🔱 Mahakaal Ka Ashirwad

Vedic Astrology Analysis · Poori Kundali

Sanjay की कुण्डली

मंगल महादशा · बुध अन्तर्दशा

चल रहा दौर: मंगल/बुध · Jul 2026 – Jul 2027

13 Jan 1971 · 21:10 · Jaipur

सिंह लग्न · आश्लेषा नक्षत्र · यह विवरण ग़लत हो तो रीडिंग दोबारा बनाएँ

⚡ Swiss Ephemeris📖 BPHS Classical🔮 Bhrigu Nandi⚖️ Shadbala
🔱 ग्रन्थ से आपका सार

आपके 5 मुख्य भावों में से 0 सहारा देने वाले, 1 कठिन, और 2 मिला-जुला हैं।

सन्तान, विद्या और बुद्धि5वाँ भाव
कमज़ोर · 27
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों?
आपका 5वाँ भाव — सन्तान, विद्या और बुद्धि — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी गुरु 4थे (शुभ) भाव में है।
· 5ve ghar mein Budh baitha hai — sahara deta hai
· 5ve ghar mein Surya baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Guru) पर — mazboot — Guru SWA/MITRA raashi mein; Guru achhe ghar mein (4ve)
Santan ka sukh, rishton mein khushi, bade logon ke saath kaam, samman, achha bhojan aur daan-dharm. (Ph 20.6)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
⭐ Nov 2026 – Feb 2027 — santan aur padhai par dhyan dene ka samay। Guru 5ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Nov 2027 – Dec 2027 — santan aur padhai par dhyan dene ka samay। Guru 5ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। सन्तान गोद ली हुई होती है। (JP 13.38) सन्तान का क्षय देव-शाप से कहा गया है। (JP 13.32)
⭐ AAPKE CHART SE3
सन्तान गोद ली हुई होती है।JP 13.38◆
सन्तान का क्षय देव-शाप से कहा गया है।JP 13.32◆
एक ही सन्तान होती है।JP 13.11◆
कर्म, पद और प्रतिष्ठा10वाँ भाव
मज़बूत · 32
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों?
आपका 10वाँ भाव — कर्म, पद और प्रतिष्ठा — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 32 हैं। इस भाव का स्वामी शुक्र 4थे (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu theek hain (32)
इस भाव के स्वामी (Shukra) पर — mazboot — Shukra achhe ghar mein (4ve)
Jo bhi kaam shuru karo usme safalta milti hai, aaram se rehna, naam aur pratishtha, kushal kaam, aur samman badhta hai. (Ph 20.11)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
Oct 2026 – Jun 2027 — naukri ya promotion ho sakti hai। Shani 10ve ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Dec 2027 – Mar 2028 — naukri ya promotion ho sakti hai। Guru 10ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 10ve ghar ko DEKH raha hai। राजयोग में जन्मा जातक दीक्षित राजा होता है। (BPHS 79.15) राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है। (BPHS 21.4)
⭐ AAPKE CHART SE3
राजयोग में जन्मा जातक दीक्षित राजा होता है।BPHS 79.15◆
राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है।BPHS 21.4◆
जातक सुखी और माता के हित में लगा रहता है; वह वाहन, भूमि और घर का स्वामी, गुणवान तथा धनवान होता है।BPHS 24.112◆
घर, भूमि और माता4वाँ भाव
मज़बूत · 24★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों?
आपका 4था भाव — घर, भूमि और माता — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 24 हैं (ग्रन्थ 25 से नीचे को कमज़ोर कहता है)। इस भाव का स्वामी मंगल 4थे (शुभ) भाव में है।
· 4ve ghar ka malik Mangal apni mazboot jagah par hai
· 4ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 4ve ghar mein Guru baitha hai — sahara deta hai
· 4ve ghar mein Shukra baitha hai — sahara deta hai
· ghar aur maa ka mukhya grah Chandra bhi mushkil ghar mein hai
· 4ve ghar mein Mangal baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (24) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Mangal) पर — mazboot — Mangal SWA/MITRA raashi mein; Mangal achhe ghar mein (4ve)
Rishton se madad, kheti mein safalta, gaadi, khet aur GHAR ka sukh, naya dhan, aur achhi jagah. (Ph 20.5)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
Oct 2026 – Nov 2026 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Guru 4the ghar ko DEKH raha hai। Feb 2027 – Jul 2027 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Guru 4the ghar ko DEKH raha hai। घर का पूरा सुख मिलता है। (BPHS 15.2) भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है। (BPHS 15.3)
⭐ AAPKE CHART SE3
घर का पूरा सुख मिलता है।BPHS 15.2◆
भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है।BPHS 15.3◆
घर सुन्दर अट्टालिकाओं और चहारदीवारी से सजा होता है।BPHS 15.4◆
आय और लाभ11वाँ भाव
कमज़ोर · 28
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
आपका 11वाँ भाव — आय और लाभ — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 28 हैं। इस भाव का स्वामी बुध 5वें (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu kam hain (28)
इस भाव के स्वामी (Budh) पर — mazboot — Budh achhe ghar mein (5ve)
Adhikaar bina toote chalta hai, manchaahe rishtedaar milte hain, sahayak aur saath dene wale, aur badi duniyavi tarakki. (Ph 20.12)
ग्रन्थ के श्लोक
Jun 2027 – Nov 2027 — aamdani ke naye raaste dekhne ka samay। Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai। Mar 2028 – May 2028 — aamdani ke naye raaste dekhne ka samay। Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai।
भाग्य, पिता और धर्म9वाँ भाव
कमज़ोर · 27★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
आपका 9वाँ भाव — भाग्य, पिता और धर्म — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी मंगल 4थे (शुभ) भाव में है।
· 9ve ghar ka malik Mangal apni mazboot jagah par hai
· 9ve ghar mein Shani baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Mangal) पर — mazboot — Mangal SWA/MITRA raashi mein; Mangal achhe ghar mein (4ve)
Jeevansaathi, santan aur pote-potiyon ka sukh, rishtedaar, bhagya aur dhan, shubh kaam, upar walon se samman, aur dharm mein shraddha. (Ph 20.10)
ग्रन्थ के श्लोक
⭐ Jul 2027 – Nov 2027 — bade logon aur guru ka sahara lene ka samay। Guru 9ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 9ve ghar MEIN। ⭐ Mar 2028 – May 2028 — bade logon aur guru ka sahara lene ka samay। Guru 9ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 9ve ghar MEIN।
स्वयं — शरीर और स्वभाव1वाँ भाव
मिला-जुला · 33
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· is ghar par bindu theek hain (33)
· 1ve ghar mein Ketu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
इस भाव के स्वामी (Surya) पर — mazboot — Surya SWA/MITRA raashi mein; Surya achhe ghar mein (5ve)
Duniya mein apni jagah banti hai, sukh se rehna, sharir mein bal, chehre par tej. Bhagya badhte chaand ki tarah badhta hai. (Ph 20.2)
परिश्रम, विरोध और रोग6वाँ भाव
कमज़ोर · 23★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 6ve ghar ka malik Shani kamzor jagah par hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (23) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Shani) पर — mazboot — Shani VAKRI hai; Shani achhe ghar mein (9ve)
Virodhiyon par jeet apni himmat se, achhi sehat, udaarta, koi dabaa nahi sakta, aur badi samriddhi. (Ph 20.7)
व्यय, दूर देश और एकान्त12वाँ भाव
मज़बूत · 23
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 12ve ghar ka malik Chandra apni mazboot jagah par hai
· 12ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 12ve ghar mein Chandra baitha hai — sahara deta hai
· 12ve ghar ka malik Chandra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (23) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai

जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं।

आगे का दौर
8 महीने आगे
मंगल / बुध← अभी
Oct 2026 – Jul 2027
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख। खेती/ज़मीन के काम में सफलता। (BPHS 54.36-38)
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश। (JP 18.88)
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik · इस लग्न के लिए पाप ग्रह (BPHS Ch.34)
पूरी रीडिंग में:
· aage ke SAARE daur — poore chalte hue daur tak, ek nahi
· KAB — gochar ki sankri khidkiyan, mahine ke naam se
· SD ka star — jo saal ko mahinon mein todta hai
· Sade Sati aur Dhaiya ke aage ke daur
· RAJAYOGA — BPHS Adhyay 39, aur wo poora/aadha/chauthai hai ya nahi
· aur UPAY — jahan granth deta hai
पूरी रीडिंग लीजिए — ₹51
आपका अतीतजन्म से आज तक — हर दौर, ग्रन्थ से। खोलने के लिए टैप करें।6 MD
आपका अतीत
जन्म से आज तक — हर बड़ा दौर, ग्रन्थ से।
दौरकालग्रह की जगहग्रन्थ क्या कहता हैस्रोत
बुध महादशाJan 1971 – Jan 1980Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · सन्तान, विद्या और बुद्धि · आय और लाभ
(बुध 2रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ बुध/बुधJan 1971 – Apr 1972Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
विचित्र घर और धन की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। सब काम और अर्थ सधते हैं।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.133
└ बुध/केतुApr 1972 – Nov 1972Ketu — 1le ghar mein
बन्धुओं के पक्ष में चिन्ता, मन पर बोझ, सुख में कमी और विरोध का भय। काम अटकते हैं।
JP 18.134
└ बुध/शुक्रNov 1972 – May 1974Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
पत्नी को कष्ट, घर में कलह, धन का व्यय, कारोबार में हानि।
बड़ों, देव और विद्वानों को दान, धर्म में प्रीति और तप। धन, वस्त्र और आभूषण की प्राप्ति।
BPHS 58.19
└ बुध/सूर्यMay 1974 – Oct 1974Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश और धन।
वस्त्र, आभूषण और धन की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। धर्म-श्रवण का योग।
BPHS 58.20-24
└ बुध/चन्द्रOct 1974 – Jul 1975Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
सेहत और विरोध से खिंचाव, कामों में रुकावट, और पशु-सम्बन्धी सावधानी।
JP 18.137
└ बुध/मंगलJul 1975 – Jan 1976Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
रोग और विरोध के भय का नाश, पुण्य कर्म का फल और यश। ऊपर वालों की प्रीति।
BPHS 58.36-45
└ बुध/राहुJan 1976 – Jun 1977Rahu — 7ve ghar mein
धन और वाहन का लाभ, विदेश/दूर से लाभ, बड़े लोगों से मेल।
भुक्ति के शुरू में शरीर को कष्ट, वात-ज्वर और अजीर्ण (पाचन की गड़बड़)।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 58.47-53
└ बुध/गुरुJun 1977 – Aug 1978Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
अपनों और बड़ों से मनमुटाव — पर धन का लाभ और संतान की तरफ़ बढ़ोतरी। सेहत का ध्यान रखें।
शरीर में ताप, अंग में कमज़ोरी या विकलता का भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
JP 18.140
└ बुध/शनिAug 1978 – Jan 1980Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
धर्म और सत्कर्म से धन की प्राप्ति, और छोटे-बड़े लोगों से सुख। पर कृषि के पक्ष में नुक़सान।
धन की हानि, काम में रुकावट, शरीर में शिथिलता, अपनों से विरोध।
JP 18.141
केतु महादशाJan 1980 – Jan 1987Ketu — 1le ghar mein
★ इस पूरे दौर में खुला: स्वयं — शरीर और स्वभाव
(केतु स्वयं 1ले भाव में बैठा है)
ग्रन्थ चुप
└ केतु/केतुJan 1980 – Jun 1980Ketu — 1le ghar mein
सुख और धन में कमी, और विरोध का भय।
JP 18.145
└ केतु/शुक्रJun 1980 – Aug 1981Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
