आपके 5 मुख्य भावों में से 0 सहारा देने वाले, 1 कठिन, और 2 मिला-जुला हैं।
सन्तान, विद्या और बुद्धि5वाँ भाव
कमज़ोर · 27
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों? ▾
आपका 5वाँ भाव — सन्तान, विद्या और बुद्धि — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी गुरु 4थे (शुभ) भाव में है।
· 5ve ghar mein Budh baitha hai — sahara deta hai
· 5ve ghar mein Surya baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Guru) पर — mazboot — Guru SWA/MITRA raashi mein; Guru achhe ghar mein (4ve)
Santan ka sukh, rishton mein khushi, bade logon ke saath kaam, samman, achha bhojan aur daan-dharm. (Ph 20.6)
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
⭐ Nov 2026 – Feb 2027 — santan aur padhai par dhyan dene ka samay। Guru 5ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Nov 2027 – Dec 2027 — santan aur padhai par dhyan dene ka samay। Guru 5ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। सन्तान गोद ली हुई होती है। (JP 13.38) सन्तान का क्षय देव-शाप से कहा गया है। (JP 13.32)
⭐ AAPKE CHART SE3
सन्तान गोद ली हुई होती है।JP 13.38◆
सन्तान का क्षय देव-शाप से कहा गया है।JP 13.32◆
एक ही सन्तान होती है।JP 13.11◆
कर्म, पद और प्रतिष्ठा10वाँ भाव
मज़बूत · 32
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों? ▾
आपका 10वाँ भाव — कर्म, पद और प्रतिष्ठा — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 32 हैं। इस भाव का स्वामी शुक्र 4थे (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu theek hain (32)
इस भाव के स्वामी (Shukra) पर — mazboot — Shukra achhe ghar mein (4ve)
Jo bhi kaam shuru karo usme safalta milti hai, aaram se rehna, naam aur pratishtha, kushal kaam, aur samman badhta hai. (Ph 20.11)
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
Oct 2026 – Jun 2027 — naukri ya promotion ho sakti hai। Shani 10ve ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Dec 2027 – Mar 2028 — naukri ya promotion ho sakti hai। Guru 10ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 10ve ghar ko DEKH raha hai। राजयोग में जन्मा जातक दीक्षित राजा होता है। (BPHS 79.15) राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है। (BPHS 21.4)
⭐ AAPKE CHART SE3
राजयोग में जन्मा जातक दीक्षित राजा होता है।BPHS 79.15◆
राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है।BPHS 21.4◆
जातक सुखी और माता के हित में लगा रहता है; वह वाहन, भूमि और घर का स्वामी, गुणवान तथा धनवान होता है।BPHS 24.112◆
घर, भूमि और माता4वाँ भाव
मज़बूत · 24★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों? ▾
आपका 4था भाव — घर, भूमि और माता — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 24 हैं (ग्रन्थ 25 से नीचे को कमज़ोर कहता है)। इस भाव का स्वामी मंगल 4थे (शुभ) भाव में है।
· 4ve ghar ka malik Mangal apni mazboot jagah par hai
· 4ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 4ve ghar mein Guru baitha hai — sahara deta hai
· 4ve ghar mein Shukra baitha hai — sahara deta hai
· ghar aur maa ka mukhya grah Chandra bhi mushkil ghar mein hai
· 4ve ghar mein Mangal baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (24) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Mangal) पर — mazboot — Mangal SWA/MITRA raashi mein; Mangal achhe ghar mein (4ve)
Rishton se madad, kheti mein safalta, gaadi, khet aur GHAR ka sukh, naya dhan, aur achhi jagah. (Ph 20.5)
