पुणे में नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता
त्रिकाल संदेश — सीधा उत्तर
इस साल नवरात्रि का पांचवां दिन, यानी माँ स्कंदमाता की पूजा 15 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। यह दिन आश्विन शुक्ल पंचमी का होता है। इस दिन माँ की पूजा में हरे और सफेद रंग का विशेष महत्व है। माँ को केले और हरी सब्जियों का भोग लगाएं और ऊपर दिए गए शुभ मुहूर्त में पूजा संपन्न करें।
🕐 पुणे के लिए नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता का समय
| तिथि | Panchami (Shukla Paksha) — 03:25 (16 Oct) तक |
| नक्षत्र | Jyeshtha, पाद 1 — 06:47 (16 Oct) तक |
| योग · करण | Saubhagya · Bava |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56-12:42 |
| राहुकाल | 13:46-15:13 |
| यमगंड · गुलिक | 06:31-07:58 · 09:25-10:52 |
| सूर्योदय · सूर्यास्त | 06:31 · 18:08 |
पुणे (18.5204, 73.8567) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से गणना। पाँचों अंग स्थानीय सूर्योदय पर।
✅ नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता पर क्या करें
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- पूजा की जगह को अच्छी तरह से साफ करें।
- चौकी पर माँ स्कंदमाता की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
- माँ को सफेद फूल, केले और हरी इलायची अर्पित करें।
- शुद्ध घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं।
- 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः' मंत्र का जाप करें।
- अंत में श्रद्धा भाव से माँ की आरती करें।
📜 यह तारीख कैसे तय हुई
Day 5 of the nine Devi days, counted from Ghatasthapana on 11 Oct 2026 through Maha Navami on 19 Oct 2026, the day before Vijayadashami.
त्रिकाल वाणी द्वारा स्विस एफ़ेमेरिस और शास्त्रीय निर्णय नियमों से गणना — निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु, और कैलेंडर रिफ़ॉर्म कमेटी की रिपोर्ट। किसी अन्य पंचांग से नकल नहीं।
🕐 भारत भर में नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता का समय
| शहर | सूर्योदय | अभिजित मुहूर्त | राहुकाल |
|---|---|---|---|
| पुणे | 06:31 | 11:56-12:42 | 13:46-15:13 |
| दिल्ली एनसीआर | 06:25 | 11:43-12:28 | 13:31-14:56 |
| मुंबई | 06:36 | 12:00-12:47 | 13:51-15:18 |
| नोएडा | 06:24 | 11:42-12:28 | 13:30-14:56 |
| गुरुग्राम | 06:26 | 11:44-12:29 | 13:32-14:57 |
| बेंगलुरु | 06:13 | 11:41-12:28 | 13:33-15:01 |
| हैदराबाद | 06:12 | 11:37-12:24 | 13:28-14:55 |
| कोलकाता | 05:36 | 10:58-11:44 | 12:47-14:14 |
| चेन्नई | 06:02 | 11:30-12:17 | 13:22-14:50 |
| अहमदाबाद | 06:40 | 12:02-12:48 | 13:51-15:17 |
नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता क्यों मनाया जाता है
🪔 नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता पूजा विधि
- स्नान और वस्त्र — सुबह जल्दी उठकर शुद्ध जल से स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है।
- स्थान की सफाई — पूजा घर या उस जगह को अच्छी तरह साफ करें जहाँ आपको माँ की स्थापना करनी है। पूजा क्षेत्र में पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।
- चौकी स्थापना — एक साफ चौकी पर कपड़ा बिछाकर माँ स्कंदमाता की तस्वीर या मूर्ति रखें, जिसमें वे भगवान कार्तिकेय को गोद में लिए हों।
- दीपक और धूप — माँ के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती या धूप दिखाएं। यह सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
- फूल अर्पित करना — माँ को सफेद फूल और हरे रंग के फूल अर्पित करें। सफेद कमल का फूल माँ को विशेष रूप से प्रिय है।