साथी और संतान के पक्ष में सेहत तथा झगड़ा, बन्धु-मित्रों का साथ कम, और पाचन की तरफ़ ध्यान।
विवाह और मंगल कार्य। वाहन, वस्त्र, आभूषण। पत्नी-संतान का सुख, घर में लक्ष्मी, संगीत और उत्सव।
JP 18.146
└ केतु/सूर्यAug 1981 – Dec 1981Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
मन टूटा-टूटा रहता है, शरीर पर दबाव, और विदेश जाने का योग तथा भय। कामों में विरोध।
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश।
JP 18.147
└ केतु/चन्द्रDec 1981 – Jul 1982Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
साथी और संतान के पक्ष में आलस और ढील, धन-अनाज का नुक़सान, और मन पर बोझ।
JP 18.148
└ केतु/मंगलJul 1982 – Dec 1982Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
संतान, साथी और सहोदरों से खिंचाव; सेहत, विरोध और सत्ता की तरफ़ से दबाव।
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
JP 18.149
└ केतु/राहुDec 1982 – Jan 1984Rahu — 7ve ghar mein
ऊपर वालों और चोरी का भय, दुख, और कामों में रुकावट। बुरे लोगों से वास्ता।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.150
└ केतु/गुरुJan 1984 – Dec 1984Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
देव, विद्वान और बड़ों की प्रीति, ऊपर वालों का स्नेह और निरोगता। भूमि और संतान का लाभ।
पद और सम्मान, विद्या और यश, विवाह और संतान का लाभ, देव-ब्राह्मण पूजा, तीर्थ।
JP 18.151
└ केतु/शनिDec 1984 – Jan 1986Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
मन में भय और बोझ, अपने बन्धुओं से खिंचाव। और अपना देश या जगह छोड़नी पड़ सकती है।
धन की हानि, काम में रुकावट, शरीर में शिथिलता, अपनों से विरोध।
JP 18.152
└ केतु/बुधJan 1986 – Jan 1987Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
बन्धु-मित्रों का मेल, संतान-साथी और धन का आगम। विद्या और सुख।
विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी, धन-अनाज, मित्रों का साथ।
JP 18.153
शुक्र महादशाJan 1987 – Jan 2007Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: भाई-बहन और पराक्रम · घर, भूमि और माता · विवाह और जीवनसाथी · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(शुक्र 3रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ शुक्र/शुक्रJan 1987 – May 1990Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
शय्या, जीवनसाथी, धन और वस्त्र की प्राप्ति; धर्म और सुख की सम्पदा। विरोधियों का नाश और यश का लाभ।
JP 18.158
└ शुक्र/सूर्यMay 1990 – May 1991Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश और धन।
सिर, पेट और आँख की तरफ़ ध्यान; कृषि और गो-धन में नुक़सान। ऊपर वालों की नाराज़गी।
BPHS 60.12-18
└ शुक्र/चन्द्रMay 1991 – Jan 1993Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
सिर और गर्मी की तकलीफ़, और इच्छाओं से उपजा दबाव। थोड़ा सुख फिर भी मिलता है।
माता का सुख और घर में शान्ति। विवाह और मंगल कार्य, धन-अनाज, वस्त्र-आभूषण, मन प्रसन्न।
JP 18.160
└ शुक्र/मंगलJan 1993 – Mar 1994Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
मन में उत्साह और धन का आगम। जीवनसाथी के पक्ष से लाभ। आँख और पित्त की तरफ़ ध्यान।
BPHS 60.30-35
└ शुक्र/राहुMar 1994 – Mar 1997Rahu — 7ve ghar mein
नीली चीज़ों या उस तरह के काम से धन — पर बन्धुओं से खिंचाव और मित्रों से भय। अग्नि की सावधानी।
भुक्ति के शुरू के पाँच महीने भारी रहते हैं।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.162
└ शुक्र/गुरुMar 1997 – Nov 1999Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पद और सम्मान, विद्या और यश, विवाह और संतान लाभ, देव-ब्राह्मण पूजा, तीर्थ, दान-धर्म।
धन, वस्त्र और आभूषण की प्राप्ति, धर्म का आचरण और सुख। जीवनसाथी-संतान के पक्ष में थोड़ी असमानता।