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
Oct 2026 – Nov 2026 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Guru 4the ghar ko DEKH raha hai। Feb 2027 – Jul 2027 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Guru 4the ghar ko DEKH raha hai। घर का पूरा सुख मिलता है। (BPHS 15.2) भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है। (BPHS 15.3)
⭐ AAPKE CHART SE3
घर का पूरा सुख मिलता है।BPHS 15.2◆
भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है।BPHS 15.3◆
घर सुन्दर अट्टालिकाओं और चहारदीवारी से सजा होता है।BPHS 15.4◆
आय और लाभ11वाँ भाव
कमज़ोर · 28
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
आपका 11वाँ भाव — आय और लाभ — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 28 हैं। इस भाव का स्वामी बुध 5वें (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu kam hain (28)
इस भाव के स्वामी (Budh) पर — mazboot — Budh achhe ghar mein (5ve)
Jun 2027 – Nov 2027 — aamdani ke naye raaste dekhne ka samay। Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai। Mar 2028 – May 2028 — aamdani ke naye raaste dekhne ka samay। Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai।
भाग्य, पिता और धर्म9वाँ भाव
कमज़ोर · 27★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
आपका 9वाँ भाव — भाग्य, पिता और धर्म — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी मंगल 4थे (शुभ) भाव में है।
· 9ve ghar ka malik Mangal apni mazboot jagah par hai
· 9ve ghar mein Shani baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Mangal) पर — mazboot — Mangal SWA/MITRA raashi mein; Mangal achhe ghar mein (4ve)
Jeevansaathi, santan aur pote-potiyon ka sukh, rishtedaar, bhagya aur dhan, shubh kaam, upar walon se samman, aur dharm mein shraddha. (Ph 20.10)
ग्रन्थ के श्लोक ▾
⭐ Jul 2027 – Nov 2027 — bade logon aur guru ka sahara lene ka samay। Guru 9ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 9ve ghar MEIN। ⭐ Mar 2028 – May 2028 — bade logon aur guru ka sahara lene ka samay। Guru 9ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 9ve ghar MEIN।
स्वयं — शरीर और स्वभाव1वाँ भाव
मिला-जुला · 33
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· is ghar par bindu theek hain (33)
· 1ve ghar mein Ketu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
इस भाव के स्वामी (Surya) पर — mazboot — Surya SWA/MITRA raashi mein; Surya achhe ghar mein (5ve)
Duniya mein apni jagah banti hai, sukh se rehna, sharir mein bal, chehre par tej. Bhagya badhte chaand ki tarah badhta hai. (Ph 20.2)
परिश्रम, विरोध और रोग6वाँ भाव
कमज़ोर · 23★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· 6ve ghar ka malik Shani kamzor jagah par hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (23) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Shani) पर — mazboot — Shani VAKRI hai; Shani achhe ghar mein (9ve)
Virodhiyon par jeet apni himmat se, achhi sehat, udaarta, koi dabaa nahi sakta, aur badi samriddhi. (Ph 20.7)
व्यय, दूर देश और एकान्त12वाँ भाव
मज़बूत · 23
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· 12ve ghar ka malik Chandra apni mazboot jagah par hai
· 12ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 12ve ghar mein Chandra baitha hai — sahara deta hai