- भोग लगाना — माँ स्कंदमाता को केले, हरी सब्जियां, मिठाई और हरी इलायची का भोग लगाएं।
- तुलसी दल — पूजा में माँ को तुलसी के पत्ते भी अर्पित करें, यह पारंपरिक रूप से बहुत शुभ माना जाता है।
- मातृ प्रेम का ध्यान — आंखें बंद करके माँ के वात्सल्य और मातृ प्रेम का ध्यान करें और मन से नकारात्मक विचारों को दूर करें।
- मंत्र जाप — हाथ में फूल लेकर माँ के मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः' का जाप करें।
- आरती — पूजा के अंत में परिवार के साथ मिलकर माँ की आरती करें और श्रद्धा पूर्वक क्षमा प्रार्थना करें।
⚡ 5-मिनट विधि
- स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा घर में घी का दीपक जलाएं।
- माँ स्कंदमाता की तस्वीर के सामने सफेद फूल और केले अर्पित करें।
- माँ को हरी इलायची और तुलसी दल का भोग लगाएं।
- 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः' मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करें।
- हाथ जोड़कर माँ का ध्यान करें और दिन की शुरुआत करें।
🛒 नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता पूजा सामग्री
आवश्यक
- माँ स्कंदमाता की तस्वीर या मूर्ति
- घी का दीपक
- सफेद फूल
- केले
- हरी इलायची
- धूप या अगरबत्ती
वैकल्पिक
- हरे रंग के फूल
- हरी सब्जियां
- तुलसी दल
- हरे वस्त्र
- मिठाई
अगर कुछ उपलब्ध न हो
- if white lotus is unavailable, any white flower is traditionally accepted
- if green flowers are unavailable, white flowers can be used
- if banana is unavailable, any seasonal fruit is traditionally accepted
🌙 नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता व्रत विधि
व्रत कब शुरू करें: व्रत की शुरुआत सुबह स्नान के बाद सच्चे मन से संकल्प लेकर की जाती है।
क्या खा सकते हैं
- केले
- फल
- दूध
- साबूदाना
- कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें
- हरी इलायची
क्या नहीं खाना चाहिए
- मांस-मदिरा
- लहसुन
- प्याज
- अनाज
- नकारात्मक विचार
पारण: अगले दिन सुबह की पूजा के बाद या ऊपर दिए गए पारण मुहूर्त के अनुसार सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत खोलें।
किन्हें परंपरागत रूप से व्रत नहीं रखना चाहिए: छोटे बच्चे, बहुत बुजुर्ग लोग, और जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें व्रत रखने से बचना चाहिए।
यदि आप गर्भवती हैं, बीमार हैं या किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो व्रत रखने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
❓ नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता: क्या करें और क्या न करें
क्या मैं बाल धो सकती हूँ?
नवरात्रि के दौरान बाल धोने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। कई लोग व्रत के दिन बाल धोना टालते हैं, आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार कर सकते हैं।
क्या पूजा रात में की जा सकती है?
हाँ, आप शाम या रात के समय भी पूजा कर सकते हैं। पेज पर दिए गए मुहूर्त देखकर आप सही समय चुन सकते हैं।
क्या हम आज के दिन नमक खा सकते हैं?
व्रत में साधारण नमक नहीं खाया जाता। आप सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या आज के दिन नया काम शुरू कर सकते हैं?
नवरात्रि के सभी दिन शुभ होते हैं। आप कोई भी नया और अच्छा काम आज शुरू कर सकते हैं।
क्या मैं आज खरीदारी कर सकता हूँ?
हाँ, नवरात्रि में खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। आप कपड़े या घर का सामान खरीद सकते हैं।
क्या नाखून काटना सही है?
पारंपरिक रूप से नवरात्रि के नौ दिनों में नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
क्या पूजा के तुरंत बाद खाना खा सकते हैं?
