Kundali Milan - Free 36 Guna Matching & Vedic Compatibility
Kundali Milan is the Vedic compatibility analysis between two birth charts using the 36 Guna Ashtakoot system. Trikaal Vaani computes all 8 koots - Varna, Vashya, Tara, Yoni, Graha Maitri, Gana, Bhakoot, Nadi - plus Mangal Dosh, Nadi Dosh, and Bhakoot Dosh using Swiss Ephemeris precision and BPHS classical rules. Free preview, and a ₹51 full report — couple + parent versions with classical shlokas and 10 remedies.
Kundali Milan - Vedic Compatibility
36 Guna Ashtakoot . Mangal, Nadi, Bhakoot Dosh . Personalized remedies by Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect.
🌸 Bride (Vadhu) Details
Powered by Swiss Ephemeris. Ashtakoot from Muhurta Chintamani (Vivah Prakaran), upay from BPHS 84. Payments secured by Razorpay.
By Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect . trikalvaani.com . 🔱 Mahakaal Ka Ashirwad
Tier Comparison
What's Included
Free mein jhalak, ₹51 mein poora milan — couple aur parent dono ke liye.
Free Preview
Free
- +36 Guna score (numeric)
- +Dosha flags (yes/no)
- +Emotional teaser
- +No PDF download
Poora Milan
₹51
- +Aathon koot — ank aur granth ka shlok
- +Sanskrit shlok + Hindi arth (Muhurta Chintamani)
- +Nadi, Bhakoot, Gan dosh aur parihar
- +Dono ka Manglik vishleshan
- +Couple (Hinglish) + Parent (Hindi) version
- +10 upay · PDF download
The Eight Koots
36 Guna Ashtakoot Explained
The classical Ashtakoot system from Brihat Parashara Hora Shastra. Each koot measures one dimension of marriage compatibility. Maximum score: 36.
1. Varna
1 pointSpiritual evolution compatibility
2. Vashya
2 pointsMutual attraction and natural influence
3. Tara
3 pointsBirth-star (nakshatra) compatibility - health & well-being
4. Yoni
4 pointsSexual and intimate compatibility
5. Graha Maitri
5 pointsMental and intellectual compatibility
6. Gana
6 pointsTemperament - Deva, Manushya, Rakshasa
7. Bhakoot
7 pointsWealth, family, and progeny
8. Nadi
8 pointsHealth, progeny, and genetic compatibility
Beyond the 36 Guna, Trikaal also checks Mangal Dosh, Nadi Dosh, Bhakoot Dosh, Rajju Dosh, and Vedha Dosh with full BPHS classical cancellation rules applied.
नाम से कुंडली मिलान — क्या यह सच में काम करता है?
यह इस विषय का सबसे ज़्यादा खोजा जाने वाला सवाल है, और इसका ईमानदार जवाब वह नहीं है जो ज़्यादातर साइटें देती हैं। सिर्फ नाम से असली अष्टकूट मिलान नहीं हो सकता। कारण सीधा है: छत्तीसों गुण चंद्र नक्षत्र से निकलते हैं, और चंद्र नक्षत्र जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान के बिना निकाला ही नहीं जा सकता।
