🔱 Mahakaal Ka Ashirwad

Vedic Astrology Analysis · Poori Kundali

Rajesh kaushik की कुण्डली

गुरु महादशा · केतु अन्तर्दशा

चल रहा दौर: गुरु/केतु · Jun 2026 – Jun 2027

09 Apr 1980 · 03:00 · Bilaspur

कुम्भ लग्न · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · यह विवरण ग़लत हो तो रीडिंग दोबारा बनाएँ

⚡ Swiss Ephemeris📖 BPHS Classical🔮 Bhrigu Nandi⚖️ Shadbala
🔱 ग्रन्थ से आपका सार

आपके 5 मुख्य भावों में से 2 सहारा देने वाले, 0 कठिन, और 1 मिला-जुला हैं।

घर, भूमि और माता4वाँ भाव
मज़बूत · 28
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों?
आपका 4था भाव — घर, भूमि और माता — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 28 हैं। इस भाव का स्वामी शुक्र 4थे (शुभ) भाव में है।
· 4ve ghar ka malik Shukra apni mazboot jagah par hai
· 4ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 4ve ghar mein Shukra baitha hai — sahara deta hai
· ghar aur maa ka mukhya grah Chandra bhi mushkil ghar mein hai
· is ghar par bindu kam hain (28)
इस भाव के स्वामी (Shukra) पर — mazboot — Shukra SWA/MITRA raashi mein; Shukra achhe ghar mein (4ve)
Rishton se madad, kheti mein safalta, gaadi, khet aur GHAR ka sukh, naya dhan, aur achhi jagah. (Ph 20.5)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
Oct 2026 – Jun 2027 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Shani 4the ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Dec 2027 – Mar 2028 — ghar, zameen ya gaadi ka yog ban sakta hai। Guru 4the ghar ko DEKH raha hai, Shani 4the ghar ko DEKH raha hai। भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है। (BPHS 15.3) जातक मन्त्री जैसा, सब धनों से युक्त, चतुर, शीलवान, मानी, ज्ञानवान और सुखी होता है। (BPHS 24.40)
⭐ AAPKE CHART SE3
भूमि, वाहन और घर का सुख मिलता है।BPHS 15.3◆
जातक मन्त्री जैसा, सब धनों से युक्त, चतुर, शीलवान, मानी, ज्ञानवान और सुखी होता है।BPHS 24.40◆
पालकी जैसी सवारी मिलती है।Bhrigu 4.35◆
सन्तान, विद्या और बुद्धि5वाँ भाव
मज़बूत · 39★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हाँ
क्यों?
आपका 5वाँ भाव — सन्तान, विद्या और बुद्धि — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 39 हैं। इस भाव का स्वामी बुध 1ले (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu theek hain (39)
इस भाव के स्वामी (Budh) पर — mazboot — Budh achhe ghar mein (1ve)
Santan ka sukh, rishton mein khushi, bade logon ke saath kaam, samman, achha bhojan aur daan-dharm. (Ph 20.6)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
Jun 2027 – Nov 2027 — santan ya padhai ki baat ban sakti hai। Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। Mar 2028 – May 2028 — santan ya padhai ki baat ban sakti hai। Shani 5ve ghar ko DEKH raha hai। सन्तान से मिलने वाला सुख पूरा मिलता है; सन्तान के पक्ष में किसी तरह की कमी नहीं रहती। (BPHS 16.1-2) सन्तान होती है। (Phaladipika 12.11)
⭐ AAPKE CHART SE3
सन्तान से मिलने वाला सुख पूरा मिलता है; सन्तान के पक्ष में किसी तरह की कमी नहीं रहती।BPHS 16.1-2
सन्तान होती है।Phaladipika 12.11◆
सन्तान अधिक होती है।JP 13.9◆
कर्म, पद और प्रतिष्ठा10वाँ भाव
मज़बूत · 34
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
हमारा फ़ैसला:हाँ
क्यों?
आपका 10वाँ भाव — कर्म, पद और प्रतिष्ठा — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 34 हैं। इस भाव का स्वामी मंगल 7वें (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu theek hain (34)
इस भाव के स्वामी (Mangal) पर — mazboot — Mangal SWA/MITRA raashi mein; Mangal achhe ghar mein (7ve)
Jo bhi kaam shuru karo usme safalta milti hai, aaram se rehna, naam aur pratishtha, kushal kaam, aur samman badhta hai. (Ph 20.11)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