BPHS 60.45-51
└ शुक्र/शनिNov 1999 – Jan 2003Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
सन्तान (बेटी) के जन्म की सम्भावना।
BPHS 60.53
└ शुक्र/बुधJan 2003 – Nov 2005Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी, धन-अनाज, वस्त्र, मित्रों का साथ।
संतान और मित्रों का सुख तथा अर्थ की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। शुभ और पूजनीय कार्य।
BPHS 60.60-66
└ शुक्र/केतुNov 2005 – Jan 2007Ketu — 1le ghar mein
झगड़ा, बन्धुओं का साथ कम, विरोध से दबाव और मन में भय। धन में कटौती।
JP 18.166
सूर्य महादशाJan 2007 – Jan 2013Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: स्वयं — शरीर और स्वभाव · सन्तान, विद्या और बुद्धि · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(सूर्य 1ले भाव का स्वामी है)
अ.34: शुभ
└ सूर्य/सूर्यJan 2007 – May 2007Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
बड़ों, विद्वानों और शास्त्र के रास्ते से धन आता है। मन पर बोझ रहता है, और दूर की जगहों तथा एकान्त की तरफ़ मन जाता है।
JP 18.61
└ सूर्य/चन्द्रMay 2007 – Nov 2007Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
पानी से डर या ख़तरा। बंधन जैसी स्थिति, रोग, अपनी जगह से हटना। मन बेचैन, दायाद/रिश्तेदारों से विरोध। खाना ख़राब मिलना, चोर और सत्ता से पीड़ा।
विवाह और शुभ कार्य होते हैं। धन-अनाज की समृद्धि, घर और ज़मीन की बढ़ोतरी, पशु और वाहन। पत्नी और संतान का सुख। बड़े लोगों से मेल, और उनकी कृपा से मनचाहा काम बनता है।
BPHS 52.8-10
└ सूर्य/मंगलNov 2007 – Mar 2008Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
शुभ कार्य होते हैं। ज़मीन का लाभ, खेती से लाभ, धन-अनाज की बढ़ोतरी, घर-ज़मीन मिलना, लाल वस्त्र। लग्नेश के साथ हो तो सुख और ऊपर वालों की प्रीति। भाग्येश/लाभेश के साथ हो तो लाभ, बड़ा पद, शत्रु का नाश, मन की दृढ़ता, भाई-बन्धुओं का सुख।
रत्न, सोना और धन की प्राप्ति। ऊपर वालों का स्नेह — शुभ समय। पित्त की तरफ़ ध्यान देना ज़रूरी।
BPHS 52.15-18
└ सूर्य/राहुMar 2008 – Feb 2009Rahu — 7ve ghar mein
शुरू के दो महीने — धन की हानि और बड़ा भय, चोर का डर, घाव, पत्नी-संतान को कष्ट। उसके बाद सुख मिलता है। शुभ ग्रह के साथ/दृष्टि में हो तो शरीर स्वस्थ, मन संतुष्ट, और ऊपर वालों से प्रीति।
बंधन, जगह का नुकसान, क़ानूनी उलझन। चोर का डर, घाव। पत्नी-संतान का कष्ट, चौपायों का नुकसान, घर-ज़मीन की हानि। पेट के रोग और अतिसार।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.23-25
└ सूर्य/गुरुFeb 2009 – Nov 2009Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पत्नी-संतान को कष्ट और शरीर को कष्ट, बड़ा भय। ऊपर वालों की नाराज़गी, मनचाही चीज़ का नाश। ग़लत रास्ते से आया धन नष्ट, शरीर गिरना, मन में ताप।
विवाह, बड़े लोगों से भेंट, धन-अनाज का लाभ, संतान लाभ, बड़ा सुख। बड़े की कृपा से मनचाहा काम और धन। ब्राह्मणों का प्रेम और सम्मान, अच्छे वस्त्र। भाग्येश/कर्मेश के वश से पद मिलना, नरवाहन योग (पालकी/सवारी), जगह की बढ़ोतरी। दान-धर्म का काम, देवता की आराधना, गुरु में भक्ति, मन की सिद्धि, पुण्य कर्म।
BPHS 52.37-39
└ सूर्य/शनिNov 2009 – Nov 2010Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
शत्रु का नाश, बड़ा सुख — पर धन-अनाज का लाभ थोड़ा ही (ग्रंथ ख़ुद "स्वल्प" कहता है)। घर में विवाह जैसा शुभ कार्य। घर में कल्याण और सम्पत्ति, राजसम्मान और कीर्ति, अनेक वस्त्र और धन।
शुरू में — मित्र/साथी का साथ छूटना। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — क्लेश। और माता-पिता से दूरी, आना-जाना लगा रहना।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.40-42