फिर नाम वाला तरीका चलता क्यों है? क्योंकि परंपरा में नाम नक्षत्र के पाद के अक्षर से रखा जाता था — हर नक्षत्र के चार पाद, हर पाद का एक निश्चित अक्षर, कुल 108। अगर नाम उसी परंपरा से रखा गया हो, तो पहला अक्षर नक्षत्र की ओर इशारा कर सकता है। पर यह उल्टी दिशा में चलना है, और कई अक्षर एक से अधिक नक्षत्रों में आते हैं — इसलिए जवाब एक नहीं, कई संभावनाएँ होती हैं।
और आज की सबसे बड़ी समस्या: अधिकांश आधुनिक नाम नक्षत्र देखकर रखे ही नहीं जाते। ऐसे नाम से नक्षत्र निकालने का कोई अर्थ नहीं बचता। इसलिए हमारा तरीका साफ है — हम नाम से गुण नहीं गिनते। अगर आपके पास जन्म समय नहीं है, तो हम यह कहेंगे, न कि एक बना हुआ आँकड़ा दे देंगे। अक्षर और नक्षत्र का पूरा संबंध नक्षत्र कैलकुलेटर पर देखा जा सकता है, जो नाम-अक्षर भी गणना करके देता है।
गुण मिलान कितने होने चाहिए — और 36/36 क्यों अच्छा संकेत नहीं है
प्रचलित नियम यह है: 18 से कम गुण — विवाह की सलाह नहीं; 18 से 24 — स्वीकार्य; 25 से 32 — बहुत अच्छा; 32 से ऊपर — उत्कृष्ट। यह सही है, पर अधूरा है, और अधूरा होना यहाँ महँगा पड़ता है।
पहली बात जो कम बताई जाती है: कुल अंक से ज़्यादा यह मायने रखता है कि अंक कहाँ से आए। नाड़ी कूट अकेले 8 अंक का है और भकूट 7 का — यानी इन दोनों से ही 15 अंक बनते हैं। कोई जोड़ी 20 गुण पा सकती है जिसमें नाड़ी के पूरे 8 हों, और दूसरी 22 पा सकती है जिसमें नाड़ी शून्य हो। दूसरी जोड़ी का अंक ज़्यादा है, पर स्थिति कमजोर है — क्योंकि नाड़ी दोष अष्टकूट का सबसे भारी दोष माना जाता है। सिर्फ कुल देखकर फैसला करना यही गलती है।
दूसरी बात, जो लगभग कोई नहीं कहता: 36 में से 36 आना आदर्श नहीं, बल्कि सोचने की बात है। पूर्ण अंक का अर्थ है दोनों कुंडलियाँ लगभग एक जैसी हैं — वही स्वभाव, वही प्रवृत्ति, वही कमज़ोरियाँ। परंपरा में विवाह को पूरकता माना गया है, समानता नहीं; और व्यवहार में 36/36 वाली जोड़ियाँ अक्सर एक ही दिशा में गलती करती हैं क्योंकि दोनों में से कोई दूसरे को संतुलित नहीं कर पाता। 28 से 32 अंक, जिसमें नाड़ी और भकूट साफ हों, व्यवहार में सबसे टिकाऊ माने जाते हैं। पूरा विभाजन 36 गुण मिलान समझाया गया में है।
Kundli Match Kaise Kare — पूरी विधि, चरण दर चरण
पहला कदम — दोनों के जन्म विवरण जुटाइए। दोनों की जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान। समय पर इतना ज़ोर इसलिए है क्योंकि चंद्रमा एक नक्षत्र लगभग सवा दिन में और एक पाद लगभग छह घंटे में पार करता है — कुछ घंटों की गलती नक्षत्र बदल देती है, और नक्षत्र बदलते ही आठों कूट के अंक बदल जाते हैं। जन्म समय अस्पताल के रिकॉर्ड या जन्म प्रमाणपत्र से लीजिए।