Oct 2026 – Nov 2026 — naukri ya promotion ho sakti hai। Guru 10ve ghar ko DEKH raha hai। Feb 2027 – Jul 2027 — naukri ya promotion ho sakti hai। Guru 10ve ghar ko DEKH raha hai। राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है। (BPHS 21.4) जीवनसाथी का सुख मिलता है; जातक मनस्वी, गुणवान, वाक्-पटु और सत्य तथा धर्म में सदा रत रहता है। (BPHS 24.115)
⭐ AAPKE CHART SE3
राजद्वार अर्थात् सरकारी काम में और व्यापार में सदा लाभ होता है।BPHS 21.4◆
जीवनसाथी का सुख मिलता है; जातक मनस्वी, गुणवान, वाक्-पटु और सत्य तथा धर्म में सदा रत रहता है।BPHS 24.115◆
जीवन सुख से बीतता है।BPHS 21.9
परिश्रम, विरोध और रोग6वाँ भाव
कमज़ोर · 25
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
आपका 6ठा भाव — परिश्रम, विरोध और रोग — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 25 हैं। इस भाव का स्वामी चन्द्र 12वें (कठिन) भाव में चला गया है।
· 6ve ghar ka malik Chandra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· is ghar par bindu kam hain (25)
ग्रन्थ के श्लोक
Oct 2026 – Nov 2026 — rukavat aur karz par kaam karne ka samay। Guru 6ve ghar MEIN। Feb 2027 – Jul 2027 — rukavat aur karz par kaam karne ka samay। Guru 6ve ghar MEIN।
आय और लाभ11वाँ भाव
मज़बूत · 32★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
आपका 11वाँ भाव — आय और लाभ — मज़बूत है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 32 हैं। इस भाव का स्वामी गुरु 7वें (शुभ) भाव में है।
· is ghar par bindu theek hain (32)
इस भाव के स्वामी (Guru) पर — mazboot — Guru VAKRI hai; Guru SWA/MITRA raashi mein; Guru achhe ghar mein (7ve)
Adhikaar bina toote chalta hai, manchaahe rishtedaar milte hain, sahayak aur saath dene wale, aur badi duniyavi tarakki. (Ph 20.12)
ग्रन्थ के श्लोक
⭐ Nov 2026 – Feb 2027 — kamai aur laabh badh sakta hai। Guru 11ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai। ⭐ Nov 2027 – Dec 2027 — kamai aur laabh badh sakta hai। Guru 11ve ghar ko DEKH raha hai, Shani 11ve ghar ko DEKH raha hai।
स्वयं — शरीर और स्वभाव1वाँ भाव
कमज़ोर · 25
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 1ve ghar mein Budh baitha hai — sahara deta hai
· 1ve ghar mein Ketu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
· is ghar par bindu kam hain (25)
इस भाव के स्वामी (Shani) पर — mazboot — Shani VAKRI hai; Shani achhe ghar mein (7ve)
Duniya mein apni jagah banti hai, sukh se rehna, sharir mein bal, chehre par tej. Bhagya badhte chaand ki tarah badhta hai. (Ph 20.2)
विवाह और जीवनसाथी7वाँ भाव
कमज़ोर · 19★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 7ve ghar mein Guru baitha hai — sahara deta hai
· 7ve ghar mein Mangal baitha hai — dabaav banata hai
· 7ve ghar mein Shani baitha hai — dabaav banata hai
· 7ve ghar mein Rahu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (19) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Surya) पर — mazboot — Surya SWA/MITRA raashi mein
Vastra, gehne, sukh ka bistar, jeevansaathi ka saath, mangal-utsav, aur ghoomne-firne ka sukh. (Ph 20.8)
भाग्य, पिता और धर्म9वाँ भाव
मिला-जुला · 27★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 9ve ghar ka malik Shukra apni mazboot jagah par hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Shukra) पर — mazboot — Shukra SWA/MITRA raashi mein; Shukra achhe ghar mein (4ve)
Jeevansaathi, santan aur pote-potiyon ka sukh, rishtedaar, bhagya aur dhan, shubh kaam, upar walon se samman, aur dharm mein shraddha. (Ph 20.10)

जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं।

आगे का दौर
7 महीने आगे
गुरु / केतु← अभी
Oct 2026 – Jun 2027
थोड़ा ही सुख और धन का आना — और खाना साधारण या ख़राब मिलना। (BPHS 56.32)
मोती-मूँगे जैसे आभूषण, तीर्थ-यात्रा और धन की बढ़ोतरी। बड़ों और ऊपर वालों से प्राप्ति। (JP 18.113)
Ketu — 1le ghar mein · इस ग्रह पर ग्रन्थ चुप है
पूरी रीडिंग में:
· aage ke SAARE daur — poore chalte hue daur tak, ek nahi
· KAB — gochar ki sankri khidkiyan, mahine ke naam se
· SD ka star — jo saal ko mahinon mein todta hai
· Sade Sati aur Dhaiya ke aage ke daur
· RAJAYOGA — BPHS Adhyay 39, aur wo poora/aadha/chauthai hai ya nahi
· aur UPAY — jahan granth deta hai
पूरी रीडिंग लीजिए — ₹51
आपका अतीतजन्म से आज तक — हर दौर, ग्रन्थ से। खोलने के लिए टैप करें।5 MD
आपका अतीत
जन्म से आज तक — हर बड़ा दौर, ग्रन्थ से।
दौरकालग्रह की जगहग्रन्थ क्या कहता हैस्रोत
सूर्य महादशाApr 1980 – Jul 1984Surya — 2re ghar mein, 7 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: स्वयं — शरीर और स्वभाव · paisa aur parivaar · विवाह और जीवनसाथी · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(सूर्य "स्वयं — शरीर और स्वभाव" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: मारक
└ सूर्य/सूर्यApr 1980 – Jun 1980Surya — 2re ghar mein, 7 ka malik
बड़ों, विद्वानों और शास्त्र के रास्ते से धन आता है। मन पर बोझ रहता है, और दूर की जगहों तथा एकान्त की तरफ़ मन जाता है।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.61
└ सूर्य/चन्द्रJun 1980 – Nov 1980Chandra — 12ve ghar mein, 6 ka malik
पानी से डर या ख़तरा। बंधन जैसी स्थिति, रोग, अपनी जगह से हटना। मन बेचैन, दायाद/रिश्तेदारों से विरोध। खाना ख़राब मिलना, चोर और सत्ता से पीड़ा।
बेवक़्त खाना, और एक जगह से दूसरी जगह भटकना।
BPHS 52.8-10
└ सूर्य/मंगलNov 1980 – Feb 1981Mangal — 7ve ghar mein, 3+10 ka malik
शुभ कार्य होते हैं। ज़मीन का लाभ, खेती से लाभ, धन-अनाज की बढ़ोतरी, घर-ज़मीन मिलना, लाल वस्त्र। लग्नेश के साथ हो तो सुख और ऊपर वालों की प्रीति। भाग्येश/लाभेश के साथ हो तो लाभ, बड़ा पद, शत्रु का नाश, मन की दृढ़ता, भाई-बन्धुओं का सुख।
ऊपरी/सरकारी वजह से धन का क्षय।
BPHS 52.15-18
└ सूर्य/राहुFeb 1981 – Sep 1981Rahu — 7ve ghar mein
शुरू के दो महीने — धन की हानि और बड़ा भय, चोर का डर, घाव, पत्नी-संतान को कष्ट। उसके बाद सुख मिलता है। शुभ ग्रह के साथ/दृष्टि में हो तो शरीर स्वस्थ, मन संतुष्ट, और ऊपर वालों से प्रीति।
बंधन, जगह का नुकसान, क़ानूनी उलझन। चोर का डर, घाव। पत्नी-संतान का कष्ट, चौपायों का नुकसान, घर-ज़मीन की हानि। पेट के रोग और अतिसार।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.23-25
└ सूर्य/गुरुSep 1981 – Apr 1982Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik
पत्नी-संतान को कष्ट और शरीर को कष्ट, बड़ा भय। ऊपर वालों की नाराज़गी, मनचाही चीज़ का नाश। ग़लत रास्ते से आया धन नष्ट, शरीर गिरना, मन में ताप।
विवाह, बड़े लोगों से भेंट, धन-अनाज का लाभ, संतान लाभ, बड़ा सुख। बड़े की कृपा से मनचाहा काम और धन। ब्राह्मणों का प्रेम और सम्मान, अच्छे वस्त्र। भाग्येश/कर्मेश के वश से पद मिलना, नरवाहन योग (पालकी/सवारी), जगह की बढ़ोतरी। दान-धर्म का काम, देवता की आराधना, गुरु में भक्ति, मन की सिद्धि, पुण्य कर्म।
BPHS 52.37-39
└ सूर्य/शनिApr 1982 – Dec 1982Shani — 7ve ghar mein, 12+1 ka malik
शत्रु का नाश, बड़ा सुख — पर धन-अनाज का लाभ थोड़ा ही (ग्रंथ ख़ुद "स्वल्प" कहता है)। घर में विवाह जैसा शुभ कार्य। घर में कल्याण और सम्पत्ति, राजसम्मान और कीर्ति, अनेक वस्त्र और धन।
शुरू में — मित्र/साथी का साथ छूटना। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — क्लेश। और माता-पिता से दूरी, आना-जाना लगा रहना।
BPHS 52.40-42
└ सूर्य/बुधDec 1982 – Aug 1983Budh — 1le ghar mein, 5+8 ka malik
शरीर को कष्ट, मन में ताप, पत्नी-संतान को कष्ट।