└ सूर्य/बुधNov 2010 – Sep 2011Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
शरीर में जड़ता और ज्वर।
शुरू में — दुख। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — ऊपर वालों से डर, और आना-जाना।
BPHS 52.56-57
└ सूर्य/केतुSep 2011 – Jan 2012Ketu — 1le ghar mein
शरीर को कष्ट और मन में बेचैनी। धन का व्यय, ऊपर वालों की नाराज़गी, और अपने लोगों की ओर से परेशानी।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.58
└ सूर्य/शुक्रJan 2012 – Jan 2013Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
शुरू में — मध्यम, कुछ ख़ास नहीं। बीच में — लाभ और शुभ। अन्त में — यश का नुकसान, या अपनी जगह से हटना। बन्धुओं से मनमुटाव, और अपने ही कुल/परिवार की वजह से भोग-सुख में कमी।
मनचाही स्त्री/जीवनसाथी का सुख और सम्पदा। दूसरे गाँव/शहर की यात्रा, विद्वानों और बड़े लोगों से भेंट। पद का लाभ और बड़ा उत्साह — छत्र-चामर जैसा वैभव। घर में कल्याण और सम्पत्ति, रोज़ मिष्ठान्न। मूँगा जैसे रत्न, मोती और अच्छे वस्त्र का लाभ। चौपायों का लाभ, बहुत अनाज और धन। उत्साह, कीर्ति, और नर-वाहन (पालकी/सवारी) की सम्पदा।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.70-71
चन्द्र महादशाJan 2013 – Jan 2023Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: घर, भूमि और माता · व्यय, दूर देश और एकान्त
(चन्द्र "घर, भूमि और माता" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: सम
└ चन्द्र/चन्द्रJan 2013 – Nov 2013Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
हाथी-घोड़े-वस्त्र मिलते हैं। देवता और गुरु में भक्ति, पुण्य का कीर्तन। पद मिलना, बड़ा सुख, यश की बढ़ोतरी। पूर्ण चन्द्र हो तो पूरा बल — बड़ा पद और बड़ा सुख।
विद्या, संगीत और कला में मन लगता है। अच्छे वस्त्र, अच्छी संगति और शरीर का सुख। और बड़े लोगों तथा अधिकारियों से आदर मिलता है।
BPHS 53.1-3
└ चन्द्र/मंगलNov 2013 – Jun 2014Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
सौभाग्य, राजसम्मान, वस्त्र और आभूषण। मेहनत से काम बनता है — इसमें कोई संदेह नहीं। घर-ज़मीन की बढ़ोतरी, व्यापार में लाभ, काम का लाभ और बड़ा सुख।
सेहत और विरोध की बुद्धि, जगह से हटना, धन का क्षय। मित्रों और भाइयों के कारण क्लेश।
BPHS 53.7-9
└ चन्द्र/राहुJun 2014 – Dec 2015Rahu — 7ve ghar mein
अपनी जगह से हटना, मन में दुख, संतान को क्लेश। कहीं पत्नी को कष्ट, कहीं अपने शरीर में रोग का डर। बिच्छू जैसे ज़हर का डर, और चोर का।
शुरू में फल बहुत कम — शत्रु से पीड़ा और बड़ा भय। चोर, साँप और सत्ता का डर, चौपायों को कष्ट। बन्धु का नुकसान, मित्र की हानि, मान की हानि और मन की व्यथा।
BPHS 53.17-18
└ चन्द्र/गुरुDec 2015 – Apr 2017Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
काम में रुकावट, धन का व्यय। मन में ताप और अपनों से मतभेद। शरीर में शिथिलता।
गर्भाधान और उससे जुड़ा फल। धन-अनाज की समृद्धि, विवाह और मंगल कार्य। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ, दान-धर्म। बड़े की कृपा से पद और सम्मान।
BPHS 53.26-30
└ चन्द्र/शनिApr 2017 – Nov 2018Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
शस्त्र से चोट का ख़तरा। धन की हानि, काम में रुकावट, अपनों से विरोध, शरीर में रोग।
मन पर बोझ, वात-पित्त की तरफ़ ध्यान, और बात रुक जाना — विरोध के साथ बहस।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 53.36-37
└ चन्द्र/बुधNov 2018 – Apr 2020Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
मन में उलझन, काम में अड़चन, अपनों से बहस।
माता के पक्ष से धन, विद्वानों का साथ, और वस्त्र-आभूषण की प्राप्ति।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 53.45
└ चन्द्र/केतुApr 2020 – Nov 2020Ketu — 1le ghar mein
शुरू में थोड़ा सुख, बीच में उलझन, अन्त में फिर सम्भलना। छोटा-मोटा लाभ, पर कुछ बड़ा नहीं।