· 12ve ghar ka malik Chandra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (23) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं।
आगे का दौर
8 महीने आगे
मंगल / बुध← अभी
Oct 2026 – Jul 2027
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख।खेती/ज़मीन के काम में सफलता।(BPHS 54.36-38)
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश।(JP 18.88)
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik · इस लग्न के लिए पाप ग्रह (BPHS Ch.34)
पूरी रीडिंग में:
· aage ke SAARE daur — poore chalte hue daur tak, ek nahi
· KAB — gochar ki sankri khidkiyan, mahine ke naam se
· SD ka star — jo saal ko mahinon mein todta hai
· Sade Sati aur Dhaiya ke aage ke daur
· RAJAYOGA — BPHS Adhyay 39, aur wo poora/aadha/chauthai hai ya nahi
आपका अतीतजन्म से आज तक — हर दौर, ग्रन्थ से। खोलने के लिए टैप करें।6 MD▾
आपका अतीत
जन्म से आज तक — हर बड़ा दौर, ग्रन्थ से।
दौर
काल
ग्रह की जगह
ग्रन्थ क्या कहता है
स्रोत
बुध महादशा
Jan 1971 – Jan 1980
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · सन्तान, विद्या और बुद्धि · आय और लाभ
(बुध 2रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ बुध/बुध
Jan 1971 – Apr 1972
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
विचित्र घर और धन की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। सब काम और अर्थ सधते हैं।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.133
└ बुध/केतु
Apr 1972 – Nov 1972
Ketu — 1le ghar mein
बन्धुओं के पक्ष में चिन्ता, मन पर बोझ, सुख में कमी और विरोध का भय। काम अटकते हैं।
JP 18.134
└ बुध/शुक्र
Nov 1972 – May 1974
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
पत्नी को कष्ट, घर में कलह, धन का व्यय, कारोबार में हानि।
बड़ों, देव और विद्वानों को दान, धर्म में प्रीति और तप। धन, वस्त्र और आभूषण की प्राप्ति।
BPHS 58.19
└ बुध/सूर्य
May 1974 – Oct 1974
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश और धन।
वस्त्र, आभूषण और धन की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। धर्म-श्रवण का योग।
BPHS 58.20-24
└ बुध/चन्द्र
Oct 1974 – Jul 1975
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
सेहत और विरोध से खिंचाव, कामों में रुकावट, और पशु-सम्बन्धी सावधानी।
JP 18.137
└ बुध/मंगल
Jul 1975 – Jan 1976
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
रोग और विरोध के भय का नाश, पुण्य कर्म का फल और यश। ऊपर वालों की प्रीति।
BPHS 58.36-45
└ बुध/राहु
Jan 1976 – Jun 1977
Rahu — 7ve ghar mein
धन और वाहन का लाभ, विदेश/दूर से लाभ, बड़े लोगों से मेल।
भुक्ति के शुरू में शरीर को कष्ट, वात-ज्वर और अजीर्ण (पाचन की गड़बड़)।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 58.47-53
└ बुध/गुरु
Jun 1977 – Aug 1978
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
अपनों और बड़ों से मनमुटाव — पर धन का लाभ और संतान की तरफ़ बढ़ोतरी। सेहत का ध्यान रखें।
शरीर में ताप, अंग में कमज़ोरी या विकलता का भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
JP 18.140
└ बुध/शनि
Aug 1978 – Jan 1980
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
धर्म और सत्कर्म से धन की प्राप्ति, और छोटे-बड़े लोगों से सुख। पर कृषि के पक्ष में नुक़सान।
धन की हानि, काम में रुकावट, शरीर में शिथिलता, अपनों से विरोध।
JP 18.141
केतु महादशा
Jan 1980 – Jan 1987
Ketu — 1le ghar mein
★ इस पूरे दौर में खुला: स्वयं — शरीर और स्वभाव
(केतु स्वयं 1ले भाव में बैठा है)
ग्रन्थ चुप
└ केतु/केतु
Jan 1980 – Jun 1980
Ketu — 1le ghar mein
सुख और धन में कमी, और विरोध का भय।
JP 18.145
└ केतु/शुक्र
