चेन्नई में धनतेरस
त्रिकाल संदेश — सीधा उत्तर
इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी का दिन है और शाम के समय प्रदोष काल में इसकी पूजा की जाती है। इस दिन पारंपरिक रूप से नई चीजें खरीदना और शाम को घर के बाहर दीया जलाना मुख्य माना जाता है। पूजा का सटीक समय ऊपर टेबल में दिया गया है।
🕐 चेन्नई के लिए धनतेरस का समय
| सूर्योदय की तिथि | Dwadashi (Krishna Paksha) — 10:31 तक |
| पर्व की तिथि | Trayodashi 10:31 से |
| नक्षत्र | Hasta, पाद 1 — 04:43 (07 Nov) तक |
| योग · करण | Vishkambha · Taitila |
| पूजा मुहूर्त | 17:37-20:07 (प्रदोष) |
| अभिजित मुहूर्त | 11:29-12:15 |
| राहुकाल | 10:25-11:52 |
| यमगंड · गुलिक | 14:44-16:10 · 07:33-08:59 |
| सूर्योदय · सूर्यास्त | 06:07 · 17:37 |
चेन्नई (13.0827, 80.2707) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से गणना। पाँचों अंग स्थानीय सूर्योदय पर।
✅ धनतेरस पर क्या करें
- पूजा की जगह को अच्छे से साफ करें और एक चौकी लगाएं।
- चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर पूजा की तैयारी करें।
- ऊपर दिए गए मुहूर्त के अनुसार पूजा का समय तय करें।
- एक नया दीया लें और उसमें तेल या घी डालें।
- रोली, चावल और फूल जैसी बेसिक पूजा सामग्री पास रख लें।
- जो भी नई चीज खरीदी है, उसे पूजा में रखें।
- पूजा के बाद घर के बाहर मुख्य द्वार पर दीया जलाएं।
📜 यह तारीख कैसे तय हुई
Trayodashi pervades pradosh kaal on one day only (100% of the window). Trayodashi pervading pradosh; the evening puja governs the choice. Amanta (South and West India): The same day. Kartik Krishna Trayodashi in purnimanta reckoning is Ashwin Krishna Trayodashi in amanta.
त्रिकाल वाणी द्वारा स्विस एफ़ेमेरिस और शास्त्रीय निर्णय नियमों से गणना — निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु, और कैलेंडर रिफ़ॉर्म कमेटी की रिपोर्ट। किसी अन्य पंचांग से नकल नहीं।
🕐 भारत भर में धनतेरस का समय
| शहर | सूर्योदय | अभिजित मुहूर्त | राहुकाल |
|---|---|---|---|
| चेन्नई | 06:07 | 11:29-12:15 | 10:25-11:52 |
| दिल्ली एनसीआर | 06:40 | 11:42-12:25 | 10:43-12:04 |
| मुंबई | 06:44 | 11:59-12:44 | 10:57-12:21 |
| नोएडा | 06:39 | 11:41-12:25 | 10:42-12:03 |
| गुरुग्राम | 06:41 | 11:43-12:26 | 10:44-12:05 |
| बेंगलुरु | 06:18 | 11:40-12:26 | 10:36-12:03 |
| हैदराबाद | 06:20 | 11:36-12:21 | 10:34-11:59 |
| पुणे | 06:40 | 11:55-12:40 | 10:53-12:18 |
| कोलकाता | 05:47 | 10:57-11:41 | 09:56-11:19 |
| अहमदाबाद | 06:51 | 12:00-12:45 | 11:00-12:23 |
धनतेरस क्यों मनाया जाता है
🪔 धनतेरस पूजा विधि
- सफाई और तैयारी — पूजा शुरू करने से पहले घर और खासकर पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें।
- चौकी लगाना — एक साफ चौकी लें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
- सामग्री रखना — पूजा की सारी सामग्री जैसे रोली, चावल, फूल और दीया चौकी के पास रख लें।
- नई वस्तु को शामिल करना — धनतेरस पर आपने जो भी नई चीज खरीदी है, उसे भी चौकी पर रखें।
- जल छिड़कना — थोड़ा सा साफ जल लेकर पूजा की जगह और सामग्री पर छिड़कें ताकि सब कुछ शुद्ध हो जाए।
- दीपक जलाना — पूजा शुरू करने के लिए घी या तेल का दीपक जलाएं। मुहूर्त का समय ऊपर टेबल में देख लें।
- तिलक करना — खरीदी गई नई वस्तु और पूजा में रखी अन्य चीजों पर रोली और चावल से तिलक करें।