दूसरा कदम — अष्टकूट। आठ कूट, कुल 36 अंक: वर्ण (1), वश्य (2), तारा (3), योनि (4), ग्रह मैत्री (5), गण (6), भकूट (7), नाड़ी (8)। ऊपर वाला टूल ये आठों गिनता है और हर कूट का अंक अलग दिखाता है — केवल कुल नहीं, क्योंकि जैसा ऊपर कहा, कुल अकेला भ्रामक है।
तीसरा कदम, और यही वह है जो अष्टकूट से बाहर है: दोनों की कुंडलियों में मांगलिक दोष, सप्तम भाव और उसका स्वामी, और नवमांश (D-9) का आपसी मिलान। अष्टकूट केवल चंद्र नक्षत्र पर आधारित है — वह पूरी कुंडली नहीं देखता। इसीलिए 30 गुण वाली जोड़ी में भी एक तरफ प्रबल मांगलिक दोष हो सकता है, और अष्टकूट उसे पकड़ेगा ही नहीं। इसीलिए हमारी ₹51 रिपोर्ट में दोनों का मांगलिक विश्लेषण अलग से दिया जाता है; सप्तम भाव और नवमांश के लिए व्यक्तिगत परामर्श सबसे सही है।
अष्टकूट के आठ कूट — कौन सा कितना भारी
आठों कूट बराबर नहीं हैं, और यही बात निर्णय बदल देती है। भार इस क्रम में है: नाड़ी 8, भकूट 7, गण 6, ग्रह मैत्री 5, योनि 4, तारा 3, वश्य 2, वर्ण 1।
नाड़ी (8 अंक) — तीन नाड़ी होती हैं: आदि, मध्य, अंत्य। दोनों की नाड़ी एक होने पर शून्य अंक मिलते हैं और इसे नाड़ी दोष कहा जाता है; परंपरा में इसे संतान और स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है। पर एक ज़रूरी छूट भी शास्त्र में ही है: यदि दोनों का जन्म नक्षत्र एक ही हो पर पाद अलग हों, या दोनों की राशि एक हो, तो नाड़ी दोष निष्प्रभावी माना जाता है। यह छूट अक्सर छिपा ली जाती है क्योंकि दोष बताकर उपाय बेचना आसान है — विस्तार नाड़ी दोष के उपाय में है।
भकूट (7 अंक) — दोनों की चंद्र राशियों के बीच की दूरी। 6-8, 9-5 और 2-12 की स्थिति में शून्य अंक मिलते हैं। यहाँ भी शास्त्रीय छूट है: दोनों राशियों के स्वामी एक ही हों या आपस में मित्र हों, तो भकूट दोष रद्द माना जाता है — भकूट दोष समझाया गया देखिए। बाकी कूट — गण (स्वभाव: देव, मनुष्य, राक्षस), ग्रह मैत्री (राशि स्वामियों की मित्रता), योनि (प्राकृतिक अनुकूलता), तारा (जन्म नक्षत्र से गिनती), वश्य और वर्ण — कम भार के हैं और अकेले किसी विवाह को रोकने का आधार नहीं माने जाते।
मांगलिक और गैर-मांगलिक विवाह — अष्टकूट यह नहीं पकड़ता
यह सबसे ज़रूरी चेतावनी है और इसे साफ कहना चाहिए: 36 गुण मिलान मांगलिक दोष नहीं देखता। अष्टकूट पूरी तरह चंद्र नक्षत्र पर आधारित है; मांगलिक दोष मंगल की भाव-स्थिति से बनता है। इसलिए 30 गुण वाली जोड़ी में भी एक तरफ प्रबल मांगलिक दोष हो सकता है, और गुण-पत्रक उसका कोई ज़िक्र नहीं करेगा।
शास्त्रीय स्थिति यह है: मंगल का पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में होना मांगलिक माना जाता है। पर दोष की तीव्रता बहुत अलग-अलग होती है — और यहीं सबसे ज़्यादा डर बेचा जाता है। कई शास्त्रीय अपवाद हैं: मंगल का अपनी या उच्च राशि में होना, गुरु की दृष्टि, और सबसे आम — यदि दोनों पक्ष मांगलिक हों तो दोष परस्पर निरस्त माना जाता है। मिथक और सच का अलगाव मांगलिक मिथक में है, और मांगलिक और गैर-मांगलिक विवाह उसी सवाल को सीधे लेता है।