शुरू में — दुख। बीच में — थोड़ा सुख। अन्त में — ऊपर वालों से डर, और आना-जाना।
BPHS 52.54-56
└ सूर्य/केतुAug 1983 – Nov 1983Ketu — 1le ghar mein
शरीर को कष्ट और मन में बेचैनी। धन का व्यय, ऊपर वालों की नाराज़गी, और अपने लोगों की ओर से परेशानी।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 52.58
└ सूर्य/शुक्रNov 1983 – Jul 1984Shukra — 4the ghar mein, 4+9 ka malik
शुरू में — मध्यम, कुछ ख़ास नहीं। बीच में — लाभ और शुभ। अन्त में — यश का नुकसान, या अपनी जगह से हटना। बन्धुओं से मनमुटाव, और अपने ही कुल/परिवार की वजह से भोग-सुख में कमी।
मनचाही स्त्री/जीवनसाथी का सुख और सम्पदा। दूसरे गाँव/शहर की यात्रा, विद्वानों और बड़े लोगों से भेंट। पद का लाभ और बड़ा उत्साह — छत्र-चामर जैसा वैभव। घर में कल्याण और सम्पत्ति, रोज़ मिष्ठान्न। मूँगा जैसे रत्न, मोती और अच्छे वस्त्र का लाभ। चौपायों का लाभ, बहुत अनाज और धन। उत्साह, कीर्ति, और नर-वाहन (पालकी/सवारी) की सम्पदा।
BPHS 52.70-71
चन्द्र महादशाJul 1984 – Jul 1994Chandra — 12ve ghar mein, 6 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: घर, भूमि और माता · परिश्रम, विरोध और रोग · व्यय, दूर देश और एकान्त
(चन्द्र "घर, भूमि और माता" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: पाप
└ चन्द्र/चन्द्रJul 1984 – May 1985Chandra — 12ve ghar mein, 6 ka malik
विद्या, संगीत और कला में मन लगता है। अच्छे वस्त्र, अच्छी संगति और शरीर का सुख। और बड़े लोगों तथा अधिकारियों से आदर मिलता है।
JP 18.73
└ चन्द्र/मंगलMay 1985 – Dec 1985Mangal — 7ve ghar mein, 3+10 ka malik
सौभाग्य, राजसम्मान, वस्त्र और आभूषण। मेहनत से काम बनता है — इसमें कोई संदेह नहीं। घर-ज़मीन की बढ़ोतरी, व्यापार में लाभ, काम का लाभ और बड़ा सुख।
शरीर को पीड़ा। घर-ज़मीन की हानि, कारोबार में नुकसान। झगड़े, ऊपर वालों से विरोध, अपने बन्धुओं से अलगाव, और रोज़ कठोर बातें।
BPHS 53.7-9
└ चन्द्र/राहुDec 1985 – Jun 1987Rahu — 7ve ghar mein
अपनी जगह से हटना, मन में दुख, संतान को क्लेश। कहीं पत्नी को कष्ट, कहीं अपने शरीर में रोग का डर। बिच्छू जैसे ज़हर का डर, और चोर का।
शुरू में फल बहुत कम — शत्रु से पीड़ा और बड़ा भय। चोर, साँप और सत्ता का डर, चौपायों को कष्ट। बन्धु का नुकसान, मित्र की हानि, मान की हानि और मन की व्यथा।
BPHS 53.17-18
└ चन्द्र/गुरुJun 1987 – Oct 1988Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik
काम में रुकावट, धन का व्यय। मन में ताप और अपनों से मतभेद। शरीर में शिथिलता।
वाहन और कई तरह के साधनों की प्राप्ति, वस्त्र-आभूषण की सम्पदा। और मेहनत से काम बनता है।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 53.26-30
└ चन्द्र/शनिOct 1988 – May 1990Shani — 7ve ghar mein, 12+1 ka malik
शस्त्र से चोट का ख़तरा। धन की हानि, काम में रुकावट, अपनों से विरोध, शरीर में रोग।
मन पर बोझ, वात-पित्त की तरफ़ ध्यान, और बात रुक जाना — विरोध के साथ बहस।
BPHS 53.36-37
└ चन्द्र/बुधMay 1990 – Oct 1991Budh — 1le ghar mein, 5+8 ka malik
विद्या और बुद्धि की बढ़ोतरी। धन-अनाज, वस्त्र-आभूषण। बड़े लोगों से सम्मान, व्यापार में लाभ। सोमपान जैसा सुख — अच्छा खाना-पीना और आराम।
मन में उलझन, काम में अड़चन, अपनों से बहस।
BPHS 53.39-44
└ चन्द्र/केतुOct 1991 – May 1992Ketu — 1le ghar mein
शुरू में थोड़ा सुख, बीच में उलझन, अन्त में फिर सम्भलना। छोटा-मोटा लाभ, पर कुछ बड़ा नहीं।
जीवनसाथी की सेहत, बन्धुओं का साथ कम, पेट की तरफ़ ध्यान, और धन का नुक़सान।
BPHS 53.47-49
└ चन्द्र/शुक्रMay 1992 – Jan 1994Shukra — 4the ghar mein, 4+9 ka malik
नया घर बनना। विवाह और मंगल कार्य, वाहन, आभूषण, अच्छे वस्त्र। पत्नी-संतान का सुख। कहीं गड़ा धन या अचानक बड़ा लाभ मिलना। नाच-गाने और उत्सव का सुख।
जीवनसाथी के पक्ष से धन, कृषि-पशु, जल और वस्त्र का लाभ और सुख। माता की सेहत का ध्यान रखें।
BPHS 53.53-59
└ चन्द्र/सूर्यJan 1994 – Jul 1994Surya — 2re ghar mein, 7 ka malik
राजा जैसा ऐश्वर्य, रोग का नाश और विरोधियों का क्षय। सुख और शुभ।
JP 18.81