यदि आपका व्रत नहीं है, तो आप पूजा और आरती संपन्न होने के बाद प्रसाद ग्रहण करके भोजन कर सकते हैं।
क्या यात्रा करना शुभ है?
यात्रा करने में कोई मनाही नहीं है। आप जरूरी काम से सफर कर सकते हैं।
क्या महिलाएं पीरियड्स में पूजा कर सकती हैं?
परंपरागत रूप से इन दिनों में मूर्ति स्पर्श और पूजा वर्जित मानी जाती है। आप मन में मंत्र का जाप कर सकती हैं।
क्या लहसुन-प्याज खा सकते हैं?
नवरात्रि के दौरान लहसुन और प्याज को तामसिक माना जाता है, इसलिए इनका सेवन पूरी तरह से वर्जित है।
क्या मैं दिन में सो सकता हूँ?
व्रत रखने वालों को दिन में सोने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि वे माँ के ध्यान में अपना समय बिता सकें।
क्या आज के दिन तुलसी तोड़ सकते हैं?
पूजा के लिए तुलसी की आवश्यकता होती है, लेकिन बिना स्नान किए या रात के समय तुलसी तोड़ना सही नहीं माना जाता।
क्या मैं नॉन-वेज खा सकता हूँ?
बिल्कुल नहीं। नवरात्रि के दौरान किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोजन करना सख्त मना है।
✓ क्या करें
- Offer white flowers.
- Meditate on maternal love.
- Keep the Puja area clean.
- Recite Skandamata Mantras.
- Observe purity and devotion.
✗ क्या न करें
- Avoid non-vegetarian food.
- Do not consume alcohol.
- Avoid negative thoughts.
- Do not disrespect women.
⚠️ आम गलतियाँ
- पूजा की जगह को बिना साफ किए पूजा शुरू करने से अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।
- माँ को भोग लगाते समय तुलसी का प्रयोग न करने से पूजा अधूरी रह सकती है।
- व्रत के दौरान मन में नकारात्मक विचार लाने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।
- महिलाओं का सम्मान न करने से माँ की पूजा स्वीकार नहीं होती।
- बिना स्नान किए या अशुद्ध कपड़ों में पूजा करने से अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता।
- पूजा के दौरान सफेद या हरे रंग के फूलों की जगह मुरझाए हुए फूल चढ़ाना सही नहीं है।
- आरती के बिना पूजा को अधूरा माना जाता है, इसलिए आरती जरूर करनी चाहिए।
📿 मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः
हे माँ स्कंदमाता, जो ज्ञान, शक्ति और आकर्षण का स्वरूप हैं, मैं आपको नमन करता हूँ।
कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करना पारंपरिक माना जाता है। सुबह की पूजा के समय, दीपक जलाने के बाद शांत मन से बैठकर जाप करें।
📖 नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता कथा
🪔 आरती
माँ स्कंदमाता की आरती पूजा के अंत में की जाती है। सुबह और शाम, दोनों समय की पूजा संपन्न होने के बाद आरती करना आवश्यक माना जाता है। आरती करते समय एक थाली में शुद्ध घी का दीपक जलाएं और साथ में कपूर भी रखें। पूरे परिवार के साथ खड़े होकर श्रद्धा पूर्वक आरती गाएं। आरती के बाद माँ से अपनी भूल-चूक की माफी मांगें और सभी को प्रसाद बांटें।
🔮 आपकी समस्या के अनुसार नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता के उपाय
money
आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए माँ स्कंदमाता की पूजा बहुत लाभकारी है। चूँकि इस दिन का स्वामी बुध ग्रह है, जो व्यापार और धन का कारक है। आप माँ को हरी इलायची अर्पित करें और फिर उसे अपने धन रखने के स्थान पर रख दें। इससे व्यापार में वृद्धि होती है।
career
नौकरी या करियर में तरक्की के लिए बुध ग्रह का मजबूत होना बहुत जरूरी है। माँ स्कंदमाता को हरे रंग की चीजें जैसे हरी सब्जियां अर्पित करें। इसके अलावा कार्यस्थल पर अपनी बुद्धि और संवाद कौशल में सुधार के लिए माँ से प्रार्थना करें, आपको सफलता मिलेगी।
