नौकरी/पदोन्नति में रुकावट है — यह समय सबसे अच्छा मौका है, इसी में ज़ोर लगाएँ
Oct 2026 – Nov 2026 · Feb 2027 – Jul 2027
⭐
सबसे पास का शुभ समय: Nov 2026 – Feb 2027
आय और लाभ
🔱 ग्रन्थ से आपका सार
आपके 5 मुख्य भावों में से 0 सहारा देने वाले, 1 कठिन, और 2 मिला-जुला हैं।
कर्म, पद और प्रतिष्ठा10वाँ भाव
कमज़ोर · 32
नौकरी/पदोन्नति में रुकावट है — यह समय सबसे अच्छा मौका है, इसी में ज़ोर लगाएँ
Oct 2026 – Nov 2026 · Feb 2027 – Jul 2027
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों? ▾
आपका 10वाँ भाव — कर्म, पद और प्रतिष्ठा — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 32 हैं। इस भाव का स्वामी चन्द्र 12वें (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: गुरु 10वें भाव में
· is ghar par bindu theek hain (32)
· 10ve ghar ka malik Chandra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· kaam aur pehchaan ka mukhya grah Surya bhi mushkil ghar mein hai
इस भाव के स्वामी (Chandra) पर — kamzor — Chandra 12ve (dusthana) mein
Jo bhi kaam karo wo bekaar chala jaata hai, samman toot-ta hai, aur swabhav mein kharabi aati hai. (Ph 20.19b)
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
काम-काज में कमी रहती है — ऐसा कहा गया है। (BPHS 21.3) खर्च सत्ता के दरबार में होता है, शत्रु से सदा भय रहता है, और जातक चतुर होते हुए भी चिन्तित रहता है। (BPHS 24.120)
⭐ AAPKE CHART SE3
काम-काज में कमी रहती है — ऐसा कहा गया है।BPHS 21.3◆
खर्च सत्ता के दरबार में होता है, शत्रु से सदा भय रहता है, और जातक चतुर होते हुए भी चिन्तित रहता है।BPHS 24.120◆
ऊपर वाला फल उल्टा हो जाता है — लाभ की जगह हानि रहती है।BPHS 21.4
घर, भूमि और माता4वाँ भाव
मिला-जुला · 31
इस समय घर, ज़मीन या गाड़ी खरीद-बेच सकते हैं
Oct 2026 – Nov 2026 · ⭐ Jun 2027 – Jul 2027
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों? ▾
आपका 4था भाव — घर, भूमि और माता — मिला-जुला है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 31 हैं।
गोचर: गुरु 4थे भाव पर दृष्टि, शनि 4थे भाव पर दृष्टि
· is ghar par bindu theek hain (31)
· ghar aur maa ka mukhya grah Chandra bhi mushkil ghar mein hai
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
राज्य अर्थात् अधिकार-पद की प्राप्ति निश्चित कही गयी है। (JP 12.105) घर दिव्य अर्थात् अत्यन्त उत्तम कहा गया है। (JP 12.149)
⭐ AAPKE CHART SE3
राज्य अर्थात् अधिकार-पद की प्राप्ति निश्चित कही गयी है।JP 12.105◆
घर दिव्य अर्थात् अत्यन्त उत्तम कहा गया है।JP 12.149
वस्त्र जीर्ण-शीर्ण मिलते हैं।JP 12.89◆
सन्तान, विद्या और बुद्धि5वाँ भाव
मिला-जुला · 30★
सन्तान का योग है, या बच्चे की पढ़ाई में बड़ी सफलता
Nov 2026 – Feb 2027 · Jul 2027 – Dec 2027
हमारा फ़ैसला:हो सकता है
क्यों? ▾
आपका 5वाँ भाव — सन्तान, विद्या और बुद्धि — मिला-जुला है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 30 हैं।
गोचर: गुरु 5वें भाव पर दृष्टि
· is ghar par bindu theek hain (30)