मंगल महादशाJul 1994 – Jul 2001Mangal — 7ve ghar mein, 3+10 ka malik
★ इस पूरे दौर में खुला: भाई-बहन और पराक्रम · परिश्रम, विरोध और रोग · विवाह और जीवनसाथी · कर्म, पद और प्रतिष्ठा
(मंगल 3रे भाव का स्वामी है)
अ.34: मारक
└ मंगल/मंगलJul 1994 – Dec 1994Mangal — 7ve ghar mein, 3+10 ka malik
शरीर में जड़ता और मन में उलझन।
ज़मीन और घर का लाभ, धन-अनाज। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई। शत्रु पर जीत, राजसम्मान, लाल वस्त्र और आभूषण।
BPHS 54.7
└ मंगल/राहुDec 1994 – Jan 1996Rahu — 7ve ghar mein
गंगा-स्नान और तीर्थ का फल। धन-अनाज, वाहन। ऊपर वालों से मेल, विदेश या दूर की यात्रा का लाभ।
ऊपर वालों और चोरी का भय, धन-अनाज का नुक़सान। और रास्ता ग़लत तरफ़ मुड़ने का ख़तरा।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.9-11
└ मंगल/गुरुJan 1996 – Dec 1996Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik
पद और सम्मान। विवाह और मंगल कार्य, संतान का लाभ। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ। धन-अनाज, वाहन और वस्त्र। विद्या और यश की बढ़ोतरी।
प्रेत-बाधा जैसा अनुभव, मन में भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
BPHS 54.15-21
└ मंगल/शनिDec 1996 – Jan 1998Shani — 7ve ghar mein, 12+1 ka malik
बाहरी/ऊपरी सत्ता से भय। धन-अनाज का नाश। बन्धन जैसी स्थिति, बन्दिश, रोग — और अन्त में ज़मीन/जायदाद का नुकसान।
पद का सुख और यश की बढ़ोतरी। अपने गाँव/जगह में अनाज की बढ़ोतरी। संतान-पौत्र का साथ, घर में गोधन। अपने वार के दिन राजसम्मान, अपने महीने में संतान की वृद्धि।
BPHS 54.26-27
└ मंगल/बुधJan 1998 – Jan 1999Budh — 1le ghar mein, 5+8 ka malik
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख। खेती/ज़मीन के काम में सफलता।
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश।
BPHS 54.36-38
└ मंगल/केतुJan 1999 – Jun 1999Ketu — 1le ghar mein
ऊपर वालों की कृपा और शान्ति, बहुत सुख, धन का आना। दशा के शुरू में थोड़ा फल — फिर भूमि लाभ और संतान लाभ। चौपाये मिलना। संतान का लाभ, यश की बढ़ोतरी, घर में लक्ष्मी की कृपा, नौकर-चाकर और धन, बड़ा पद।
पेट की तरफ़ ध्यान, बन्धु-सहोदरों के पक्ष में चिन्ता, और मान को लेकर विरोध।
BPHS 54.48-51
└ मंगल/शुक्रJun 1999 – Aug 2000Shukra — 4the ghar mein, 4+9 ka malik
पद का लाभ और बड़ा सुख। हाथी-घोड़े, वस्त्र और आभूषण। लग्नेश से सम्बन्ध हो तो पत्नी-संतान की बढ़ोतरी, आयु और ऐश्वर्य की वृद्धि, भाग्य का सुख।
जीवनसाथी की तरफ़ से आभूषण और वस्त्र, और बन्धुओं से धन का आगम।
BPHS 54.55-56
└ मंगल/सूर्यAug 2000 – Dec 2000Surya — 2re ghar mein, 7 ka malik
शरीर को कष्ट, मन में ताप, काम बिगड़ना, बड़ा भय। सिर का रोग, ज्वर, अतिसार।
अपवाद, बड़ों से मनमुटाव, झगड़ा और सेहत पर दबाव। अपने ही वर्ग से मन को कष्ट।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 54.67-68
└ मंगल/चन्द्रDec 2000 – Jul 2001Chandra — 12ve ghar mein, 6 ka malik
घर-ज़मीन का नुकसान, पशु-अनाज का क्षय, चोर और झगड़े का डर।
कई तरह से धन और सुख, वस्त्र, मोती-मणि के आभूषण। पर नींद और आलस बढ़ता है, और बेचैनी रहती है।
BPHS 54.74-75
राहु महादशाJul 2001 – Jul 2019Rahu — 7ve ghar mein
★ इस पूरे दौर में खुला: विवाह और जीवनसाथी
(राहु स्वयं 7वें भाव में बैठा है)
ग्रन्थ चुप
└ राहु/राहुJul 2001 – Apr 2004Rahu — 7ve ghar mein
लगातार रोग और बड़ा कष्ट।
जीवनसाथी की सेहत, विवाद, सोच में उलझन और धन का क्षय। दूर की जगहों में भटकाव।
BPHS 55.7
└ राहु/गुरुApr 2004 – Aug 2006Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik
धन की हानि और शरीर को कष्ट।
भुक्ति के अन्त में — ऊपरी/सत्ता की नाराज़गी से दो महीने की शारीरिक तकलीफ़। बड़े भाई का नुकसान, माता-पिता को कष्ट।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 55.18
└ राहु/शनिAug 2006 – Jul 2009Shani — 7ve ghar mein, 12+1 ka malik
ऊपर वालों की सेवा और उनकी प्रीति — शुभ। विवाह और उत्सव के कार्य, बहुत पुण्य। बाग़ लगवाना, तालाब बनवाना। शूद्र/श्रमिक वर्ग के माध्यम से इष्ट लाभ, गोधन का संग्रह।