व्यावहारिक सलाह: मिलान से पहले दोनों का मांगलिक स्टेटस अलग से जाँच लीजिए — मांगलिक दोष कैलकुलेटर मुफ्त है और दो मिनट लेता है। अगर दोष निकले तो घबराइए नहीं; मैं मांगलिक हूँ — अब क्या करूँ में शास्त्रीय अपवाद और वास्तविक उपाय दोनों दिए हैं। सप्तम भाव में मंगल की विशेष स्थिति सातवें भाव में मंगल दोष में अलग से है।
कुंडली मिलान ऑनलाइन फ्री — और "फ्री" में क्या मिलता है
मुफ्त में क्या मिलता है: आठों कूट के अलग-अलग अंक, कुल 36 में से स्कोर, नाड़ी और भकूट की स्थिति, और सीधा निष्कर्ष। इसके लिए न साइनअप चाहिए, न कार्ड। गणना स्विस एफेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से होती है — वही मानक जो पेशेवर सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं।
₹51 में क्या मिलता है: आठों कूट के मूल संस्कृत श्लोक (मुहूर्त चिन्तामणि, विवाह प्रकरण) और उनका हिन्दी अर्थ, नाड़ी-भकूट-गण दोष और ग्रन्थ का परिहार, दोनों का मांगलिक विश्लेषण, युगल के लिए हिंग्लिश और माता-पिता के लिए शुद्ध हिन्दी संस्करण, और 10 उपाय। सप्तम भाव और नवमांश (D-9) का मिलान अष्टकूट से बाहर है — उसके लिए व्यक्तिगत परामर्श सबसे सही है।
और एक बात जो हम नहीं करते: कोई घबराहट पैदा करने वाला संदेश, कोई "आपकी कुंडली में गंभीर दोष है" वाला डर, कोई उलटी गिनती। अगर मिलान कमजोर है तो परिणाम सीधा कहता है कि कमजोर है — और साथ में यह भी कि कौन सा कूट कमजोर है और कोई शास्त्रीय छूट लागू होती है या नहीं। पूरी कीमत सूची प्राइसिंग पेज पर है।
शादी कब होगी — मिलान से यह पता नहीं चलता
बहुत से लोग मिलान इसी उम्मीद से करते हैं, इसलिए साफ कर देना ज़रूरी है: अष्टकूट समय नहीं बताता। वह सिर्फ यह बताता है कि दो लोगों की अनुकूलता कैसी है। *कब* का जवाब बिल्कुल अलग जगह से आता है — चल रही महादशा और अंतर्दशा, सप्तमेश की स्थिति, और गोचर।
परंपरा में विवाह से सबसे ज़्यादा जुड़ी दशाएँ हैं शुक्र (विवाह का नैसर्गिक कारक), सप्तमेश की दशा, और गुरु का सप्तम भाव या चंद्र से गोचर। अपनी चल रही दशा दशा कैलकुलेटर से मुफ्त देखी जा सकती है, और शुक्र की अंतर्दशा का विवाह से संबंध शुक्र अंतर्दशा और विवाह योग में है।
अगर विवाह में देरी हो रही है, तो कारण अक्सर तीन में से एक होता है — और तीनों जाँचे जा सकते हैं: कमजोर सप्तम भाव (सप्तम भाव कमजोर होने के 11 लक्षण), पितृ दोष (पितृ दोष और विवाह में देरी), या दशा का अनुकूल न होना (विवाह में देरी क्यों)। और जब जोड़ी तय हो जाए, तब विवाह की शुभ तिथि के लिए विवाह मुहूर्त अलग औज़ार है।
गुण कम आए — रिश्ता तोड़ दें?