· santan aur padhai ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
ग्रन्थ के श्लोक(3)▾
सन्तान न होने का कारण इसी ग्रह से जाना जाता है। (Phaladipika 12.19) शुभ फल क्रम से पूरा, तीन-चौथाई, आधा, एक-चौथाई, थोड़ा और शून्य मिलता है। (BJ 20.11)
⭐ AAPKE CHART SE3
सन्तान न होने का कारण इसी ग्रह से जाना जाता है।Phaladipika 12.19◆
शुभ फल क्रम से पूरा, तीन-चौथाई, आधा, एक-चौथाई, थोड़ा और शून्य मिलता है।BJ 20.11◆
वह काल गर्भाधान के लिये फलदायी कहा गया है; मंगल की दृष्टि न हो तो निष्फल।Phaladipika 11.11◆
विवाह और जीवनसाथी7वाँ भाव
कमज़ोर · 27
विवाह में देरी के संकेत — रिश्ता बनेगा पर मेहनत से
⭐ Jul 2027 – Oct 2027 · ⭐ Mar 2028 – May 2028
क्यों? ▾
आपका 7वाँ भाव — विवाह और जीवनसाथी — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी मंगल 9वें (शुभ) भाव में है।
गोचर: गुरु 7वें भाव पर दृष्टि, शनि 7वें भाव में
· shaadi aur saathi ka mukhya grah Shukra bhi mushkil ghar mein hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
आय और लाभ11वाँ भाव
कमज़ोर · 30★
लाभ रुक-रुक कर आएगा — इस समय कमाई का मौका है
⭐ Nov 2026 – Feb 2027 · ⭐ Jul 2027 – Dec 2027
क्यों? ▾
आपका 11वाँ भाव — आय और लाभ — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 30 हैं। इस भाव का स्वामी सूर्य 8वें (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: गुरु (11वें भाव का मुख्य ग्रह) वहीं बैठा है, गुरु 11वें भाव में
· is ghar par bindu theek hain (30)
· 11ve ghar ka malik Surya mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· kamai aur laabh ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
परिश्रम, विरोध और रोग6वाँ भाव
मज़बूत · 38★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· 6ve ghar ka malik Guru apni mazboot jagah par hai
· 6ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 6ve ghar mein Guru baitha hai — sahara deta hai
· is ghar par bindu theek hain (38)
· 6ve ghar ka malik Guru mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· 6ve ghar mein Rahu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
· aur wo CHHATHE ghar mein hai — jhagde aur alagav ka ghar
स्वयं — शरीर और स्वभाव1वाँ भाव
कमज़ोर · 28
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· 1ve ghar ka malik Shukra apni mazboot jagah par hai
· 1ve ghar ka malik Shukra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· aap khud ka mukhya grah Surya bhi mushkil ghar mein hai
· is ghar par bindu kam hain (28)
भाग्य, पिता और धर्म9वाँ भाव
मिला-जुला · 24★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों? ▾
· 9ve ghar ka malik Budh apni mazboot jagah par hai
· 9ve ghar ka malik apne hi ghar mein hai
· 9ve ghar mein Budh baitha hai — sahara deta hai
· bhagya aur pita ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