पश्चिम दिशा की यात्रा। मालिक/ऊपरी की वजह से धन का क्षय। शरीर में आलस, फल कम — और फिर अपने देश लौटना।
BPHS 55.21-23
└ राहु/बुधJul 2009 – Jan 2012Budh — 1le ghar mein, 5+8 ka malik
मन में उलझन और बहस। काम में अड़चन, धन का व्यय, अपनों से मतभेद।
बुध के महीने में बड़ा सुख, और अपने वार के दिन बड़े से भेंट। विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी। धन-अनाज, वस्त्र, मित्रों का साथ।
BPHS 55.36-38
└ राहु/केतुJan 2012 – Feb 2013Ketu — 1le ghar mein
थोड़ा सुख और धन का आना। तीर्थ और पुण्य कर्म। पर फल छोटा ही रहता है।
मान की हानि और सब तरफ़ अड़चनें।
BPHS 55.40-44
└ राहु/शुक्रFeb 2013 – Feb 2016Shukra — 4the ghar mein, 4+9 ka malik
विवाह और मंगल कार्य। वाहन, वस्त्र, आभूषण, सुगन्ध। पत्नी-संतान का सुख, घर में लक्ष्मी। मौंजीबन्धन/संस्कार जैसे कार्य। नाच-गाने और उत्सव का सुख, अच्छा भोजन।
विदेश या दूर की जगह से वाहन की प्राप्ति, और छत्र-चामर जैसी सम्पदा (यानी पद के चिह्न)। सेहत और बन्धुओं का ध्यान रखें।
BPHS 55.46-52
└ राहु/सूर्यFeb 2016 – Jan 2017Surya — 2re ghar mein, 7 ka malik
दान और धर्म में मन, प्रीति, और सारी बाधाओं का नाश।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.102
└ राहु/चन्द्रJan 2017 – Jul 2018Chandra — 12ve ghar mein, 6 ka malik
माता को कष्ट, मन में दुख। धन की हानि, शरीर में शिथिलता।
भोग की सम्पदा हमेशा बनी रहती है, फ़सल-वृद्धि और धन का आगम। और अपनों से मेल।
BPHS 55.75
└ राहु/मंगलJul 2018 – Jul 2019Mangal — 7ve ghar mein, 3+10 ka malik
भूमि और घर का लाभ। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत। साहस और उत्साह।
शुरू में क्लेश, बीच और अन्त में सुख।
BPHS 55.76-82
गुरु महादशाJul 2019Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik · VAKRI
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · सन्तान, विद्या और बुद्धि · विवाह और जीवनसाथी · भाग्य, पिता और धर्म · आय और लाभ
(गुरु 2रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ गुरु/गुरुJul 2019 – Sep 2021Guru — 7ve ghar mein, 11+2 ka malik
ऊपर वालों की प्रीति और उत्साह। सब काम और सब अर्थ सधते हैं। विद्या और विज्ञान की प्राप्ति।
JP 18.110
└ गुरु/शनिSep 2021 – Mar 2024Shani — 7ve ghar mein, 12+1 ka malik
धन-अनाज का नाश। बन्धु-मित्रों से विरोध, काम/उद्योग का टूटना, शरीर को पीड़ा, अपनों के लिए बड़ा भय।
भूमि का लाभ, धन का लाभ, और संतान का लाभ — सुख देने वाला। गाय-भैंस आदि का लाभ, और श्रमिक/शूद्र वर्ग के माध्यम से धन।
BPHS 56.16-17
└ गुरु/बुधMar 2024 – Jun 2026Budh — 1le ghar mein, 5+8 ka malik
धन-अनाज का घटना। विदेश/दूर जाना, रास्ते में चोर का डर। घाव, जलन, और आँख का रोग। कई जगहों का भटकाव।
अपने देश/जगह में धन का लाभ। माता-पिता का सुख।
BPHS 56.25-26
└ गुरु/केतु ← अभीJun 2026 – Oct 2026Ketu — 1le ghar mein
थोड़ा ही सुख और धन का आना — और खाना साधारण या ख़राब मिलना।
मोती-मूँगे जैसे आभूषण, तीर्थ-यात्रा और धन की बढ़ोतरी। बड़ों और ऊपर वालों से प्राप्ति।
BPHS 56.32
⚠️ ढैयाApr 1980 – Aug 1980चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ साढ़े सातीJan 1988 – Mar 1996पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)शनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाMay 1998 – Jun 2000चन्द्र से 4थाशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाNov 2006 – Oct 2009चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ साढ़े सातीFeb 2017 – Apr 2025पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)शनि का बड़ा चक्कर—
क्या यह सही था?
Yahan tak jo likha hai — kya ye aapke saath hua? Agar aap teen tareekhein bata dein — naukri ya kaam ka bada mod, shaadi ya rishta, aur ghar ya sampatti — to aapki agli reading aur theek hogi.
तीन तारीखें भेजिए
जन्म कुण्डली + ९ ग्रहउत्तर भारतीय चक्र, लाहिरी अयनांश, षड्बल। खोलने के लिए टैप करें।