marriage
विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए माँ स्कंदमाता को सफेद फूल और केले का भोग लगाएं। माँ का यह स्वरूप प्रेम और वात्सल्य का प्रतीक है। सच्चे मन से माँ की आराधना करने से रिश्तों में मिठास आती है और विवाह के योग जल्दी बनते हैं।
children
संतान प्राप्ति या बच्चों की तरक्की के लिए यह दिन सबसे खास है। माँ स्कंदमाता की गोद में बाल रूप में कार्तिकेय विराजमान हैं। माँ को तुलसी दल अर्पित करें और मातृत्व प्रेम का ध्यान करते हुए प्रार्थना करें। इससे बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी बुद्धि तेज होती है।
home
घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए पूजा घर को साफ रखें और घी का दीपक जलाएं। बुध ग्रह वाणी का कारक है, इसलिए घर के सदस्यों के बीच संवाद अच्छा रखने के लिए माँ के मंत्रों का जाप करें। इससे पारिवारिक कलह दूर होती है।
negativity
मन से नकारात्मक विचारों को दूर करने और मानसिक शांति के लिए माँ स्कंदमाता की आराधना करें। बुध ग्रह की कमजोरी से मन में भटकाव आता है। माँ को सफेद फूल चढ़ाएं और शांत मन से ध्यान लगाएं। इससे मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
क्या नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता आपके लिए विशेष है?
पुणे में नवरात्रि दिवस 5 - माँ स्कंदमाता — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
माँ स्कंदमाता की पूजा कब है?
इस साल नवरात्रि का पांचवां दिन 15 अक्टूबर 2026 को है। यह दिन आश्विन शुक्ल पंचमी को पड़ता है। इसी दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
पूजा का सही समय आपके शहर के सूर्योदय और पंचांग पर निर्भर करता है। आप इस पेज पर ऊपर दिए गए टेबल में अपने शहर का सटीक मुहूर्त देख सकते हैं। राहुकाल में पूजा शुरू करने से बचना चाहिए।
माँ स्कंदमाता को क्या भोग लगाना चाहिए?
माँ को केले का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप हरी सब्जियां और हरी इलायची भी अर्पित कर सकते हैं। यह चीजें माँ को बहुत प्रिय हैं।
माँ स्कंदमाता की पूजा में किस रंग के कपड़े पहनें?
इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है। हरा रंग बुध ग्रह का प्रतीक है और माँ को प्रसन्न करता है। आप चाहें तो सफेद कपड़े भी पहन सकते हैं।
क्या मैं व्रत में साबूदाना खा सकता हूँ?
हाँ, नवरात्रि के व्रत में साबूदाना खाया जा सकता है। आप इसकी खिचड़ी या खीर बनाकर खा सकते हैं। बस ध्यान रहे कि इसमें सेंधा नमक का ही इस्तेमाल हो।
माँ स्कंदमाता का मंत्र क्या है?
माँ का मुख्य मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः' है। पूजा के समय इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए। इससे मन को शांति और बुद्धि मिलती है।
क्या आज के दिन नया व्यापार शुरू कर सकते हैं?
नवरात्रि के सभी दिन बहुत शुभ होते हैं, और पांचवां दिन बुध ग्रह से जुड़ा है जो व्यापार का कारक है। इसलिए आज के दिन नया काम शुरू करना बहुत अच्छा माना जाता है। बस ऊपर दिए गए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
माँ स्कंदमाता की पूजा का क्या महत्व है?
माँ की पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। यह दिन उन लोगों के लिए विशेष है जिनकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है। साथ ही, इससे संतान सुख की प्राप्ति होती है।
क्या व्रत के दौरान पानी पी सकते हैं?