Jun 1980 – Aug 1981
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
साथी और संतान के पक्ष में सेहत तथा झगड़ा, बन्धु-मित्रों का साथ कम, और पाचन की तरफ़ ध्यान।
विवाह और मंगल कार्य। वाहन, वस्त्र, आभूषण। पत्नी-संतान का सुख, घर में लक्ष्मी, संगीत और उत्सव।
JP 18.146
└ केतु/सूर्य
Aug 1981 – Dec 1981
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
मन टूटा-टूटा रहता है, शरीर पर दबाव, और विदेश जाने का योग तथा भय। कामों में विरोध।
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश।
JP 18.147
└ केतु/चन्द्र
Dec 1981 – Jul 1982
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
साथी और संतान के पक्ष में आलस और ढील, धन-अनाज का नुक़सान, और मन पर बोझ।
JP 18.148
└ केतु/मंगल
Jul 1982 – Dec 1982
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
संतान, साथी और सहोदरों से खिंचाव; सेहत, विरोध और सत्ता की तरफ़ से दबाव।
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
JP 18.149
└ केतु/राहु
Dec 1982 – Jan 1984
Rahu — 7ve ghar mein
ऊपर वालों और चोरी का भय, दुख, और कामों में रुकावट। बुरे लोगों से वास्ता।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.150
└ केतु/गुरु
Jan 1984 – Dec 1984
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
देव, विद्वान और बड़ों की प्रीति, ऊपर वालों का स्नेह और निरोगता। भूमि और संतान का लाभ।
पद और सम्मान, विद्या और यश, विवाह और संतान का लाभ, देव-ब्राह्मण पूजा, तीर्थ।
JP 18.151
└ केतु/शनि
Dec 1984 – Jan 1986
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
मन में भय और बोझ, अपने बन्धुओं से खिंचाव। और अपना देश या जगह छोड़नी पड़ सकती है।
धन की हानि, काम में रुकावट, शरीर में शिथिलता, अपनों से विरोध।
JP 18.152
└ केतु/बुध
Jan 1986 – Jan 1987
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
बन्धु-मित्रों का मेल, संतान-साथी और धन का आगम। विद्या और सुख।
विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी, धन-अनाज, मित्रों का साथ।
JP 18.153
शुक्र महादशा
Jan 1987 – Jan 2007
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: भाई-बहन और पराक्रम · घर, भूमि और माता · विवाह और जीवनसाथी · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(शुक्र 3रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ शुक्र/शुक्र
Jan 1987 – May 1990
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
शय्या, जीवनसाथी, धन और वस्त्र की प्राप्ति; धर्म और सुख की सम्पदा। विरोधियों का नाश और यश का लाभ।
JP 18.158
└ शुक्र/सूर्य
May 1990 – May 1991
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश और धन।
सिर, पेट और आँख की तरफ़ ध्यान; कृषि और गो-धन में नुक़सान। ऊपर वालों की नाराज़गी।
BPHS 60.12-18
└ शुक्र/चन्द्र
May 1991 – Jan 1993
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
सिर और गर्मी की तकलीफ़, और इच्छाओं से उपजा दबाव। थोड़ा सुख फिर भी मिलता है।
माता का सुख और घर में शान्ति। विवाह और मंगल कार्य, धन-अनाज, वस्त्र-आभूषण, मन प्रसन्न।
JP 18.160
└ शुक्र/मंगल
Jan 1993 – Mar 1994
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत।
मन में उत्साह और धन का आगम। जीवनसाथी के पक्ष से लाभ। आँख और पित्त की तरफ़ ध्यान।
BPHS 60.30-35
└ शुक्र/राहु
Mar 1994 – Mar 1997
Rahu — 7ve ghar mein
नीली चीज़ों या उस तरह के काम से धन — पर बन्धुओं से खिंचाव और मित्रों से भय। अग्नि की सावधानी।
भुक्ति के शुरू के पाँच महीने भारी रहते हैं।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.162
└ शुक्र/गुरु
Mar 1997 – Nov 1999