जीवनसाथी की सेहत, बन्धुओं का साथ कम, पेट की तरफ़ ध्यान, और धन का नुक़सान।
BPHS 53.47-49
└ चन्द्र/शुक्रNov 2020 – Jul 2022Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
नया घर बनना। विवाह और मंगल कार्य, वाहन, आभूषण, अच्छे वस्त्र। पत्नी-संतान का सुख। कहीं गड़ा धन या अचानक बड़ा लाभ मिलना। नाच-गाने और उत्सव का सुख।
पत्नी को कष्ट, घर में कलह। धन का व्यय, कारोबार में हानि।
BPHS 53.53-59
└ चन्द्र/सूर्यJul 2022 – Jan 2023Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
शरीर में ताप, ऊपर वालों से मतभेद, धन की हानि।
राजा जैसा ऐश्वर्य, रोग का नाश और विरोधियों का क्षय। सुख और शुभ।
BPHS 53.70
मंगल महादशाJan 2023Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: भाई-बहन और पराक्रम · घर, भूमि और माता · परिश्रम, विरोध और रोग · भाग्य, पिता और धर्म
(मंगल "भाई-बहन और पराक्रम" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: शुभ
└ मंगल/मंगलJan 2023 – Jun 2023Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
ज़मीन और घर का लाभ, धन-अनाज। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई। शत्रु पर जीत, राजसम्मान, लाल वस्त्र और आभूषण।
शरीर में गर्मी बढ़ती है, मित्रों से खिंचाव, माता के पक्ष में चिन्ता, और ऊपर वालों से भय। काम अटकते हैं।
BPHS 54.1-6
└ मंगल/राहुJun 2023 – Jul 2024Rahu — 7ve ghar mein
गंगा-स्नान और तीर्थ का फल। धन-अनाज, वाहन। ऊपर वालों से मेल, विदेश या दूर की यात्रा का लाभ।
ऊपर वालों और चोरी का भय, धन-अनाज का नुक़सान। और रास्ता ग़लत तरफ़ मुड़ने का ख़तरा।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.9-11
└ मंगल/गुरुJul 2024 – Jun 2025Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पद और सम्मान। विवाह और मंगल कार्य, संतान का लाभ। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ। धन-अनाज, वाहन और वस्त्र। विद्या और यश की बढ़ोतरी।
प्रेत-बाधा जैसा अनुभव, मन में भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
BPHS 54.15-21
└ मंगल/शनिJun 2025 – Jul 2026Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
बाहरी/ऊपरी सत्ता से भय। धन-अनाज का नाश। बन्धन जैसी स्थिति, बन्दिश, रोग — और अन्त में ज़मीन/जायदाद का नुकसान।
पद का सुख और यश की बढ़ोतरी। अपने गाँव/जगह में अनाज की बढ़ोतरी। संतान-पौत्र का साथ, घर में गोधन। अपने वार के दिन राजसम्मान, अपने महीने में संतान की वृद्धि।
BPHS 54.26-27
└ मंगल/बुध ← अभीJul 2026 – Oct 2026Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख। खेती/ज़मीन के काम में सफलता।
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.36-38
⚠️ साढ़े सातीJun 1973 – Aug 1980पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)शनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाOct 1982 – Oct 1985चन्द्र से 4थाशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाMar 1993 – Mar 1996चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ साढ़े सातीAug 2002 – Sep 2009पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)शनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाDec 2011 – Nov 2014चन्द्र से 4थाशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाMay 2022 – Apr 2025चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
क्या यह सही था?
Yahan tak jo likha hai — kya ye aapke saath hua? Agar aap teen tareekhein bata dein — naukri ya kaam ka bada mod, shaadi ya rishta, aur ghar ya sampatti — to aapki agli reading aur theek hogi.
तीन तारीखें भेजिए
जन्म कुण्डली + ९ ग्रहउत्तर भारतीय चक्र, लाहिरी अयनांश, षड्बल। खोलने के लिए टैप करें।

