नहीं। पैसा और सोना देखने के सपने और कुछ खो जाने के सपने का अर्थ भी देखें।

चील या बाज़ का आप पर हमला करना

बाज़ का पंजों से हमला करना सबसे डरावना दृश्य है। परंपरा इसे किसी प्रतिस्पर्धी, विरोधी या दबाव डालने वाले व्यक्ति का संकेत मानती है। ज्योतिष में आक्रामकता और संघर्ष मंगल से जुड़े हैं, इसलिए ऐसे सपने बार-बार आएँ तो कुंडली में मंगल की स्थिति देखना उपयोगी है, जो कमज़ोर ग्रह खोजने वाले कैलकुलेटर से मुफ़्त जाँची जा सकती है। अगर हमले में आपने पक्षी को भगा दिया, तो यह विरोध पर जीत का संकेत है। हमला होने वाले सपने का अर्थ भी पढ़ें।

घर की छत या आँगन में चील बैठना

अथर्वपरिशिष्ट के अद्भुत-शांति प्रसंग में घर में गिद्ध या उल्लू के आ गिरने, या कबूतर के घुस आने को उन संकेतों में गिना गया है जिनकी शांति बताई गई है।[8] यह नियम जागते समय की घटना का है और गिद्ध के लिए है। चील के सपने पर परंपरा इसे नरम रूप में लागू करती है: घर में चुपचाप बैठी चील परिवार में किसी चिंता या मेहमान के आने का संकेत है, डरने की बात नहीं। घर से जुड़े दूसरे सपने घर और मकान के सपने और घर का सपना पर पढ़ें।

बाज़ का हाथ या कंधे पर आकर बैठना

पुराने समय में राजा और योद्धा बाज़ पालते थे, इसलिए हाथ या कंधे पर बैठा बाज़ नियंत्रण, अधिकार और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। ऐसा सपना पद बढ़ने, टीम की ज़िम्मेदारी मिलने या किसी बड़े काम में आपकी बात माने जाने का संकेत है। यह शुभ दृश्य है, बशर्ते पक्षी शांत हो और आपको चोट न पहुँचाए। करियर में ऐसे योग कब बनते हैं, यह करियर प्रेडिक्शन एस्ट्रोलॉजी में समझाया गया है।

मरी हुई चील या घायल बाज़ देखना

मरी हुई चील देखना परंपरा में किसी डर या बाधा के ख़त्म होने का संकेत माना जाता है। घायल बाज़, जो उड़ नहीं पा रहा, किसी रुकी हुई योजना या टूटे आत्मविश्वास की ओर इशारा करता है। ऐसे सपने के बाद अपनी अधूरी योजनाओं को फिर से देखें। मृत्यु से जुड़े सपनों का सामान्य नियम सपने में मृत्यु देखने वाले पेज पर है, जहाँ बताया गया है कि हर मृत्यु का सपना अशुभ नहीं होता।

चील को मारना या भगाना

सपने में चील को भगा देना या पत्थर मारकर उड़ा देना आमतौर पर अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें आप ख़तरे पर क़ाबू पाते हैं। परंपरा इसे किसी विरोधी को हराने या किसी बुरी आदत से छुटकारे का संकेत मानती है। पर बिना कारण पक्षी को मारना करुणा के विरुद्ध है, इसलिए ऐसे सपने के बाद जागकर पक्षियों को दाना डालना अच्छा उपाय है। जीव को मारने वाले सपनों पर शास्त्र का नियम सांप को मारने के सपने में विस्तार से है।

बहुत सारी चीलें या शिकारी पक्षियों का झुंड

एक साथ कई चीलें या गिद्ध मंडराते दिखें तो मन घबरा जाता है। ग्रंथों में मांसाहारी पक्षियों का झुंड बनाकर मंडराना सामूहिक भय के अद्भुत संकेतों में गिना गया है, और बृहत्संहिता उल्टी दिशा में मंडराने को भय-सूचक कहती है।[6] सपने में इसे परिवार या कार्यस्थल पर एक साथ आई कई छोटी चिंताओं के रूप में पढ़ें। अगर झुंड दूर चला जाए, तो चिंताएँ भी हटने का संकेत है। झुंड वाले दूसरे सपनों के लिए बहुत सारे सांप देखने वाला पेज भी उपयोगी है।