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पद और सम्मान, विद्या और यश, विवाह और संतान लाभ, देव-ब्राह्मण पूजा, तीर्थ, दान-धर्म।
धन, वस्त्र और आभूषण की प्राप्ति, धर्म का आचरण और सुख। जीवनसाथी-संतान के पक्ष में थोड़ी असमानता।
BPHS 60.45-51
└ शुक्र/शनि
Nov 1999 – Jan 2003
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
सन्तान (बेटी) के जन्म की सम्भावना।
BPHS 60.53
└ शुक्र/बुध
Jan 2003 – Nov 2005
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी, धन-अनाज, वस्त्र, मित्रों का साथ।
संतान और मित्रों का सुख तथा अर्थ की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। शुभ और पूजनीय कार्य।
BPHS 60.60-66
└ शुक्र/केतु
Nov 2005 – Jan 2007
Ketu — 1le ghar mein
झगड़ा, बन्धुओं का साथ कम, विरोध से दबाव और मन में भय। धन में कटौती।
JP 18.166
सूर्य महादशा
Jan 2007 – Jan 2013
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: स्वयं — शरीर और स्वभाव · सन्तान, विद्या और बुद्धि · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(सूर्य 1ले भाव का स्वामी है)
अ.34: शुभ
└ सूर्य/सूर्य
Jan 2007 – May 2007
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
बड़ों, विद्वानों और शास्त्र के रास्ते से धन आता है। मन पर बोझ रहता है, और दूर की जगहों तथा एकान्त की तरफ़ मन जाता है।
JP 18.61
└ सूर्य/चन्द्र
May 2007 – Nov 2007
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
पानी से डर या ख़तरा। बंधन जैसी स्थिति, रोग, अपनी जगह से हटना। मन बेचैन, दायाद/रिश्तेदारों से विरोध। खाना ख़राब मिलना, चोर और सत्ता से पीड़ा।
विवाह और शुभ कार्य होते हैं। धन-अनाज की समृद्धि, घर और ज़मीन की बढ़ोतरी, पशु और वाहन। पत्नी और संतान का सुख। बड़े लोगों से मेल, और उनकी कृपा से मनचाहा काम बनता है।
BPHS 52.8-10
└ सूर्य/मंगल
Nov 2007 – Mar 2008
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
शुभ कार्य होते हैं। ज़मीन का लाभ, खेती से लाभ, धन-अनाज की बढ़ोतरी, घर-ज़मीन मिलना, लाल वस्त्र। लग्नेश के साथ हो तो सुख और ऊपर वालों की प्रीति। भाग्येश/लाभेश के साथ हो तो लाभ, बड़ा पद, शत्रु का नाश, मन की दृढ़ता, भाई-बन्धुओं का सुख।
रत्न, सोना और धन की प्राप्ति। ऊपर वालों का स्नेह — शुभ समय। पित्त की तरफ़ ध्यान देना ज़रूरी।
BPHS 52.15-18
└ सूर्य/राहु
Mar 2008 – Feb 2009
Rahu — 7ve ghar mein
शुरू के दो महीने — धन की हानि और बड़ा भय, चोर का डर, घाव, पत्नी-संतान को कष्ट। उसके बाद सुख मिलता है। शुभ ग्रह के साथ/दृष्टि में हो तो शरीर स्वस्थ, मन संतुष्ट, और ऊपर वालों से प्रीति।
बंधन, जगह का नुकसान, क़ानूनी उलझन। चोर का डर, घाव। पत्नी-संतान का कष्ट, चौपायों का नुकसान, घर-ज़मीन की हानि। पेट के रोग और अतिसार।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.23-25
└ सूर्य/गुरु
Feb 2009 – Nov 2009
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पत्नी-संतान को कष्ट और शरीर को कष्ट, बड़ा भय। ऊपर वालों की नाराज़गी, मनचाही चीज़ का नाश। ग़लत रास्ते से आया धन नष्ट, शरीर गिरना, मन में ताप।
विवाह, बड़े लोगों से भेंट, धन-अनाज का लाभ, संतान लाभ, बड़ा सुख। बड़े की कृपा से मनचाहा काम और धन। ब्राह्मणों का प्रेम और सम्मान, अच्छे वस्त्र। भाग्येश/कर्मेश के वश से पद मिलना, नरवाहन योग (पालकी/सवारी), जगह की बढ़ोतरी। दान-धर्म का काम, देवता की आराधना, गुरु में भक्ति, मन की सिद्धि, पुण्य कर्म।
BPHS 52.37-39
└ सूर्य/शनि
Nov 2009 – Nov 2010
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
शत्रु का नाश, बड़ा सुख — पर धन-अनाज का लाभ थोड़ा ही (ग्रंथ ख़ुद "स्वल्प" कहता है)। घर में विवाह जैसा शुभ कार्य। घर में कल्याण और सम्पत्ति, राजसम्मान और कीर्ति, अनेक वस्त्र और धन।