- फूल अर्पित करना — श्रद्धा के साथ ताजे फूल चढ़ाएं और हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।
- प्रसाद चढ़ाना — जो भी मिठाई या फल आपने पूजा के लिए मंगाए हैं, उन्हें प्रसाद के रूप में चढ़ाएं।
- मुख्य द्वार पर दीया — पूजा पूरी होने के बाद एक बड़ा दीया घर के मुख्य दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके रखें।
⚡ 5-मिनट विधि
- पूजा की जगह को साफ करके वहां एक दीपक जलाएं।
- धनतेरस पर खरीदी गई नई वस्तु को पूजा के स्थान पर रखें।
- नई वस्तु पर रोली और चावल का तिलक लगाएं।
- हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और प्रसाद चढ़ाएं।
- शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे के बाहर एक दीया जरूर जलाएं।
🛒 धनतेरस पूजा सामग्री
आवश्यक
- रोली
- चावल (अक्षत)
- दीपक
- रुई की बत्ती
- तेल या घी
- ताजे फूल
- मिठाई या फल
वैकल्पिक
- धनतेरस पर खरीदी गई नई वस्तु
- गंगाजल
- कपूर
- सुपारी
- पान के पत्ते
अगर कुछ उपलब्ध न हो
- if गंगाजल is unavailable, साफ पीने का पानी is traditionally accepted
- if ताजे फूल is unavailable, सूखे फूल या सिर्फ अक्षत is traditionally accepted
- if मिठाई is unavailable, शक्कर या गुड़ is traditionally accepted
❓ धनतेरस: क्या करें और क्या न करें
क्या धनतेरस पर बाल धो सकते हैं?
पारंपरिक रूप से लोग त्योहार वाले दिन बाल धोने से बचते हैं और एक दिन पहले ही बाल धो लेते हैं। हालांकि, अगर बहुत जरूरी हो तो आप सादे पानी से बाल धो सकते हैं।
क्या धनतेरस के दिन नाखून काट सकते हैं?
त्योहार के दिन नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता है। बेहतर होगा कि आप यह काम त्योहार से एक या दो दिन पहले ही कर लें।
क्या धनतेरस पर नमक खा सकते हैं?
धनतेरस पर आमतौर पर कोई व्रत नहीं होता, इसलिए आप सामान्य भोजन कर सकते हैं। इस दिन नमक खाने में कोई मनाही नहीं है।
क्या इस दिन नया काम शुरू कर सकते हैं?
यह दिन बुध ग्रह से जुड़ा है जो व्यापार और बुद्धि का कारक है। इसलिए कोई भी नया काम या व्यापार शुरू करने के लिए इसे बहुत अच्छा माना जाता है।
क्या धनतेरस पर यात्रा कर सकते हैं?
छोटी यात्राओं में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पारंपरिक रूप से लोग त्योहार के दिन घर पर रहकर शाम की पूजा करना ज्यादा पसंद करते हैं।
क्या धनतेरस पर लोहे का सामान खरीद सकते हैं?
कई परिवारों में धनतेरस के दिन लोहा खरीदना अच्छा नहीं माना जाता। इसके बजाय लोग पीतल, तांबा या चांदी खरीदना पसंद करते हैं।
क्या पूजा के बाद खाना खा सकते हैं?
जी हां, पूजा पूरी होने के बाद आप अपना सामान्य भोजन कर सकते हैं। इसमें कोई भी रोक-टोक नहीं है।
क्या धनतेरस की पूजा दिन में कर सकते हैं?
धनतेरस की पूजा मुख्य रूप से शाम के समय प्रदोष काल में ही की जाती है। दिन में पूजा करना पारंपरिक रूप से सही नहीं माना जाता है।
क्या इस दिन उधार लेन-देन कर सकते हैं?
धनतेरस के दिन किसी को पैसे उधार देना या किसी से उधार लेना अच्छा नहीं माना जाता। कोशिश करें कि इस दिन केवल नकद लेन-देन ही करें।
क्या धनतेरस पर पुराने बर्तन बदल सकते हैं?
हां, कई लोग इस दिन पुराने बर्तन देकर नए बर्तन खरीदते हैं। यह एक बहुत ही आम और स्वीकृत परंपरा है।
क्या धनतेरस पर काले कपड़े पहन सकते हैं?
पूजा के समय काले कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। आप लाल, पीले या किसी भी हल्के रंग के कपड़े पहन सकते हैं।
क्या घर के बाहर दीया रात भर जलना चाहिए?