सफ़ेद, काली या भूरी चील: रंग का अर्थ

रंग से ग्रह जोड़कर पढ़ना परंपरा की पद्धति है। सफ़ेद पक्षी चंद्र और शुक्र से जुड़कर शांति और सुविधा का संकेत देता है, काला शनि से जुड़कर देरी या मेहनत का, और भूरा या धुएँ जैसा रंग केतु से जुड़कर अलगाव या आध्यात्मिक मोड़ का। ये जोड़ ग्रंथ के ग्रह-वर्ण नियम से निकले हैं, पर पक्षी के रंग का सीधा फल ग्रंथ में नहीं लिखा, इसलिए इन्हें संकेत की तरह लें। नौ ग्रहों के रंग और स्वभाव कुंडली के 9 ग्रह में दिए गए हैं।

बाज़ का शिकार पकड़ना

बाज़ को चूहे, मछली या किसी छोटे जीव को पकड़ते देखना अवसर को पहचानकर तुरंत पकड़ने की क्षमता का संकेत है। परंपरा इसे प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू या सौदे में सफलता का शुभ संकेत मानती है, ख़ासकर जब आप शिकार की तरफ़ नहीं, बाज़ की तरफ़ हों। अगर आप ख़ुद शिकार बनते दिखें, तो यह दबाव का संकेत है। परीक्षा और नौकरी से जुड़े सपनों का अर्थ परीक्षा, नौकरी और करियर के सपने पर पढ़ें।

गिद्ध, शनि और केतु: ग्रह का संबंध

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के ग्रह-स्वरूप वर्णन में शनि का वाहन गृध्र यानी गिद्ध बताया गया है[9], और केतु को गिद्ध पर विराजमान कहा गया है।[10] इसी आधार पर परंपरा शिकारी पक्षियों के सपने को शनि और केतु से जोड़ती है। अगर ऐसे सपने शनि या केतु की दशा में बार-बार आएँ, तो उन्हें गंभीरता से देखें। आपकी अभी कौन सी दशा चल रही है, यह मुफ़्त दशा कैलकुलेटर से जाना जा सकता है, और दशा का पूरा सिद्धांत महादशा की व्याख्या में है।

चील का सपना और पितृ संकेत: भ्रम दूर करें

कई लोग मानते हैं कि हर पक्षी का सपना पितरों का संदेश है। परंपरा में कौआ पितरों से जुड़ा माना जाता है, चील नहीं, और ग्रंथ में चील के सपने को सीधे पितृ दोष से नहीं जोड़ा गया। इसलिए केवल चील देखकर पितृ दोष मान लेना ठीक नहीं। अगर साथ में मृत परिजन, श्राद्ध या कौए भी दिखें, तब पितृ दोष की जाँच करें, जो मुफ़्त पितृ दोष कैलकुलेटर से हो जाती है। कौए का सपना अलग से पढ़ें।

सपना किस समय आया: फल कब मिलता है

स्वप्नाध्याय के अनुसार रात के पहले प्रहर का सपना एक वर्ष में, दूसरे का आठ महीने में और तीसरे का उसके आधे समय में फल देता है।[11] सुबह के समय का सपना सबसे जल्दी फल देने वाला माना गया है। इसलिए भोर में देखा गया ऊँचा उड़ता बाज़ जल्दी शुभ परिणाम का संकेत है, और आधी रात का डरावना हमला दूर का और हल्का। समय का पूरा नियम सपने का सही समय और ब्रह्म मुहूर्त में है।

एक ही रात में अच्छा और बुरा सपना

कई बार पहले सुंदर उड़ता बाज़ दिखता है और फिर वही हमला कर देता है। स्वप्नाध्याय का नियम है कि एक ही रात में बाद वाला सपना, शुभ हो या अशुभ, फल देता है।[12] इसलिए आख़िरी दृश्य को मुख्य मानें। अगर आख़िर में पक्षी शांत होकर उड़ गया, तो पूरा सपना शुभ पढ़ा जाएगा। उल्लू जैसे दूसरे रात्रिचर पक्षी साथ दिखें तो उल्लू का सपना भी देखें।