शुरू में — मित्र/साथी का साथ छूटना। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — क्लेश। और माता-पिता से दूरी, आना-जाना लगा रहना।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.40-42
└ सूर्य/बुध
Nov 2010 – Sep 2011
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
शरीर में जड़ता और ज्वर।
शुरू में — दुख। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — ऊपर वालों से डर, और आना-जाना।
BPHS 52.56-57
└ सूर्य/केतु
Sep 2011 – Jan 2012
Ketu — 1le ghar mein
शरीर को कष्ट और मन में बेचैनी। धन का व्यय, ऊपर वालों की नाराज़गी, और अपने लोगों की ओर से परेशानी।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.58
└ सूर्य/शुक्र
Jan 2012 – Jan 2013
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
शुरू में — मध्यम, कुछ ख़ास नहीं। बीच में — लाभ और शुभ। अन्त में — यश का नुकसान, या अपनी जगह से हटना। बन्धुओं से मनमुटाव, और अपने ही कुल/परिवार की वजह से भोग-सुख में कमी।
मनचाही स्त्री/जीवनसाथी का सुख और सम्पदा। दूसरे गाँव/शहर की यात्रा, विद्वानों और बड़े लोगों से भेंट। पद का लाभ और बड़ा उत्साह — छत्र-चामर जैसा वैभव। घर में कल्याण और सम्पत्ति, रोज़ मिष्ठान्न। मूँगा जैसे रत्न, मोती और अच्छे वस्त्र का लाभ। चौपायों का लाभ, बहुत अनाज और धन। उत्साह, कीर्ति, और नर-वाहन (पालकी/सवारी) की सम्पदा।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.70-71
चन्द्र महादशा
Jan 2013 – Jan 2023
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: घर, भूमि और माता · व्यय, दूर देश और एकान्त
(चन्द्र "घर, भूमि और माता" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: सम
└ चन्द्र/चन्द्र
Jan 2013 – Nov 2013
Chandra — 12ve ghar mein, 12 ka malik
हाथी-घोड़े-वस्त्र मिलते हैं। देवता और गुरु में भक्ति, पुण्य का कीर्तन। पद मिलना, बड़ा सुख, यश की बढ़ोतरी। पूर्ण चन्द्र हो तो पूरा बल — बड़ा पद और बड़ा सुख।
विद्या, संगीत और कला में मन लगता है। अच्छे वस्त्र, अच्छी संगति और शरीर का सुख। और बड़े लोगों तथा अधिकारियों से आदर मिलता है।
BPHS 53.1-3
└ चन्द्र/मंगल
Nov 2013 – Jun 2014
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
सौभाग्य, राजसम्मान, वस्त्र और आभूषण। मेहनत से काम बनता है — इसमें कोई संदेह नहीं। घर-ज़मीन की बढ़ोतरी, व्यापार में लाभ, काम का लाभ और बड़ा सुख।
सेहत और विरोध की बुद्धि, जगह से हटना, धन का क्षय। मित्रों और भाइयों के कारण क्लेश।
BPHS 53.7-9
└ चन्द्र/राहु
Jun 2014 – Dec 2015
Rahu — 7ve ghar mein
अपनी जगह से हटना, मन में दुख, संतान को क्लेश। कहीं पत्नी को कष्ट, कहीं अपने शरीर में रोग का डर। बिच्छू जैसे ज़हर का डर, और चोर का।
शुरू में फल बहुत कम — शत्रु से पीड़ा और बड़ा भय। चोर, साँप और सत्ता का डर, चौपायों को कष्ट। बन्धु का नुकसान, मित्र की हानि, मान की हानि और मन की व्यथा।
BPHS 53.17-18
└ चन्द्र/गुरु
Dec 2015 – Apr 2017
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
काम में रुकावट, धन का व्यय। मन में ताप और अपनों से मतभेद। शरीर में शिथिलता।
गर्भाधान और उससे जुड़ा फल। धन-अनाज की समृद्धि, विवाह और मंगल कार्य। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ, दान-धर्म। बड़े की कृपा से पद और सम्मान।
BPHS 53.26-30
└ चन्द्र/शनि
Apr 2017 – Nov 2018
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
शस्त्र से चोट का ख़तरा। धन की हानि, काम में रुकावट, अपनों से विरोध, शरीर में रोग।
मन पर बोझ, वात-पित्त की तरफ़ ध्यान, और बात रुक जाना — विरोध के साथ बहस।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 53.36-37