सबसे पहले वह बात जो सबसे ज़्यादा राहत देती है और सबसे कम कही जाती है: अष्टकूट कभी भी अकेला निर्णायक नहीं माना गया। शास्त्र में यह छानबीन का पहला औज़ार है, अंतिम फैसला नहीं। जो लोग सिर्फ 16 या 17 गुण देखकर अच्छा रिश्ता छोड़ देते हैं, वे शास्त्र नहीं मान रहे — वे एक अधूरा आँकड़ा मान रहे हैं।
कम अंक आने पर तीन चीजें क्रम से देखिए। पहला — कौन सा कूट खाली है? अगर वर्ण, वश्य या तारा से अंक कटे हैं तो कुल मिलाकर 6 अंक का मामला है और परंपरा में इसे गंभीर नहीं माना जाता। अगर नाड़ी या भकूट से कटे हैं, तब देखने लायक है। दूसरा — क्या कोई शास्त्रीय छूट लागू होती है? नाड़ी और भकूट, दोनों की स्पष्ट छूटें ऊपर बताई गई हैं, और वे बहुत सी जोड़ियों पर लागू होती हैं। तीसरा — पूरी कुंडली क्या कहती है? मांगलिक स्थिति, सप्तम भाव और नवमांश — ये तीनों अष्टकूट से बाहर हैं और अक्सर तस्वीर बदल देते हैं।
और अंत में एक बात जो एक ईमानदार ज्योतिषी को कहनी चाहिए: कुंडली मिलान चरित्र नहीं जाँच सकता। वह यह नहीं बताएगा कि सामने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है, सम्मान देता है, या उसकी आदतें कैसी हैं। 36 गुण वाली जोड़ी में भी वे सवाल आपको खुद पूछने हैं। मिलान अनुकूलता का एक स्तर बताता है — जीवन उसी से नहीं चलता।
कुंडली मिलान क्या नहीं बता सकता
यह सूची इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इन्हीं जगहों पर सबसे ज़्यादा डर और सबसे महँगे उपाय बेचे जाते हैं। मिलान से नहीं निकाला जा सकता: तलाक की भविष्यवाणी, विवाह की तारीख, संतान की संख्या, या जीवनसाथी का चरित्र और नीयत।
खासकर तलाक पर साफ कहना ज़रूरी है। कम गुण तलाक का संकेत नहीं हैं, और कोई शास्त्रीय नियम ऐसा कहता भी नहीं। भारत में बहुत सी लंबी और स्थिर शादियाँ 18 से कम गुण पर हुई हैं, और बहुत सी 30+ वाली टूटी हैं। जो कोई गुण-पत्रक देखकर तलाक की बात करे, वह डर बेच रहा है।
और उपायों पर: अगर कोई दोष निकलता है, तो शास्त्रीय उपाय सरल होते हैं — मंत्र, दान, व्रत, या कुछ स्थितियों में विवाह का समय बदलना। कुंभ विवाह जैसे बड़े और महँगे अनुष्ठान अधिकांश मामलों में आवश्यक नहीं होते, और उन्हें हर मांगलिक कुंडली पर थोप देना परंपरा नहीं, बाज़ार है। हमारी किसी भी रीडिंग के बाद कोई पूजा, रत्न या फॉलो-अप सिटिंग नहीं बेची जाती।
राशि अनुसार जोड़ी — और यह अष्टकूट से अलग क्यों है
राशि मिलान और गुण मिलान एक चीज़ नहीं हैं, और इन्हें मिला देना आम गलती है। राशि अनुकूलता 12 चंद्र राशियों के आपसी स्वभाव पर आधारित है — तत्व, स्वामी ग्रह और परस्पर मित्रता। अष्टकूट 27 नक्षत्रों पर आधारित है, जो ढाई गुना बारीक है। इसलिए राशि से मिली अनुकूलता एक मोटा संकेत है, अंतिम उत्तर नहीं।
फिर राशि जोड़ी देखना उपयोगी कब है? जब जन्म समय उपलब्ध न हो। केवल जन्म तिथि से चंद्र राशि लगभग सही निकल आती है, जबकि नक्षत्र और पाद के लिए समय चाहिए। ऐसी स्थिति में राशि जोड़ी शुरुआती छानबीन के लिए ठीक है — पर उस पर विवाह का फैसला नहीं लिया जाता।
हमारे पास सभी 144 राशि जोड़ियों के अलग पेज हैं, हर एक में उस जोड़ी का स्वभाव, ताकत और घर्षण-बिंदु। कुछ उदाहरण नीचे दिए हैं, और असली अंक के लिए ऊपर वाला अष्टकूट टूल चलाइए — क्योंकि वही 36 गुण गिनता है।
विवाह ज्योतिष — पूरा गाइड
मिलान से पहले या बाद में — हर सवाल पर अलग विस्तृत लेख। सबसे पहले नाड़ी और मांगलिक वाले पढ़िए, क्योंकि वही दो सबसे ज़्यादा फैसले बदलते हैं।
Common Questions
Frequently Asked Questions
What is Kundali Milan?