कुंडली में शनि या केतु कमज़ोर हो तो यह सपना कैसे पढ़ें

एक ही सपना अलग कुंडलियों में अलग फल देता है। अगर लग्न या चंद्र राशि पर शनि का दबाव है, या केतु छठे, आठवें या बारहवें भाव में है, तो चील और गिद्ध के सपने ज़्यादा आते हैं और उन्हें सावधानी के रूप में पढ़ा जाता है। अपनी मुफ़्त जन्म कुंडली बनाकर देखें कि ये ग्रह कहाँ हैं, और भावों का अर्थ कुंडली के 12 भाव से समझें। कमज़ोर ग्रहों की पहचान कमज़ोर ग्रह खोजने वाले टूल से भी हो सकती है।

स्वप्नाध्याय के अनुसार बुरे सपने की शांति

स्वप्नाध्याय कहता है कि विद्वानों को सामर्थ्य अनुसार दान, शांति और स्वस्त्ययन, तथा प्रातः पीपल की सेवा बुरे सपने का नाश करते हैं।[13] वहीं यह भी कहा गया है कि अशुभ सपने के बाद कोई नया काम शुरू करने से पहले शांति करनी चाहिए।[14] चील के हमले या छीनने वाले सपने के बाद अगली सुबह पीपल को जल दें और सामर्थ्य अनुसार दान करें। अपनी कुंडली के अनुसार निजी उपाय मुफ़्त उपाय कैलकुलेटर से मिल सकते हैं।

शनिवार का सरल उपाय

क्योंकि ग्रंथ शिकारी पक्षी को शनि और केतु से जोड़ते हैं, इसलिए ऐसे सपने के बाद शनिवार का उपाय उपयुक्त माना जाता है। शनिवार सुबह पक्षियों को सात तरह का अनाज डालें, पीपल पर जल चढ़ाएँ और किसी ज़रूरतमंद को काला तिल या सरसों का तेल दान करें। उपाय डर से नहीं, श्रद्धा से करें। पक्षियों को दाना डालने का महत्व कबूतर के सपने वाले पेज पर भी बताया गया है।

बार-बार चील दिखे तो क्या करें

एक बार का सपना संकेत है, बार-बार आने वाला सपना ध्यान देने की माँग है। अगर हफ़्तों तक चील या बाज़ का हमला दिखे, तो पहले देखें कि जीवन में कोई दबाव, क़र्ज़ या प्रतिस्पर्धा तो नहीं चल रही। लगातार डरावने सपने नींद और मन पर असर डालते हैं, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य और चंद्र, शनि, राहु वाला पेज पढ़ें, और ज़रूरत लगे तो डॉक्टर से बात करें। स्वास्थ्य के ज्योतिषीय पक्ष के लिए हेल्थ पेज देखें।

नौकरी, व्यापार और परीक्षा वालों के लिए बाज़ का सपना

नौकरी खोज रहे व्यक्ति के लिए ऊँचा उड़ता बाज़ अच्छे प्रस्ताव का संकेत है। व्यापारी के लिए शिकार पकड़ता बाज़ लाभदायक सौदे का, और विद्यार्थी के लिए दाहिनी ओर दिखा बाज़ परीक्षा में अच्छे परिणाम का। वहीं चील का कुछ छीन ले जाना व्यापार में धोखे से सावधान रहने को कहता है। धन के योग धन योग और वेल्थ प्रेडिक्शन में समझाए गए हैं, और धन से जुड़ी पूरी जानकारी वेल्थ पेज पर है।

गर्भवती महिला को चील दिखे तो

गर्भावस्था में मन संवेदनशील रहता है, इसलिए पक्षी के हमले जैसे सपने अधिक डराते हैं। ग्रंथ में ऐसा कोई नियम नहीं है कि चील का सपना गर्भ के लिए अशुभ हो, इसलिए घबराएँ नहीं। ऊँचा उड़ता पक्षी परंपरा में स्वस्थ और तेजस्वी संतान का संकेत भी माना जाता है। गर्भावस्था से जुड़े सपनों का पूरा अर्थ गर्भावस्था और बच्चे के सपने और गर्भ का सपना पर पढ़ें।

चील के सपने पर आम ग़लतफ़हमियाँ

पहली ग़लतफ़हमी यह कि चील हमेशा मृत्यु का संकेत है, जो ग्रंथ में कहीं नहीं लिखा। दूसरी यह कि चील और गिद्ध एक ही हैं, जबकि शास्त्र दोनों को अलग नाम देता है। तीसरी यह कि हर पक्षी पितरों का संदेश है। चौथी यह कि एक डरावना सपना तुरंत बड़ा नुकसान लाएगा, जबकि स्वप्नाध्याय समय और भाव देखकर पढ़ने को कहता है। जानवरों के सपनों पर अंग्रेज़ी में विस्तृत जानकारी animal dreams meaning में है।