🪐 जन्म कुंडली — उत्तर भारतीय चक्र

12Karkचंद1SimhLकेत2Kany11Mith3Tula10Vrsh9Meshशनि8Meen4Vrscमंगगुरशुक5Dhanसूरबुध6Makr7KumbराहSimha Lagna

Lahiri Ayanamsha · Swiss Ephemeris · BPHS classical

⚡ ग्रह विश्लेषण — सभी ९ ग्रह

GrahaRashiHouseNakshatraDignityStrength
☉सूर्यDhanu5thUttara AshadhaFriendly Sign◐ Moderate
☽चंद्रKarka12thAshleshaOwn Sign●● Very Strong
♂मंगलVrishchika4thVishakhaOwn Sign● Strong
☿बुधDhanu5thMulaFriendly Sign◐ Moderate
♃गुरुVrishchika4thAnuradhaNeutral Sign● Strong
♀शुक्रVrishchika4thAnuradhaEnemy Sign● Strong
♄शनि® VakriMesha9thBharaniDebilitated◐ Moderate
☊राहु® VakriKumbha7thDhanishthaNeutral Sign—
☋केतुSimha1stMaghaNeutral Sign—

⚖️ Shadbala classical 6-component system (BPHS Ch.27) · Swiss Ephemeris

गहराई मेंषोडशवर्ग, D9, D10, अष्टकवर्ग, तीन घड़ियाँ, वर्षफल, गोचर। खोलने के लिए टैप करें।

🔢 सोलह कुंडलियाँ — षोडशवर्ग

BPHS कहता है एक ही कुंडली को सोलह तरह से देखा जा सकता है — हर वर्ग एक अलग सवाल पूछता है। जो ग्रह कई वर्गों में एक ही राशि रखता है, वह शास्त्र के हिसाब से सबसे मज़बूत है।

केतु सोलह में से 7 वर्गों में वही राशि रखता है (कुल 15 में से) — यह इस कुंडली का सबसे मज़बूत ग्रह है।

केतु7/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Meshaकर्म और पहचान — Simhaपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishchika
बुध5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Vrishabhaकर्म और पहचान — Kumbhaपिछले कर्मों का जोड़ — Dhanu
राहु5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Tulaकर्म और पहचान — Kumbhaपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishabha
सारे सोलह वर्ग, सारे ग्रहों के लिए → ₹51

ज़्यादा गिनती का मतलब शास्त्रीय बल है, अच्छा नतीजा नहीं। और किसी वर्ग का नाम उसका भविष्य नहीं बताता — D30 कठिनाइयों का वर्ग है, पर उसका ज़िक्र कठिनाई की भविष्यवाणी नहीं है।

⏳ तीन घड़ियाँ — तीन पद्धति, एक ही समय

ज्योतिष में समय नापने के कई तरीके हैं, और तीनों अलग गणित से चलते हैं। जहाँ तीनों एक ही बात कहें, वह संकेत ज़्यादा मज़बूत होता है।

विंशोत्तरीमंगल / बुध

१२० साल का चक्र, जन्म नक्षत्र से

योगिनीSiddha (शुक्र)