परंपरा के अनुसार मुख्य द्वार पर रखा दीया कुछ घंटों तक जलना चाहिए। अगर वह रात भर जलता रहे तो और भी अच्छा माना जाता है।
क्या इस दिन झाड़ू खरीदना जरूरी है?
बहुत से लोग इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ मानते हैं। इसे सफाई और घर में सकारात्मकता लाने का प्रतीक माना जाता है।
⚠️ आम गलतियाँ
- शाम के प्रदोष काल को छोड़कर दिन के समय पूजा करना पूजा को अधूरा बना सकता है।
- घर के मुख्य द्वार पर दीया न जलाना एक आम भूल है, जिससे परंपरा पूरी नहीं होती।
- पूजा के समय खरीदी गई नई वस्तु को शामिल न करने से अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।
- दीये की बत्ती का मुंह दक्षिण दिशा की बजाय किसी और दिशा में रखना सही नहीं माना जाता।
- पूजा की जगह की ठीक से सफाई न करना पूजा की तैयारी को अधूरा छोड़ देता है।
- मुहूर्त का ध्यान रखे बिना किसी भी समय पूजा शुरू कर देना एक गलती मानी जाती है।
- पूजा के तुरंत बाद दीये को अपनी जगह से हटा देना अनुष्ठान को अपूर्ण कर सकता है।
📖 धनतेरस कथा
🪔 आरती
धनतेरस की पूजा के अंत में आरती की जाती है। जब आप अपनी सारी पूजा पूरी कर लें और नई खरीदी गई चीजों पर तिलक लगा लें, तब परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर आरती करें। आरती के लिए एक थाली में घी का दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ इसे घुमाएं। आरती पूरी होने के बाद उस दीपक की गर्माहट को अपने हाथों से आंखों पर लगाएं और फिर पूरे घर में उस रोशनी को दिखाएं।
🔮 आपकी समस्या के अनुसार धनतेरस के उपाय
धन और आर्थिक समस्या (Money)
धनतेरस के दिन बुध ग्रह के प्रभाव को मजबूत करने के लिए एक हरे रंग के कपड़े में कुछ सिक्के बांधकर अपनी तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर रखें। बुध व्यापार और धन का कारक है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिरता लाने और बेवजह के खर्चों को रोकने में मदद कर सकता है।
करियर और नौकरी (Career)
अगर करियर में रुकावट आ रही है, तो इस दिन अपने काम से जुड़ी कोई नई चीज खरीदें, जैसे पेन या डायरी। बुध ग्रह संचार और बुद्धि का स्वामी है। इस नई चीज को पूजा में रखकर फिर इस्तेमाल करने से कार्यक्षेत्र में आपके फैसले सही साबित होते हैं और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
विवाह और रिश्ते (Marriage)
रिश्तों में आपसी समझ बढ़ाने के लिए धनतेरस की शाम को पूजा के समय एक पीतल का छोटा बर्तन खरीदें। बुध ग्रह हमारी बातचीत और संवाद को नियंत्रित करता है। इस बर्तन में मिठाई रखकर परिवार के साथ बांटने से रिश्तों में मिठास आती है और आपसी गलतफहमियां दूर होने लगती हैं।
बच्चों की शिक्षा (Children)
बुध ग्रह सीधे तौर पर हमारी बुद्धि और सीखने की क्षमता से जुड़ा है। बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए धनतेरस के दिन उन्हें पढ़ाई से जुड़ी कोई नई चीज (जैसे किताबें) उपहार में दें। इसे पहले शाम की पूजा में रखें, इससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगने लगता है।
घर की शांति (Home)
घर में शांति बनाए रखने के लिए त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल में घर के मुख्य द्वार पर एक बड़ा दीया जलाएं। बुध ग्रह संतुलन का भी प्रतीक है। यह दीया घर के अंदर आने वाली ऊर्जा को संतुलित करता है और परिवार के सदस्यों के बीच के तनाव को कम करने में मदद करता है।
नकारात्मकता दूर करना (Negativity)
अगर आपको लगता है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा है, तो धनतेरस की शाम को घर के हर कोने में छोटे-छोटे दीये जलाएं। बुध ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा और त्रयोदशी तिथि का शुभ समय मिलकर घर से हर तरह की निराशा और भारीपन को दूर करते हैं, जिससे घर का माहौल हल्का होता है।
क्या धनतेरस आपके लिए विशेष है?