└ चन्द्र/बुध
Nov 2018 – Apr 2020
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
मन में उलझन, काम में अड़चन, अपनों से बहस।
माता के पक्ष से धन, विद्वानों का साथ, और वस्त्र-आभूषण की प्राप्ति।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 53.45
└ चन्द्र/केतु
Apr 2020 – Nov 2020
Ketu — 1le ghar mein
शुरू में थोड़ा सुख, बीच में उलझन, अन्त में फिर सम्भलना। छोटा-मोटा लाभ, पर कुछ बड़ा नहीं।
जीवनसाथी की सेहत, बन्धुओं का साथ कम, पेट की तरफ़ ध्यान, और धन का नुक़सान।
BPHS 53.47-49
└ चन्द्र/शुक्र
Nov 2020 – Jul 2022
Shukra — 4the ghar mein, 10+3 ka malik
नया घर बनना। विवाह और मंगल कार्य, वाहन, आभूषण, अच्छे वस्त्र। पत्नी-संतान का सुख। कहीं गड़ा धन या अचानक बड़ा लाभ मिलना। नाच-गाने और उत्सव का सुख।
पत्नी को कष्ट, घर में कलह। धन का व्यय, कारोबार में हानि।
BPHS 53.53-59
└ चन्द्र/सूर्य
Jul 2022 – Jan 2023
Surya — 5ve ghar mein, 1 ka malik
शरीर में ताप, ऊपर वालों से मतभेद, धन की हानि।
राजा जैसा ऐश्वर्य, रोग का नाश और विरोधियों का क्षय। सुख और शुभ।
BPHS 53.70
मंगल महादशा
Jan 2023
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: भाई-बहन और पराक्रम · घर, भूमि और माता · परिश्रम, विरोध और रोग · भाग्य, पिता और धर्म
(मंगल "भाई-बहन और पराक्रम" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: शुभ
└ मंगल/मंगल
Jan 2023 – Jun 2023
Mangal — 4the ghar mein, 9+4 ka malik
ज़मीन और घर का लाभ, धन-अनाज। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई। शत्रु पर जीत, राजसम्मान, लाल वस्त्र और आभूषण।
शरीर में गर्मी बढ़ती है, मित्रों से खिंचाव, माता के पक्ष में चिन्ता, और ऊपर वालों से भय। काम अटकते हैं।
BPHS 54.1-6
└ मंगल/राहु
Jun 2023 – Jul 2024
Rahu — 7ve ghar mein
गंगा-स्नान और तीर्थ का फल। धन-अनाज, वाहन। ऊपर वालों से मेल, विदेश या दूर की यात्रा का लाभ।
ऊपर वालों और चोरी का भय, धन-अनाज का नुक़सान। और रास्ता ग़लत तरफ़ मुड़ने का ख़तरा।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.9-11
└ मंगल/गुरु
Jul 2024 – Jun 2025
Guru — 4the ghar mein, 5+8 ka malik
पद और सम्मान। विवाह और मंगल कार्य, संतान का लाभ। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ। धन-अनाज, वाहन और वस्त्र। विद्या और यश की बढ़ोतरी।
प्रेत-बाधा जैसा अनुभव, मन में भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
BPHS 54.15-21
└ मंगल/शनि
Jun 2025 – Jul 2026
Shani — 9ve ghar mein, 6+7 ka malik
बाहरी/ऊपरी सत्ता से भय। धन-अनाज का नाश। बन्धन जैसी स्थिति, बन्दिश, रोग — और अन्त में ज़मीन/जायदाद का नुकसान।
पद का सुख और यश की बढ़ोतरी। अपने गाँव/जगह में अनाज की बढ़ोतरी। संतान-पौत्र का साथ, घर में गोधन। अपने वार के दिन राजसम्मान, अपने महीने में संतान की वृद्धि।
BPHS 54.26-27
└ मंगल/बुध ← अभी
Jul 2026 – Oct 2026
Budh — 5ve ghar mein, 11+2 ka malik
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख।खेती/ज़मीन के काम में सफलता।
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.36-38
⚠️ साढ़े साती
Jun 1973 – Aug 1980
पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
Oct 1982 – Oct 1985
चन्द्र से 4था
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
Mar 1993 – Mar 1996
चन्द्र से 8वाँ
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ साढ़े साती
Aug 2002 – Sep 2009
पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
Dec 2011 – Nov 2014
चन्द्र से 4था
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
May 2022 – Apr 2025
चन्द्र से 8वाँ
शनि का बड़ा चक्कर
—
क्या यह सही था?
