राशि अनुकूलता
सिंह और धनु राशि की अष्टकूट मिलान में 31/36 अंक प्राप्त होते हैं। यह उत्कृष्ट अग्नि-अग्नि संयोग है। सूर्य और गुरु की ऊर्जा मिलकर एक शाही और दार्शनिक जोड़ी बनाती है। दोनों स्वतंत्रता-प्रेमी, उत्साही और आशावादी हैं। यह एक दुर्लभ और सुंदर मेल है।
सिंह और धनु भावनात्मक रूप से एक आदर्श जोड़ी हैं। दोनों उत्साही, गर्मजोशी से भरे और आशावादी हैं। धनु की स्वतंत्रता की भावना सिंह को उत्तेजित करती है। सिंह की वफादारी धनु को सुरक्षित महसूस कराती है। दोनों एक-दूसरे के साहसिक स्वभाव की प्रशंसा करते हैं और जीवन को भरपूर जीते हैं।
सिंह और धनु दोनों खुलकर और उत्साह से बोलते हैं। दोनों में बौद्धिक जिज्ञासा है। धनु दर्शन और ज्ञान की बात करता है, सिंह उसे व्यवहार में लाता है। विवाद में भी दोनों जल्दी माफ करते हैं। हास्य और सकारात्मकता इस जोड़ी की संचार शैली की पहचान है।
अग्नि तत्व की दोनों राशियाँ मिलकर एक ऊर्जावान और प्रेरक जोड़ी बनाती हैं। यात्रा, अध्यात्म, ज्ञान और साहसिक कार्यों में दोनों की समान रुचि है। सिंह धनु को स्थिरता देता है, धनु सिंह को नए क्षितिज दिखाता है। दोनों के जीवन में उत्सव और आनंद भरपूर रहता है।
दोनों अग्नि राशियाँ होने से कभी-कभी अहंकार का टकराव होता है। धनु की बेबाकी कभी-कभी सिंह को आहत करती है। सिंह की निरंतर प्रशंसा की माँग धनु को बोझिल लग सकती है। धनु की अत्यधिक स्वतंत्रता की इच्छा सिंह को असुरक्षित महसूस करा सकती है। परंतु इन मुद्दों को सुलझाना अपेक्षाकृत आसान है।
रविवार को दोनों मिलकर सूर्य को जल अर्पित करें। गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें। पुखराज और माणिक्य रत्न पंडित की सलाह से धारण करें। किसी तीर्थ स्थान की यात्रा साथ करें। एक-दूसरे को स्वतंत्रता दें।
यह सामान्य राशि अनुकूलता है। आपकी सटीक जन्म कुंडली के आधार पर पूर्ण मिलान — मांगलिक, नाड़ी, सभी 8 कूट और 10 उपाय — मात्र ₹51 में।
कुंडली मिलान करें ₹51 →सिंह और धनु का गुण मिलान 31/36 है — उत्कृष्ट। यह एक आदर्श अग्नि-अग्नि संयोग है।
सिंह और धनु का अष्टकूट मिलान 31/36 यानी 86% है।
अहंकार टकराव और धनु की अत्यधिक स्वतंत्रता की चाह कभी-कभी तनाव देती है, परंतु ये मामूली हैं।
सूर्य पूजा, विष्णु पूजा और साथ में तीर्थ यात्रा इस जोड़ी के लिए शुभ है।
रोहित गुप्ता त्रिकाल वाणी के संस्थापक एवं मुख्य वैदिक आर्किटेक्ट हैं। उनकी भविष्यवाणियाँ बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS), भृगु नाड़ी और षड्बल पर आधारित हैं।