चेन्नई में धनतेरस — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धनतेरस 2026 में कब है?
इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी का दिन होता है, जब शाम के समय पूजा की जाती है। हमारी गणना के अनुसार यह तिथि पूरे प्रदोष काल में व्याप्त रहेगी, जो इसे बहुत शुभ बनाता है। आप इस दिन पूरे उत्साह के साथ त्योहार मना सकते हैं।
धनतेरस की पूजा का सही समय (muhurat) क्या है?
धनतेरस की पूजा हमेशा शाम के समय प्रदोष काल में की जाती है। आपके शहर के हिसाब से पूजा का सटीक मुहूर्त और समय ऊपर टेबल में दिया गया है। आप उस समय को देखकर अपनी पूजा की तैयारी कर सकते हैं, ताकि कोई गलती न हो।
क्या मेरे शहर में पूजा का समय अलग होगा?
हां, हर शहर में सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए प्रदोष काल भी अलग-अलग समय पर शुरू होता है। इसी वजह से त्रिकाल वाणी का इंजन आपके शहर के अनुसार लाइव समय दिखाता है। आपको अपने शहर के लिए ऊपर दिए गए समय का ही पालन करना चाहिए।
धनतेरस के दिन मुख्य रूप से क्या करना चाहिए?
इस दिन नई चीजें खरीदना, खासकर बर्तन या धातु का सामान, बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे के बाहर दीया जलाना सबसे जरूरी परंपरा है। यह दीया दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके रखा जाता है, जिससे घर में शांति आती है।
क्या धनतेरस पर कोई व्रत रखा जाता है?
पारंपरिक रूप से धनतेरस के दिन कोई कठिन व्रत या उपवास नहीं रखा जाता है। लोग इस दिन सामान्य रूप से सात्विक भोजन करते हैं और शाम को पूजा करते हैं। इसलिए इस दिन व्रत खोलने या पारण जैसी कोई खास विधि नहीं होती। आप अपनी दिनचर्या के अनुसार भोजन कर सकते हैं।
धनतेरस की पूजा में क्या-क्या सामग्री चाहिए?
पूजा के लिए आपको रोली, चावल, ताजे फूल, एक नया दीया, रुई की बत्ती और तेल या घी की जरूरत होगी। इसके साथ ही आपने जो भी नई चीज खरीदी है, उसे भी पूजा में रखना चाहिए। अगर कोई सामग्री न मिले, तो आप साफ पानी और अक्षत से भी काम चला सकते हैं।
क्या धनतेरस पर नया काम या व्यापार शुरू कर सकते हैं?
बिल्कुल, यह दिन बुध ग्रह से जुड़ा है जो व्यापार और बुद्धि का स्वामी है। इसलिए कोई भी नया काम, दुकान या प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए यह दिन बहुत ही बेहतरीन माना जाता है। बुध का प्रभाव आपके काम में स्थिरता ला सकता है और आपको सफलता दिला सकता है।
धनतेरस पर खरीदारी करने का क्या महत्व है?
धनतेरस पर खरीदारी करने की परंपरा सदियों पुरानी है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में समृद्धि लाती हैं और लंबे समय तक फायदा देती हैं। बुध ग्रह के प्रभाव के कारण इस दिन किया गया निवेश बहुत शुभ फल देता है और धन में वृद्धि करता है।
क्या धनतेरस और दिवाली एक ही दिन होते हैं?
नहीं, धनतेरस और दिवाली अलग-अलग दिन मनाए जाते हैं। धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को होता है, जबकि दिवाली इसके दो दिन बाद अमावस्या को मनाई जाती है। धनतेरस से ही पांच दिन लंबे दिवाली के त्योहार की शुरुआत होती है, जो भाई दूज तक चलता है।
धनतेरस की पूजा में कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
इस त्योहार के लिए कोई एक विशेष मंत्र अनिवार्य नहीं है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार सामान्य प्रार्थना कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप साफ मन से पूजा करें और नई खरीदी गई वस्तु का सम्मान करें। बुध ग्रह का ध्यान करना भी अच्छा माना जाता है।
धनतेरस की कथा का क्या महत्व है?
धनतेरस की कथा हमें यह सिखाती है कि सूझबूझ और सही समय पर किए गए उपाय बड़ी से बड़ी मुसीबत को टाल सकते हैं। यह कथा मुख्य रूप से घर के बाहर दीया जलाने के महत्व को बताती है। इसे सुनकर परिवार में सकारात्मकता और सुरक्षा की भावना आती है।
क्या धनतेरस के दिन दान करना चाहिए?