· 9ve ghar mein Mangal baitha hai — dabaav banata hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (24) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
इस भाव के स्वामी (Budh) पर — mazboot — Budh SWA/MITRA raashi mein; Budh achhe ghar mein (9ve)
Jeevansaathi, santan aur pote-potiyon ka sukh, rishtedaar, bhagya aur dhan, shubh kaam, upar walon se samman, aur dharm mein shraddha. (Ph 20.10)
अब समय की बात —
इस समय गुरु/बुध का दौर चल रहा है (Aug 2026 – Nov 2028), और इसमें 10वें, 4थे, 5वें भाव खुलता है।
जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं।
आगे का दौर
17 महीने आगे
गुरु / बुध← अभी
Oct 2026 – Apr 2028
धन का लाभ, शरीर का सुख, पद का लाभ।(BPHS 56.20-22)
धन-अनाज का घटना। विदेश/दूर जाना, रास्ते में चोर का डर। घाव, जलन, और आँख का रोग। कई जगहों का भटकाव।(BPHS 56.25-26)
बुध — 9वें भाव में, 9+12 का स्वामी · इस लग्न का योगकारक ग्रह (BPHS Ch.34)
पूरी रीडिंग में:
· आगे के सारे दौर — पूरे चलते हुए दौर तक, एक नहीं
· कब — गोचर की सँकरी खिड़कियाँ, महीने के नाम से
· सूक्ष्म दशा — जो साल को महीनों में तोड़ती है
· साढ़ेसाती और ढैय्या के आगे के दौर
· राजयोग — BPHS अध्याय 39, और वह पूरा/आधा/चौथाई है या नहीं
आपका अतीतजन्म से आज तक — हर दौर, ग्रन्थ से। खोलने के लिए टैप करें।4 MD▾
आपका अतीत
जन्म से आज तक — हर बड़ा दौर, ग्रन्थ से।
दौर
काल
ग्रह की जगह
ग्रन्थ क्या कहता है
स्रोत
चन्द्र महादशा
Jun 1987 – Dec 1996
चन्द्र — 12वें भाव में, 10 का स्वामी
★ इस पूरे दौर में खुला: घर, भूमि और माता · कर्म, पद और प्रतिष्ठा · व्यय, दूर देश और एकान्त
(चन्द्र "घर, भूमि और माता" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: योगकारक
└ चन्द्र/चन्द्र
Jun 1987 – Mar 1988
चन्द्र — 12वें भाव में, 10 का स्वामी
बेवक़्त धन का नाश, या अपनी जगह से हटना। शरीर में आलस, मन में ताप, ऊपर वालों और सलाहकारों से विरोध। माता को कष्ट, मन में दुख, बन्धन जैसी स्थिति, बन्धुओं का नुकसान।
विद्या, संगीत और कला में मन लगता है। अच्छे वस्त्र, अच्छी संगति और शरीर का सुख। और बड़े लोगों तथा अधिकारियों से आदर मिलता है।
BPHS 53.3-5
└ चन्द्र/मंगल
Mar 1988 – Oct 1988
मंगल — 9वें भाव में, 7+2 का स्वामी
सौभाग्य, राजसम्मान, वस्त्र और आभूषण। मेहनत से काम बनता है — इसमें कोई संदेह नहीं। घर-ज़मीन की बढ़ोतरी, व्यापार में लाभ, काम का लाभ और बड़ा सुख।
सेहत और विरोध की बुद्धि, जगह से हटना, धन का क्षय। मित्रों और भाइयों के कारण क्लेश।
BPHS 53.7-9
└ चन्द्र/राहु
Oct 1988 – Mar 1990
राहु — 6ठे भाव में
अपनी जगह से हटना, मन में दुख, संतान को क्लेश। कहीं पत्नी को कष्ट, कहीं अपने शरीर में रोग का डर। बिच्छू जैसे ज़हर का डर, और चोर का।
पुण्य-तीर्थ का फल, देवता का दर्शन। दूसरों का उपकार और पुण्य कर्म का संग्रह।
BPHS 53.17-18
└ चन्द्र/गुरु
Mar 1990 – Jun 1991
गुरु — 6ठे भाव में, 3+6 का स्वामी
काम में रुकावट, धन का व्यय। मन में ताप और अपनों से मतभेद। शरीर में शिथिलता।
गर्भाधान और उससे जुड़ा फल। धन-अनाज की समृद्धि, विवाह और मंगल कार्य। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ, दान-धर्म। बड़े की कृपा से पद और सम्मान।