अपने सपने की सटीक रीडिंग कैसे पाएँ

किसी भी सपने का सही अर्थ उसके दृश्य, समय, आपकी मनःस्थिति और कुंडली को साथ रखकर ही निकलता है। Trikaal Vaani की स्वप्न शास्त्र रीडिंग में आपका सपना अथर्वपरिशिष्ट के स्वप्नाध्याय और आपकी जन्म कुंडली दोनों से पढ़ा जाता है। यह पद्धति Rohiit Gupta ने तैयार की है। दिल्ली एनसीआर में व्यक्तिगत परामर्श के लिए दिल्ली के ज्योतिषी पेज देखें।

Apna Personalized Analysis Lein

Yeh article general framework hai. Aapke specific chart ke according detailed analysis ke liye:

शब्दावली · Glossary

श्येन
बाज़ के लिए संस्कृत शब्द। बृहत्संहिता में इसे दिन में विचरने वाला शिकारी पक्षी बताया गया है।
गृध्र
गिद्ध के लिए संस्कृत शब्द। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में यह शनि का वाहन है।
स्वप्नाध्याय
अथर्वपरिशिष्ट का 68वाँ अध्याय, जिसमें सपनों के फल, समय और शांति-कर्म का वर्णन है।
शकुन
पक्षी, पशु या घटना से भविष्य का संकेत पढ़ने की विद्या। बृहत्संहिता में इसके कई अध्याय हैं।
वामावर्त
घड़ी की उल्टी दिशा में घूमना। पक्षियों का इस दिशा में मंडराना भय-सूचक माना गया है।
प्रहर
दिन या रात का लगभग तीन घंटे का एक भाग।

ग्रंथ सन्दर्भ · Classical Sources

इस लेख के हर नियम का मूल स्रोत — ग्रंथ, अध्याय और श्लोक संख्या के साथ।

  1. [1]↑अथर्वपरिशिष्ट
    स्वप्नप्रकृतिभावं तु ज्ञात्वा तत्त्वं समादिशेत् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 1.55

    पहले स्वप्न की प्रकृति और भाव को जानकर ही उसका तत्त्व बताना चाहिए।

    Know the nature and mood of the dream first, and only then state its meaning.

  2. [2]↑अथर्वपरिशिष्ट
    येनयेनेन्द्रियार्थेन विद्धः स्वपिति मानवः । तस्यतस्येन्द्रियार्थस्य सुप्तः कर्माणि पश्यति ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 1.51

    मनुष्य जिस इंद्रिय-विषय में डूबा हुआ सोता है, सोने पर उसी के कर्म सपने में देखता है।

    Whatever sense-object a person is absorbed in when he falls asleep, he sees its workings in sleep.

  3. [3]↑अथर्वपरिशिष्ट
    काञ्चनं पश्यते यस् तु तथा स्त्रीं लभते नरः । उड्डीयमानान् विहगान् तथा पुष्करिणीगतान् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 2.27

    सोना देखना, उड़ते हुए पक्षी और कमल-सरोवर पर बैठे पक्षी शुभ स्वप्न-दृश्यों में गिने गए हैं।

    Seeing gold, birds flying up, and birds on a lotus pond are listed among the auspicious dream sights.

  4. [4]↑बृहत्संहिताबृहत्संहिता · Varahamihira
    श्यामाश्येनशशघ्नवञ्जुलशिखिश्रीकर्णचक्राह्वयाश् चाषाण्डीरकखञ्जरीटकशुकध्वांक्षाः कपोताः त्रयः । भारद्वाजकुलालकुक्कुटखरा हारीतगृध्रौ कपिः फेण्टः कुक्कुटपूर्णकूटचटकाः प्रोक्ता दिवासंचराः ।
    — बृहत्संहिता, अध्याय 87 · श्लोक 1

    श्येन (बाज़) और गृध्र (गिद्ध) को दिन में विचरने वाले पक्षियों में गिना गया है।

    The shyena (hawk) and the gridhra (vulture) are classed among the birds that move by day.