३६ साल का चक्र — BPHS अध्याय १९५-१९९

चरMeena (गुरु)

राशि पर चलती है, ग्रह पर नहीं — जैमिनि

हर पद्धति कब तक चलती है — तीनों की तारीख़ें → ₹51

ये तीनों अलग ग्रंथों से आती हैं और अलग गणित से चलती हैं — इसीलिए अलग जवाब देना इनका दोष नहीं, इनका स्वभाव है। कोई एक पद्धति अकेली सच नहीं होती।

📅 आपका वर्ष — वर्षफल

हर साल सूर्य ठीक उस जगह लौटता है जहाँ वह आपके जन्म के समय था। उस क्षण से आपका नया वर्ष शुरू होता है — जन्मदिन से नहीं, उस खगोलीय लौटने से।

यह वर्ष शुरू हुआ: 13 जन॰ 2026, 23:51

अगला वर्ष शुरू होगा: 14 जन॰ 2027, 05:54

शादी, साथी और साझेदारी

मुन्था इस साल यहाँ है। शास्त्र कहता है साल का विषय इसी हिस्से के आस-पास घूमता है।

वर्ष के आरंभ का लग्न और उसका स्वामी → ₹51

यह ताजिक पद्धति का पहला चरण है — वर्ष प्रवेश, वर्ष लग्न और मुन्था। वर्षेश (साल का स्वामी), सहम और मुद्दा दशा अभी गणित में नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में यहाँ कुछ नहीं कहा गया।

📆 १० महीने की समय-रेखा — गोचर

🟢 सबसे सहायक महीना (गोचर): January 2027🔴 सबसे सावधानी वाला (गोचर): October 2026

Mars (1st), Jupiter (1st), Rahu (7th), Ketu (1st) अभी आपके मुख्य भावों में हैं — March 2027 से यह स्थिति बदल जाती है, इसीलिए उससे पहले के महीने तुलना में भारी दिखते हैं।

पिछले ३ महीने

🔴 July 2026Saturn / Jupiter (अंतर / प्रत्यंतर)

Mars → 10th · Venus → 1st · Rahu → 7th · Ketu → 1st

🟡 August 2026Mercury / Mercury (अंतर / प्रत्यंतर)

Venus → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

🔴 September 2026Mercury / Ketu (अंतर / प्रत्यंतर)

Sun → 1st · Mercury → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

अभी

🔴 October 2026Mercury / Venus (अंतर / प्रत्यंतर)

Sun → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

…और आगे के ६ महीने? → ₹51

Transits indicate periods of support or pressure on a house. They do not predict specific events.

🔒 त्रिकाल ने और भी देखा है

आपके नवांश में Sun वर्गोत्तम है — जन्म कुंडली और D9 दोनों में एक ही राशि। यह विशेष बल आपके लिए कब और कैसे काम करता है, वह पूरी रीडिंग में है।

January 2027 आपका सबसे सहायक महीना है — लेकिन उससे पहले के महीनों में क्या सँभालना है, और उस महीने में ठीक क्या करना है, वह अंदर है।

🔓 पूरा सच — ₹५१
Ye reading granth ki shartein laga kar bani hai — BPHS, Phaladipika, Jataka Parijata aur Muhurta Chintamani. Jahan granth chup hai, wahan hum bhi chup hain. Ye aasaar hain, faisla nahi. Faisla aapka hai.

📊 Complete Analysis

आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

💎 Gemstone + 4 Action Windows...

त्रिकाल ने और भी देखा है

आपकी Mars महादशा में Poori Kundali को लेकर त्रिकाल ने और भी देखा है... आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

✓ नवांश (D9) — हर ग्रह का आंतरिक बल

✓ अगले ६ महीने का गोचर, महीने-दर-महीने

✓ हर ग्रह का षड्बल स्कोर

✓ सभी भाव + दशा सक्रियता श्रृंखला

✓ राजयोग — BPHS अध्याय ३९

✓ उपाय — सिर्फ़ वहाँ जहाँ ग्रंथ देता है

✓ सोलह वर्ग, नौ ग्रह, D9 और D10 के चार्ट

✓ चारों उपाय स्तर — व्यावहारिक से सेवा तक

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रोहित से सीधी बात
इस रिपोर्ट पर 15 मिनट की पर्सनल रीडिंग — आपके सवाल, आपका चार्ट, सीधा जवाब।
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रोहित गुप्ता · Chief Vedic Architect · 16+ साल पराशर BPHS
Rohiit Gupta — Chief Vedic Architect

Rohiit Gupta

Chief Vedic Architect · Trikaal Vaani

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trikalvaani.com · Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect

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