BPHS 53.26-30
└ चन्द्र/शनि
Jun 1991 – Dec 1992
शनि — 2रे भाव में, 4+5 का स्वामी
शस्त्र से चोट का ख़तरा। धन की हानि, काम में रुकावट, अपनों से विरोध, शरीर में रोग।
मन पर बोझ, वात-पित्त की तरफ़ ध्यान, और बात रुक जाना — विरोध के साथ बहस।
BPHS 53.36-37
└ चन्द्र/बुध
Dec 1992 – May 1994
बुध — 9वें भाव में, 9+12 का स्वामी
विद्या और बुद्धि की बढ़ोतरी। धन-अनाज, वस्त्र-आभूषण। बड़े लोगों से सम्मान, व्यापार में लाभ। सोमपान जैसा सुख — अच्छा खाना-पीना और आराम।
मन में उलझन, काम में अड़चन, अपनों से बहस।
BPHS 53.39-44
└ चन्द्र/केतु
May 1994 – Nov 1994
केतु — 12वें भाव में
जीवनसाथी की सेहत, बन्धुओं का साथ कम, पेट की तरफ़ ध्यान, और धन का नुक़सान।
JP 18.79
└ चन्द्र/शुक्र
Nov 1994 – Jun 1996
शुक्र — 8वें भाव में, 8+1 का स्वामी
पत्नी को कष्ट, घर में कलह। धन का व्यय, कारोबार में हानि।
जीवनसाथी के पक्ष से धन, कृषि-पशु, जल और वस्त्र का लाभ और सुख। माता की सेहत का ध्यान रखें।
BPHS 53.60-62
└ चन्द्र/सूर्य
Jun 1996 – Dec 1996
सूर्य — 8वें भाव में, 11 का स्वामी
गर्भाधान और संतान से जुड़ा फल। पद और राजसम्मान, धन-अनाज, शत्रु का नाश। पिता की ओर से सुख।
राजा जैसा ऐश्वर्य, रोग का नाश और विरोधियों का क्षय। सुख और शुभ।
BPHS 53.65-69
मंगल महादशा
Dec 1996 – Dec 2003
मंगल — 9वें भाव में, 7+2 का स्वामी
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · भाई-बहन और पराक्रम · परिश्रम, विरोध और रोग · विवाह और जीवनसाथी · भाग्य, पिता और धर्म
(मंगल 2रे भाव का स्वामी है)
अ.34: मारक
└ मंगल/मंगल
Dec 1996 – May 1997
मंगल — 9वें भाव में, 7+2 का स्वामी
शरीर में जड़ता और मन में उलझन।
ज़मीन और घर का लाभ, धन-अनाज। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई। शत्रु पर जीत, राजसम्मान, लाल वस्त्र और आभूषण।
BPHS 54.7
└ मंगल/राहु
May 1997 – Jun 1998
राहु — 6ठे भाव में
गंगा-स्नान और तीर्थ का फल। धन-अनाज, वाहन। ऊपर वालों से मेल, विदेश या दूर की यात्रा का लाभ।
ऊपर वालों और चोरी का भय, धन-अनाज का नुक़सान। और रास्ता ग़लत तरफ़ मुड़ने का ख़तरा।
BPHS 54.9-11
└ मंगल/गुरु
Jun 1998 – May 1999
गुरु — 6ठे भाव में, 3+6 का स्वामी
पद और सम्मान। विवाह और मंगल कार्य, संतान का लाभ। देवता-ब्राह्मण की पूजा, तीर्थ। धन-अनाज, वाहन और वस्त्र। विद्या और यश की बढ़ोतरी।
प्रेत-बाधा जैसा अनुभव, मन में भय। काम में रुकावट, धन का व्यय।
BPHS 54.15-21
└ मंगल/शनि
May 1999 – Jun 2000
शनि — 2रे भाव में, 4+5 का स्वामी
बाहरी/ऊपरी सत्ता से भय। धन-अनाज का नाश। बन्धन जैसी स्थिति, बन्दिश, रोग — और अन्त में ज़मीन/जायदाद का नुकसान।
सेहत पर दबाव, और विरोधी, चोरी तथा ऊपर वालों से भय। धन का क्षय।
BPHS 54.26-27
└ मंगल/बुध
Jun 2000 – Jun 2001
बुध — 9वें भाव में, 9+12 का स्वामी
सत्संग और अच्छी कथाएँ, दान। धर्म की बुद्धि और बड़ा यश। नीति के रास्ते पर काम, रोज़ अच्छा भोजन। वाहन, वस्त्र, पशु — और सरकारी/बड़े संस्थान का काम और उसका सुख।खेती/ज़मीन के काम में सफलता।