  5. [5]↑बृहत्संहिताबृहत्संहिता · Varahamihira
    स्त्रीसंज्ञा भासभषककपिश्रीकर्णधिक्कराः । शिखिश्रीकण्ठपिप्पीकरुरुश्येनाश् च दक्षिणाः॥
    — बृहत्संहिता, अध्याय 85 · श्लोक 38

    श्येन (बाज़) उन पक्षियों में है जो दाहिनी ओर दिखें तो अनुकूल माने गए हैं।

    The shyena (hawk) is among the birds that are favourable when seen on the right side.

  6. [6]↑बृहत्संहिताबृहत्संहिता · Varahamihira
    कुक्कुटरुतं प्रदोषे हेमन्तादौ च कोकिलालापाः । प्रतिलोममण्डलचराः श्येनाद्याश्चाम्बरे भयदाः ।
    — बृहत्संहिता, अध्याय 45 · श्लोक 68

    बाज़ आदि पक्षी आकाश में उल्टी दिशा (वामावर्त) में मंडराएँ तो भय के सूचक हैं।

    Hawks and similar birds circling the sky in an anti-clockwise ring are signs of fear.

  7. [7]↑बृहत्संहिताबृहत्संहिता · Varahamihira
    क्रव्यादकौशिककपोतककाककङ्कैः केतुस्थितैर्महदुशन्ति भयं नृपस्य । चाषेण चापि युवराजभयं वदन्ति श्येनो विलोचनभयं निपतन् करोति ।
    — बृहत्संहिता, अध्याय 42 · श्लोक 62

    ध्वज पर मांसाहारी पक्षी बैठें तो बड़ा भय, और बाज़ झपट्टा मारकर उतरे तो नेत्र-भय बताया गया है।

    Flesh-eating birds sitting on the royal standard signal great fear, and a hawk swooping down on it signals danger to the eyes.

  8. [8]↑अथर्वपरिशिष्ट
    गृहे यस्य पतेत् गृध्र उलूको वा कथं चन । कपोतस् प्रविशेत् च एव जीवा वा अरण्यसंभवास् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 67 · श्लोक 3.1

    घर में गिद्ध या उल्लू का आ गिरना, या कबूतर का घुस आना, उन अद्भुत संकेतों में गिना गया है जिनकी शांति बताई गई है।

    A vulture or an owl alighting in the house, or a pigeon entering it, is listed among omens that call for shanti.

  9. [9]↑बृहत् पाराशर होरा शास्त्रबृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् · Maharishi Parashara
    इन्द्रनीलद्युतिः शूली वरदो गृध्रवाहनः । वाणवाणासनधरो विज्ञेयोऽर्कसुतो द्विज
    — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 84 · श्लोक 11

    शनि का वाहन गृध्र यानी गिद्ध बताया गया है।

    Shani is described with the vulture (gridhra) as his vehicle.

  10. [10]↑बृहत् पाराशर होरा शास्त्रबृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् · Maharishi Parashara
    धूम्रा द्विबाहवः सर्वे गदिनो विकृताननाः । गृध्रासना नित्यं केतवः स्युर्वरप्रदा
    — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 84 · श्लोक 13

    केतु को धूम्र वर्ण और गिद्ध पर विराजमान बताया गया है।

    The Ketus are described as smoke-coloured and seated on vultures.

  11. [11]↑अथर्वपरिशिष्ट
    स्वप्नास् तु प्रथमे यामे संवत्सरविपाकिनः । द्वितीये ऽष्टसु मासेषु तृतीये तु तदर्धभाक् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 2.58

    रात के पहले प्रहर के सपने एक वर्ष में, दूसरे के आठ महीने में और तीसरे के उसके आधे समय में फल देते हैं।

    Dreams of the first watch of the night ripen within a year, of the second within eight months, of the third within half that.

  12. [12]↑अथर्वपरिशिष्ट
    शुभं दृष्ट्वा तु यः स्वप्ने पुनः पश्यत्य् अपूजितम् । शुभं वाप्य् अशुभं वापि यत् पश्चात् तत्फलं लभेत् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 2.57

    शुभ सपने के बाद उसी रात दूसरा सपना आए तो बाद वाला, शुभ हो या अशुभ, फल देता है।

    If a good dream is followed by another dream in the same night, the later one, good or bad, gives the result.