हां, त्योहारों के समय अपनी क्षमता के अनुसार दान करना हमेशा अच्छा माना जाता है। आप किसी जरूरतमंद को भोजन या कपड़े दान कर सकते हैं। हालांकि, इस दिन पैसे उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे आर्थिक दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता।
धनतेरस पर बुध ग्रह के उपाय कैसे काम करते हैं?
बुध ग्रह हमारी बुद्धि, संचार और व्यापार को नियंत्रित करता है। धनतेरस के दिन बुध के उपाय करने से हमारी निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है। इससे हम सही जगह निवेश कर पाते हैं, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और जीवन में संतुलन आता है।
क्या धनतेरस पर लोहे का सामान खरीदना मना है?
कई पारंपरिक परिवारों में धनतेरस के दिन लोहा खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। लोग इसके बजाय पीतल, तांबा, चांदी या सोना खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, आज के समय में लोग अपनी जरूरत के हिसाब से स्टील के बर्तन भी खरीदते हैं, जो पूरी तरह से उनकी पसंद पर निर्भर है।
धनतेरस के दिन घर के बाहर दीया क्यों जलाते हैं?
घर के बाहर दीया जलाना परिवार की सुरक्षा और सुख-शांति का प्रतीक है। पारंपरिक कथाओं के अनुसार, यह दीया अकाल मृत्यु और बुरी शक्तियों को घर से दूर रखने के लिए जलाया जाता है। इसे प्रदोष काल में जलाना सबसे अच्छा होता है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
क्या धनतेरस के दिन बाल और नाखून काट सकते हैं?
भारतीय परंपराओं में किसी भी बड़े त्योहार वाले दिन बाल या नाखून काटना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा माना जाता है कि इससे त्योहार की पवित्रता भंग होती है। इसलिए यह काम त्योहार से एक दिन पहले ही कर लेना चाहिए, ताकि पूजा के दिन आप पूरी तरह से तैयार रहें।
धनतेरस पर दक्षिण भारत और उत्तर भारत की तारीख में क्या अंतर है?
उत्तर भारत में पूर्णिमांत कैलेंडर चलता है, जिससे यह कार्तिक महीने में आता है, जबकि दक्षिण भारत में अमांत कैलेंडर के कारण इसे आश्विन महीना कहा जाता है। लेकिन दोनों जगह यह एक ही दिन मनाया जाता है। हमारी प्रणाली ने इसे 6 नवंबर 2026 के लिए ही तय किया है, इसलिए आप निश्चिंत होकर पूजा कर सकते हैं।
क्या धनतेरस की पूजा दिन में की जा सकती है?
धनतेरस की पूजा का असली महत्व शाम के समय यानी प्रदोष काल में ही होता है। दिन के समय पूजा करने से वह पारंपरिक फल नहीं मिलता जो शाम की पूजा से मिलता है। इसलिए हमेशा शाम के मुहूर्त का ही इंतजार करें और उसी समय पूजा संपन्न करें।
अगर मैं बीमार हूँ, तो क्या मुझे धनतेरस की पूजा करनी चाहिए?
अगर आप बीमार हैं, तो आपको अपनी सेहत को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए। आप बिस्तर पर बैठे-बैठे भी मन में प्रार्थना कर सकते हैं, भगवान भाव के भूखे होते हैं। पूजा का काम परिवार का कोई अन्य सदस्य भी आपकी तरफ से कर सकता है।
धनतेरस के दिन क्या खाने से बचना चाहिए?
चूंकि इस दिन कोई विशेष व्रत नहीं होता, इसलिए खाने-पीने पर कोई सख्त पाबंदी नहीं है। फिर भी, त्योहार की पवित्रता बनाए रखने के लिए लोग इस दिन मांसाहार और शराब से दूर रहते हैं। सात्विक और साधारण भोजन करना ही सबसे अच्छा माना जाता है, जिससे मन शांत रहता है।
चेन्नई में आने वाले त्योहार
- Janmashtami 20262026-09-04
- Hartalika Teej 20262026-09-13
- Ganesh Chaturthi 20262026-09-14
- Anant Chaturdashi 20262026-09-25
- Pitru Paksha 20262026-09-26
- Sharad Navratri 20262026-10-11
- Navratri Day 1 - Maa Shailputri 20262026-10-11
- Navratri Day 2 - Maa Brahmacharini 20262026-10-12
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