व्यापारी वर्ग से धन, घर, गाय और अनाज की सम्पदा। पर विरोध की बाधा और मन में क्लेश।
BPHS 54.36-38
└ मंगल/केतु
Jun 2001 – Nov 2001
केतु — 12वें भाव में
पेट की तरफ़ ध्यान, बन्धु-सहोदरों के पक्ष में चिन्ता, और मान को लेकर विरोध।
JP 18.89
└ मंगल/शुक्र
Nov 2001 – Jan 2003
शुक्र — 8वें भाव में, 8+1 का स्वामी
पद का लाभ और बड़ा सुख। हाथी-घोड़े, वस्त्र और आभूषण। लग्नेश से सम्बन्ध हो तो पत्नी-संतान की बढ़ोतरी, आयु और ऐश्वर्य की वृद्धि, भाग्य का सुख।
जीवनसाथी की तरफ़ से आभूषण और वस्त्र, और बन्धुओं से धन का आगम।
BPHS 54.55-56
└ मंगल/सूर्य
Jan 2003 – May 2003
सूर्य — 8वें भाव में, 11 का स्वामी
शरीर को कष्ट, मन में ताप, काम बिगड़ना, बड़ा भय। सिर का रोग, ज्वर, अतिसार।
अपवाद, बड़ों से मनमुटाव, झगड़ा और सेहत पर दबाव। अपने ही वर्ग से मन को कष्ट।
BPHS 54.67-68
└ मंगल/चन्द्र
May 2003 – Dec 2003
चन्द्र — 12वें भाव में, 10 का स्वामी
कई तरह से धन और सुख, वस्त्र, मोती-मणि के आभूषण। पर नींद और आलस बढ़ता है, और बेचैनी रहती है।
पूर्ण चन्द्र हो तो पूरा फल, क्षीण चन्द्र हो तो थोड़ा फल।
JP 18.92
राहु महादशा
Dec 2003 – Dec 2021
राहु — 6ठे भाव में
★ इस पूरे दौर में खुला: परिश्रम, विरोध और रोग
(राहु स्वयं 6ठे भाव में बैठा है)
ग्रन्थ चुप
└ राहु/राहु
Dec 2003 – Aug 2006
राहु — 6ठे भाव में
पद का लाभ और बड़ा उत्साह। ऊपर वालों की प्रीति और शुभ फल। सुख-सम्पत्ति, पत्नी-संतान की बढ़ोतरी।
जीवनसाथी की सेहत, विवाद, सोच में उलझन और धन का क्षय। दूर की जगहों में भटकाव।
BPHS 55.3-4
└ राहु/गुरु
Aug 2006 – Jan 2009
गुरु — 6ठे भाव में, 3+6 का स्वामी
धन की हानि और शरीर को कष्ट।
भुक्ति के अन्त में — ऊपरी/सत्ता की नाराज़गी से दो महीने की शारीरिक तकलीफ़। बड़े भाई का नुकसान, माता-पिता को कष्ट।
BPHS 55.18
└ राहु/शनि
Jan 2009 – Nov 2011
शनि — 2रे भाव में, 4+5 का स्वामी
पश्चिम दिशा की यात्रा। मालिक/ऊपरी की वजह से धन का क्षय। शरीर में आलस, फल कम — और फिर अपने देश लौटना।
नीच/शत्रु और सत्ता का भय। पत्नी-संतान को कष्ट, अपने बन्धुओं से मन में ताप, दायाद/रिश्तेदारों से झगड़ा, कारोबार में कलह — और अचानक कोई आभूषण मिल जाना।
BPHS 55.24
└ राहु/बुध
Nov 2011 – Jun 2014
बुध — 9वें भाव में, 9+12 का स्वामी
मन में उलझन और बहस। काम में अड़चन, धन का व्यय, अपनों से मतभेद।
बुध के महीने में बड़ा सुख, और अपने वार के दिन बड़े से भेंट। विद्या और व्यापार से लाभ, बुद्धि की तेज़ी। धन-अनाज, वस्त्र, मित्रों का साथ।
BPHS 55.36-38
└ राहु/केतु
Jun 2014 – Jul 2015
केतु — 12वें भाव में
थोड़ा सुख और धन का आना। तीर्थ और पुण्य कर्म। पर फल छोटा ही रहता है।
मान की हानि और सब तरफ़ अड़चनें।
BPHS 55.40-44
└ राहु/शुक्र
Jul 2015 – Jul 2018
शुक्र — 8वें भाव में, 8+1 का स्वामी
पत्नी को कष्ट और घर में कलह। धन का व्यय, कारोबार में हानि। प्रमेह/मूत्र और रक्त से जुड़ा रोग।
विदेश या दूर की जगह से वाहन की प्राप्ति, और छत्र-चामर जैसी सम्पदा (यानी पद के चिह्न)। सेहत और बन्धुओं का ध्यान रखें।
BPHS 55.53-58
└ राहु/सूर्य
Jul 2018 – May 2019
सूर्य — 8वें भाव में, 11 का स्वामी
