राशि अनुकूलता
तुला और कर्क राशि की अष्टकूट मिलान में 17/36 अंक प्राप्त होते हैं। यह संयोग उपाय की मांग करता है। शुक्र और चंद्रमा मित्र हैं परंतु वायु और जल तत्व का अंतर बड़ा है। कर्क की गहरी भावनाएं और तुला का बौद्धिक दृष्टिकोण आपस में टकराता है।
कर्क बहुत गहरी भावनाएं रखता है, तुला भावनाओं को बौद्धिक तराजू पर तौलती है। कर्क को लगता है तुला उसकी भावनाओं को नहीं समझती। तुला को कर्क की भावुकता भारी लगती है। कर्क की सुरक्षा की जरूरत और तुला की स्वतंत्रता की चाह आपस में टकराती है। भावनात्मक तालमेल के लिए बहुत प्रयास जरूरी है।
तुला कूटनैतिक और संतुलित बोलती है, कर्क भावना से। दोनों की संचार शैली में बड़ा अंतर है। कर्क संकेतों में बोलता है जो तुला को भ्रमित करता है। तुला की निष्पक्षता कर्क को ठंडी लगती है। दोनों को एक-दूसरे की भाषा सीखनी होगी। कोमलता और स्पष्टता दोनों जरूरी हैं।
शुक्र-चंद्रमा मित्रता से सौंदर्य और घर सजाने में रुचि समान है। तुला का सामाजिक स्वभाव कर्क के घरेलू जीवन को संतुलित करता है। कर्क की पोषण करने की आदत और तुला की कूटनीति मिलकर पारिवारिक जीवन को सुखद बना सकती है।
4-10 भकूट दोष की संभावना से इस जोड़ी में तनाव हो सकता है। वायु और जल तत्व का बड़ा अंतर जीवनदृष्टि में मतभेद लाता है। कर्क की भावुकता और तुला की तटस्थता टकराती है। कर्क का घर से लगाव और तुला का सामाजिक जीवन असंतुलन पैदा करता है।
सोमवार को शिव जी को जल अर्पित करें। शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करें। मोती और हीरा रत्न पंडित की सलाह से धारण करें। भकूट दोष के लिए पंडित से परामर्श लें। एक-दूसरे की भावनाओं को सम्मान दें।
यह सामान्य राशि अनुकूलता है। आपकी सटीक जन्म कुंडली के आधार पर पूर्ण मिलान — मांगलिक, नाड़ी, सभी 8 कूट और 10 उपाय — मात्र ₹51 में।
कुंडली मिलान करें ₹51 →तुला और कर्क का गुण मिलान 17/36 है — उपाय आवश्यक। वायु-जल तत्व का अंतर और भकूट दोष चुनौती है।
तुला और कर्क का अष्टकूट मिलान 17/36 यानी 47% है।
भकूट दोष की संभावना और वायु-जल तत्व का मूलभूत अंतर इस जोड़ी की समस्याएं हैं।
शिव पूजा, लक्ष्मी पूजा और भकूट दोष निवारण पूजा इस जोड़ी के लिए जरूरी है।
रोहित गुप्ता त्रिकाल वाणी के संस्थापक एवं मुख्य वैदिक आर्किटेक्ट हैं। उनकी भविष्यवाणियाँ बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS), भृगु नाड़ी और षड्बल पर आधारित हैं।