हाँ, सामान्य व्रत में आप पानी पी सकते हैं। निर्जला व्रत केवल वही लोग रखते हैं जिन्होंने इसका विशेष संकल्प लिया हो। खुद को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है।
पूजा में कौन से फूल चढ़ाने चाहिए?
माँ स्कंदमाता को सफेद फूल बहुत पसंद हैं। इसके अलावा आप हरे रंग के फूल भी चढ़ा सकते हैं। अगर ये न मिलें तो कोई भी साफ और ताजे फूल अर्पित किए जा सकते हैं।
क्या मैं आज बाल कटवा सकता हूँ?
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में बाल या नाखून काटना वर्जित होता है। इसलिए व्रत रखने वालों को इससे बचना चाहिए। आप नवरात्रि के बाद यह काम कर सकते हैं।
माँ स्कंदमाता और माँ कुष्मांडा में क्या अंतर है?
माँ कुष्मांडा की पूजा चौथे दिन होती है और वे ब्रह्मांड की रचना करने वाली मानी जाती हैं। जबकि माँ स्कंदमाता की पूजा पांचवें दिन होती है और वे भगवान कार्तिकेय की माता हैं। दोनों के स्वरूप और मंत्र अलग-अलग हैं।
क्या मैं शाम को भी पूजा कर सकता हूँ?
बिल्कुल, नवरात्रि में सुबह और शाम दोनों समय पूजा करने का विधान है। अगर आप सुबह व्यस्त हैं, तो शाम को आरती और मंत्र जाप कर सकते हैं। पेज पर दिए गए समय को चेक कर लें।
क्या व्रत में चाय पी सकते हैं?
हाँ, व्रत के दौरान चाय पीने की मनाही नहीं है। आप दूध वाली या बिना दूध की चाय पी सकते हैं। बस उसमें कोई ऐसी चीज न डालें जो व्रत में वर्जित हो।
बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए क्या करें?
बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए माँ स्कंदमाता की पूजा करें और हरे रंग का प्रयोग करें। माँ को हरी इलायची और तुलसी अर्पित करें। इससे बुद्धि और संवाद कौशल में सुधार होता है।
क्या मैं आज के दिन दान कर सकता हूँ?
नवरात्रि में दान करने का बहुत बड़ा महत्व है। आप किसी जरूरतमंद को फल, हरे कपड़े या हरी सब्जियों का दान कर सकते हैं। इससे माँ प्रसन्न होती हैं और घर में बरकत आती है।
क्या गर्भवती महिलाएं यह व्रत रख सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं को व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए। परंपरा से ज्यादा आपका और आपके बच्चे का स्वास्थ्य जरूरी है। आप बिना व्रत रखे भी माँ की पूजा कर सकती हैं।
माँ स्कंदमाता की कथा पढ़ने का क्या लाभ है?
कथा पढ़ने से हमें माँ के मातृ प्रेम और शक्ति के बारे में पता चलता है। इससे मन में सकारात्मक विचार आते हैं। यह अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पारण कब और कैसे करना चाहिए?
पारण हमेशा व्रत के अगले दिन सुबह किया जाता है। आप सुबह की पूजा और आरती के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करके अपना व्रत खोल सकते हैं। पारण का सही समय ऊपर टेबल में दिया गया है।
क्या अलग-अलग शहरों में पूजा का समय अलग होता है?
हाँ, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर के कारण हर शहर में मुहूर्त अलग होता है। इसीलिए हम आपको एक फिक्स समय नहीं बताते। आप पेज पर अपने शहर के अनुसार लाइव टाइमिंग देख सकते हैं।
पुणे में आने वाले त्योहार
- Raksha Bandhan 20262026-08-28
- Janmashtami 20262026-09-04
- Hartalika Teej 20262026-09-13
- Ganesh Chaturthi 20262026-09-14
- Anant Chaturdashi 20262026-09-25
- Pitru Paksha 20262026-09-26
- Sharad Navratri 20262026-10-11
- Navratri Day 1 - Maa Shailputri 20262026-10-11
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