🪐 जन्म कुंडली — उत्तर भारतीय चक्र

12Makrचंद1KumbLबुधकेत2Meenसूर11Dhan3Mesh10Vrsc9Tula8Kany4Vrshशुक5Mith6Kark7SimhमंगगुरशनिराहKumbha Lagna

Lahiri Ayanamsha · Swiss Ephemeris · BPHS classical

⚡ ग्रह विश्लेषण — सभी ९ ग्रह

GrahaRashiHouseNakshatraDignityStrength
☉सूर्यMeena2ndRevatiNeutral Sign◐ Moderate
☽चंद्रMakara12thUttara AshadhaEnemy Sign● Strong
♂मंगलSimha7thMaghaNeutral Sign●● Very Strong
☿बुधKumbha1stPurva BhadrapadaEnemy Sign● Strong
♃गुरु® VakriSimha7thMaghaNeutral Sign● Strong
♀शुक्रVrishabha4thRohiniOwn Sign● Strong
♄शनि® VakriSimha7thUttara PhalguniEnemy Sign●● Very Strong
☊राहु® VakriSimha7thMaghaNeutral Sign—
☋केतुKumbha1stDhanishthaNeutral Sign—

⚖️ Shadbala classical 6-component system (BPHS Ch.27) · Swiss Ephemeris

गहराई मेंषोडशवर्ग, D9, D10, अष्टकवर्ग, तीन घड़ियाँ, वर्षफल, गोचर। खोलने के लिए टैप करें।

🔢 सोलह कुंडलियाँ — षोडशवर्ग

BPHS कहता है एक ही कुंडली को सोलह तरह से देखा जा सकता है — हर वर्ग एक अलग सवाल पूछता है। जो ग्रह कई वर्गों में एक ही राशि रखता है, वह शास्त्र के हिसाब से सबसे मज़बूत है।

मंगल सोलह में से 6 वर्गों में वही राशि रखता है (कुल 15 में से) — यह इस कुंडली का सबसे मज़बूत ग्रह है।

मंगल6/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Meshaकर्म और पहचान — Simhaपिछले कर्मों का जोड़ — Dhanu
चंद्र5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Makaraकर्म और पहचान — Kanyaपिछले कर्मों का जोड़ — Makara
राहु5/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Meshaकर्म और पहचान — Kanyaपिछले कर्मों का जोड़ — Kumbha
सारे सोलह वर्ग, सारे ग्रहों के लिए → ₹51

ज़्यादा गिनती का मतलब शास्त्रीय बल है, अच्छा नतीजा नहीं। और किसी वर्ग का नाम उसका भविष्य नहीं बताता — D30 कठिनाइयों का वर्ग है, पर उसका ज़िक्र कठिनाई की भविष्यवाणी नहीं है।

⏳ तीन घड़ियाँ — तीन पद्धति, एक ही समय

ज्योतिष में समय नापने के कई तरीके हैं, और तीनों अलग गणित से चलते हैं। जहाँ तीनों एक ही बात कहें, वह संकेत ज़्यादा मज़बूत होता है।