Kundali Milan is the Vedic compatibility analysis between two birth charts using the 36 Guna Ashtakoot system. It computes all 8 koots - Varna, Vashya, Tara, Yoni, Graha Maitri, Gana, Bhakoot, Nadi - plus Mangal Dosh, Nadi Dosh, and Bhakoot Dosh to determine marriage compatibility.
What is a good Guna score for marriage?
A Guna score of 18 or above out of 36 is traditionally considered acceptable for marriage. Scores of 24-36 indicate excellent compatibility. Below 18 suggests significant differences but does not necessarily mean the marriage will fail - many couples with low scores have successful marriages with proper remedies.
Can we marry with Mangal Dosh?
Yes, Mangal Dosh marriages are common and successful. The dosh is neutralized when both partners are Manglik, or when classical exception rules apply (Mars in own sign, certain aspects, after age 28). Trikaal Vaani applies all BPHS cancellation rules during analysis.
What if Nadi Dosh is present?
Nadi Dosh occurs when both partners share the same Nadi (Aadi, Madhya, or Antya). It traditionally indicates health and progeny concerns. However, multiple cancellation rules exist - same rashi but different nakshatra, same nakshatra but different padas. Remedies for the doshas actually found are part of the ₹51 report.
How does Trikaal Vaani Kundali Milan work?
Enter both partners birth details (date, time, place). Trikaal computes both kundalis using Swiss Ephemeris precision, then matches all 8 Ashtakoot koots, checks Mangal, Nadi, and Bhakoot Dosh, and generates a personalized report. The ₹51 report includes both a couple version and a parent version.
What do I get in the ₹51 Kundali Milan report?
The ₹51 report covers all 8 Ashtakoot koots with their classical shlokas from Muhurta Chintamani (Vivah Prakaran) in Sanskrit with Hindi meaning, Nadi, Bhakoot and Gana dosh with the parihar the granth gives, Manglik analysis for both partners, a Hinglish version for the couple and a Hindi version for the parents, 10 remedies, and a PDF.
Can I get the Kundali Milan report in Hindi?
Yes. Trikal Vaani offers three language options - Hinglish (Hindi-English mix, default for couples), Pure Hindi (for parent/family version, Sanskrit shloka references included), and English. Choose during the form fill before payment.
Is online Kundali Milan reliable?
Trikaal Vaani uses the same Swiss Ephemeris engine used by professional astrologers worldwide, validated against Brihat Parashara Hora Shastra (BPHS) classical sutras. Every reading framework is designed by Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect with 15+ years of Vedic study under the Parashara tradition.
What remedies are provided for low Guna score?
The ₹51 report gives 10 remedies based on the doshas actually found in the two charts — mantra, daan, vrat and puja guidance — along with the daan that Muhurta Chintamani itself prescribes, and the parihar conditions under which a dosh is cancelled.
Who is Rohiit Gupta?
Rohiit Gupta is the Chief Vedic Architect and founder of Trikaal Vaani. He has 15+ years of Vedic astrology study under the Parashara BPHS tradition, is based in India, and personally designs every Kundali Milan reading framework that Trikaal AI applies to your charts.
Reading Framework Designed By
Rohiit Gupta - Chief Vedic Architect
15+ years of Vedic study under the Parashara BPHS tradition. Founder of Trikaal Vaani. India-based Vedic astrologer accountable for every Kundali Milan reading framework that Trikaal AI applies to your charts. Read full credentials ->
Apni Jodi Ka Sach Janein
36 Guna score, Mangal aur Nadi Dosh check — free mein, 60 second ke andar.
🔱 Free Milan Shuru Karein ↑Free preview · No card required · Swiss Ephemeris + BPHS