Yahan tak jo likha hai — kya ye aapke saath hua? Agar aap teen tareekhein bata dein — naukri ya kaam ka bada mod, shaadi ya rishta, aur ghar ya sampatti — to aapki agli reading aur theek hogi.
⚖️ Shadbala classical 6-component system (BPHS Ch.27) · Swiss Ephemeris
गहराई मेंषोडशवर्ग, D9, D10, अष्टकवर्ग, तीन घड़ियाँ, वर्षफल, गोचर। खोलने के लिए टैप करें।▾
🔢 सोलह कुंडलियाँ — षोडशवर्ग
BPHS कहता है एक ही कुंडली को सोलह तरह से देखा जा सकता है — हर वर्ग एक अलग सवाल पूछता है। जो ग्रह कई वर्गों में एक ही राशि रखता है, वह शास्त्र के हिसाब से सबसे मज़बूत है।
केतु सोलह में से 7 वर्गों में वही राशि रखता है (कुल 15 में से) — यह इस कुंडली का सबसे मज़बूत ग्रह है।
केतु7/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Meshaकर्म और पहचान — Simhaपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishchika
बुध5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Vrishabhaकर्म और पहचान — Kumbhaपिछले कर्मों का जोड़ — Dhanu
राहु5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Tulaकर्म और पहचान — Kumbhaपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishabha
ज़्यादा गिनती का मतलब शास्त्रीय बल है, अच्छा नतीजा नहीं। और किसी वर्ग का नाम उसका भविष्य नहीं बताता — D30 कठिनाइयों का वर्ग है, पर उसका ज़िक्र कठिनाई की भविष्यवाणी नहीं है।
⏳ तीन घड़ियाँ — तीन पद्धति, एक ही समय
ज्योतिष में समय नापने के कई तरीके हैं, और तीनों अलग गणित से चलते हैं। जहाँ तीनों एक ही बात कहें, वह संकेत ज़्यादा मज़बूत होता है।
यह ताजिक पद्धति का पहला चरण है — वर्ष प्रवेश, वर्ष लग्न और मुन्था। वर्षेश (साल का स्वामी), सहम और मुद्दा दशा अभी गणित में नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में यहाँ कुछ नहीं कहा गया।
📆 १० महीने की समय-रेखा — गोचर
🟢 सबसे सहायक महीना (गोचर): January 2027🔴 सबसे सावधानी वाला (गोचर): October 2026
Mars (1st), Jupiter (1st), Rahu (7th), Ketu (1st) अभी आपके मुख्य भावों में हैं — March 2027 से यह स्थिति बदल जाती है, इसीलिए उससे पहले के महीने तुलना में भारी दिखते हैं।
पिछले ३ महीने
🔴 July 2026Saturn / Jupiter (अंतर / प्रत्यंतर)
Mars → 10th · Venus → 1st · Rahu → 7th · Ketu → 1st
🟡 August 2026Mercury / Mercury (अंतर / प्रत्यंतर)
Venus → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st
🔴 September 2026Mercury / Ketu (अंतर / प्रत्यंतर)
Sun → 1st · Mercury → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st
Ye reading granth ki shartein laga kar bani hai — BPHS, Phaladipika, Jataka Parijata aur Muhurta Chintamani. Jahan granth chup hai, wahan hum bhi chup hain. Ye aasaar hain, faisla nahi. Faisla aapka hai.
📊 Complete Analysis
आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।
💎 Gemstone + 4 Action Windows...
त्रिकाल ने और भी देखा है
आपकी Mars महादशा में Poori Kundali को लेकर त्रिकाल ने और भी देखा है... आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।
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