विंशोत्तरीगुरु / केतु

१२० साल का चक्र, जन्म नक्षत्र से

योगिनीDhanya (गुरु)

३६ साल का चक्र — BPHS अध्याय १९५-१९९

चरMeena (गुरु)

राशि पर चलती है, ग्रह पर नहीं — जैमिनि

हर पद्धति कब तक चलती है — तीनों की तारीख़ें → ₹51

ये तीनों अलग ग्रंथों से आती हैं और अलग गणित से चलती हैं — इसीलिए अलग जवाब देना इनका दोष नहीं, इनका स्वभाव है। कोई एक पद्धति अकेली सच नहीं होती।

📅 आपका वर्ष — वर्षफल

हर साल सूर्य ठीक उस जगह लौटता है जहाँ वह आपके जन्म के समय था। उस क्षण से आपका नया वर्ष शुरू होता है — जन्मदिन से नहीं, उस खगोलीय लौटने से।

यह वर्ष शुरू हुआ: 9 अप्रैल 2026, 22:11

अगला वर्ष शुरू होगा: 10 अप्रैल 2027, 04:07

पैसा, बचत और परिवार

मुन्था इस साल यहाँ है। शास्त्र कहता है साल का विषय इसी हिस्से के आस-पास घूमता है।

वर्ष के आरंभ का लग्न और उसका स्वामी → ₹51

यह ताजिक पद्धति का पहला चरण है — वर्ष प्रवेश, वर्ष लग्न और मुन्था। वर्षेश (साल का स्वामी), सहम और मुद्दा दशा अभी गणित में नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में यहाँ कुछ नहीं कहा गया।

📆 १० महीने की समय-रेखा — गोचर

🟢 सबसे सहायक महीना (गोचर): January 2027🔴 सबसे सावधानी वाला (गोचर): October 2026

पूरे दौर में स्थिर: Saturn → 2nd

Mars (7th), Jupiter (7th), Rahu (1st), Ketu (7th) अभी आपके मुख्य भावों में हैं — March 2027 से यह स्थिति बदल जाती है, इसीलिए उससे पहले के महीने तुलना में भारी दिखते हैं।

पिछले ३ महीने

🔴 July 2026Ketu / Ketu (अंतर / प्रत्यंतर)

Mars → 4th · Venus → 7th · Rahu → 1st · Ketu → 7th

🔴 August 2026Ketu / Venus (अंतर / प्रत्यंतर)

Rahu → 1st · Ketu → 7th

🔴 September 2026Ketu / Sun (अंतर / प्रत्यंतर)

Sun → 7th · Rahu → 1st · Ketu → 7th

अभी

🔴 October 2026Ketu / Moon (अंतर / प्रत्यंतर)

Rahu → 1st · Ketu → 7th

…और आगे के ६ महीने? → ₹51

Transits indicate periods of support or pressure on a house. They do not predict specific events.

🔒 त्रिकाल ने और भी देखा है

आपके नवांश में Moon वर्गोत्तम है — जन्म कुंडली और D9 दोनों में एक ही राशि। यह विशेष बल आपके लिए कब और कैसे काम करता है, वह पूरी रीडिंग में है।

January 2027 आपका सबसे सहायक महीना है — लेकिन उससे पहले के महीनों में क्या सँभालना है, और उस महीने में ठीक क्या करना है, वह अंदर है।

🔓 पूरा सच — ₹५१
Ye reading granth ki shartein laga kar bani hai — BPHS, Phaladipika, Jataka Parijata aur Muhurta Chintamani. Jahan granth chup hai, wahan hum bhi chup hain. Ye aasaar hain, faisla nahi. Faisla aapka hai.

📊 Complete Analysis

आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

💎 Gemstone + 4 Action Windows...

त्रिकाल ने और भी देखा है

आपकी Jupiter महादशा में Poori Kundali को लेकर त्रिकाल ने और भी देखा है... आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

✓ नवांश (D9) — हर ग्रह का आंतरिक बल

✓ अगले ६ महीने का गोचर, महीने-दर-महीने

✓ हर ग्रह का षड्बल स्कोर

✓ सभी भाव + दशा सक्रियता श्रृंखला

✓ राजयोग — BPHS अध्याय ३९

✓ उपाय — सिर्फ़ वहाँ जहाँ ग्रंथ देता है

✓ सोलह वर्ग, नौ ग्रह, D9 और D10 के चार्ट

✓ चारों उपाय स्तर — व्यावहारिक से सेवा तक

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रोहित से सीधी बात
इस रिपोर्ट पर 15 मिनट की पर्सनल रीडिंग — आपके सवाल, आपका चार्ट, सीधा जवाब।
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रोहित गुप्ता · Chief Vedic Architect · 16+ साल पराशर BPHS
Rohiit Gupta — Chief Vedic Architect

Rohiit Gupta

Chief Vedic Architect · Trikaal Vaani

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