  13. [13]↑अथर्वपरिशिष्ट
    विप्रेभ्यः शक्तितो दानं शान्तिः स्वष्ट्ययनादयः । विनाशयन्ति दुःस्वप्नं प्रातश् चाश्वत्थसेवनम् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 2.60

    विद्वानों को सामर्थ्य अनुसार दान, शांति और स्वस्त्ययन, तथा प्रातः पीपल की सेवा बुरे सपने का नाश करते हैं।

    Charity to the learned according to capacity, shanti and svastyayana rites, and serving the peepal in the morning destroy a bad dream.

  14. [14]↑अथर्वपरिशिष्ट
    प्रशस्तस्वप्नतां दृष्ट्वा ततो यायान् नराधिपः । स्वप्नेषु वाप्रशस्त्रेषु ततः शान्तिं समारभेत् ॥
    — अथर्वपरिशिष्ट, अध्याय 68 — स्वप्नाध्यायः · श्लोक 3.8

    शुभ सपने देखकर आगे बढ़ें, पर अशुभ सपनों के बाद पहले शांति आरंभ करनी चाहिए।

    After seeing auspicious dreams one may proceed, but after inauspicious dreams one should first begin a shanti.

हर सन्दर्भ त्रिकाल वाणी ग्रंथ-पुस्तकालय या प्रतिष्ठित मुक्त स्रोत से मिलाया गया · व्याख्या: Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect

Frequently Asked Questions

सपने में चील देखना शुभ है या अशुभ?

ज़्यादातर हालात में यह शुभ या तटस्थ है। आसमान में शांति से ऊँचा उड़ती चील महत्वाकांक्षा और अवसर का संकेत है। हमला करना, कुछ छीन ले जाना, घर में आ बैठना और उल्टी दिशा में मंडराना सावधानी वाले दृश्य हैं।

सपने में बाज़ देखने का क्या मतलब है?

बाज़ को संस्कृत में श्येन कहा गया है। उड़ता या शिकार पकड़ता बाज़ अवसर को तुरंत पकड़ने, पद और नेतृत्व का संकेत है। बृहत्संहिता के अनुसार दाहिनी ओर दिखा बाज़ अनुकूल माना जाता है।

क्या चील और गिद्ध का सपना एक ही है?

नहीं। शास्त्र में बाज़ को श्येन और गिद्ध को गृध्र कहा गया है, दोनों अलग पक्षी हैं। चील के लिए परंपरा इन्हीं शिकारी पक्षियों के नियम सावधानी से लागू करती है।

सपने में चील का हमला करना क्या बताता है?

परंपरा में यह किसी विरोधी, प्रतिस्पर्धी या दबाव का संकेत है और मंगल से जुड़ा माना जाता है। अगर आपने पक्षी को भगा दिया, तो यह विरोध पर जीत का संकेत है।

चील का झपट्टा मारकर कुछ ले जाना क्या संकेत है?

बृहत्संहिता में बाज़ के झपट्टा मारकर उतरने को नेत्र-भय कहा गया है। परंपरा इसे अचानक नुकसान या किसी के द्वारा आपका हिस्सा छीनने की चेतावनी मानती है, इसलिए लेन-देन में सावधानी रखें।

आसमान में चील का चक्कर लगाना शुभ है या अशुभ?

दिशा पर निर्भर है। बृहत्संहिता के अनुसार उल्टी दिशा यानी वामावर्त में मंडराना भय-सूचक है। सीधी दिशा में शांत चक्कर साधारण है।

चील के सपने का किस ग्रह से संबंध है?

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में शनि का वाहन गिद्ध और केतु को गिद्ध पर विराजमान बताया गया है। इसलिए परंपरा शिकारी पक्षियों के सपने को शनि और केतु से जोड़ती है।

क्या चील का सपना पितरों का संदेश है?

ज़रूरी नहीं। परंपरा में कौआ पितरों से जुड़ा है, चील नहीं। अगर साथ में मृत परिजन या श्राद्ध के दृश्य हों, तभी पितृ दोष की जाँच करें।

चील का बुरा सपना आए तो क्या उपाय करें?

स्वप्नाध्याय के अनुसार सामर्थ्य अनुसार दान, शांति-पाठ और सुबह पीपल की सेवा बुरे सपने का असर मिटाते हैं। शनिवार को पक्षियों को अनाज डालना भी उपयुक्त है।

सुबह के समय चील का सपना कितना सच होता है?

स्वप्नाध्याय के अनुसार रात के बाद के प्रहर का सपना जल्दी फल देता है, और भोर का सपना सबसे जल्दी। पहले प्रहर का सपना एक वर्ष तक में फल देता है।

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