दान और धर्म में मन, प्रीति, और सारी बाधाओं का नाश।
JP 18.102
└ राहु/चन्द्र
May 2019 – Nov 2020
चन्द्र — 12वें भाव में, 10 का स्वामी
माता को कष्ट, मन में दुख। धन की हानि, शरीर में शिथिलता।
माता का सुख, घर में शान्ति। विवाह और मंगल कार्य, धन-अनाज, वस्त्र-आभूषण। मन प्रसन्न, यश की बढ़ोतरी।
BPHS 55.75
└ राहु/मंगल
Nov 2020 – Dec 2021
मंगल — 9वें भाव में, 7+2 का स्वामी
भूमि और घर का लाभ। भाइयों से सुख, पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत। साहस और उत्साह।
शुरू में क्लेश, बीच और अन्त में सुख।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 55.76-82
गुरु महादशा
Dec 2021 – Dec 2037
गुरु — 6ठे भाव में, 3+6 का स्वामी
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · भाई-बहन और पराक्रम · सन्तान, विद्या और बुद्धि · परिश्रम, विरोध और रोग · भाग्य, पिता और धर्म · आय और लाभ
(गुरु "paisa aur parivaar" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: मारक
└ गुरु/गुरु
Dec 2021 – Feb 2024
गुरु — 6ठे भाव में, 3+6 का स्वामी
नीच संगति, बड़ा दुख। दायाद/हिस्सेदारों से विवाद, झगड़ा। अपने मालिक/बड़े को अनिष्ट, पत्नी-संतान से अलगाव, धन की हानि।
ऊपर वालों की प्रीति और उत्साह। सब काम और सब अर्थ सधते हैं। विद्या और विज्ञान की प्राप्ति।
BPHS 56.4-5
└ गुरु/शनि
Feb 2024 – Aug 2026
शनि — 2रे भाव में, 4+5 का स्वामी
भूमि का लाभ, धन का लाभ, और संतान का लाभ — सुख देने वाला। गाय-भैंस आदि का लाभ, और श्रमिक/शूद्र वर्ग के माध्यम से धन।
धन-अनाज का नाश। ज्वर की पीड़ा, मन में रोग। पत्नी-संतान को कष्ट, या घाव जैसी तकलीफ़। घर में अशुभ कार्य, नौकर-चाकर को कष्ट, पशु की हानि, बन्धुओं से मनमुटाव।
BPHS 56.15-16
└ गुरु/बुध ← अभी
Aug 2026 – Nov 2028(अब तक Oct 2026)
बुध — 9वें भाव में, 9+12 का स्वामी
धन का लाभ, शरीर का सुख, पद का लाभ।
धन-अनाज का घटना। विदेश/दूर जाना, रास्ते में चोर का डर। घाव, जलन, और आँख का रोग। कई जगहों का भटकाव।
BPHS 56.20-22
⚠️ ढैया
Jan 1988 – Jan 1991
चन्द्र से 4था
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
May 1998 – Jul 2000
चन्द्र से 8वाँ
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ साढ़े साती
Nov 2006 – Nov 2014
पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)
शनि का बड़ा चक्कर
—
⚠️ ढैया
Feb 2017 – Feb 2020
चन्द्र से 4था
शनि का बड़ा चक्कर
—
क्या यह सही था?
यहाँ तक जो लिखा है — क्या यह आपके साथ हुआ? अगर आप तीन तारीखें बता दें — नौकरी या काम का बड़ा मोड़, शादी या रिश्ता, और घर या सम्पत्ति — तो आपकी अगली रीडिंग और ठीक होगी।
⚖️ Shadbala classical 6-component system (BPHS Ch.27) · Swiss Ephemeris
गहराई मेंषोडशवर्ग, D9, D10, अष्टकवर्ग, तीन घड़ियाँ, वर्षफल, गोचर। खोलने के लिए टैप करें।▾
🔢 सोलह कुंडलियाँ — षोडशवर्ग
BPHS कहता है एक ही कुंडली को सोलह तरह से देखा जा सकता है — हर वर्ग एक अलग सवाल पूछता है। जो ग्रह कई वर्गों में एक ही राशि रखता है, वह शास्त्र के हिसाब से सबसे मज़बूत है।
शुक्र सोलह में से 4 वर्गों में वही राशि रखता है (कुल 15 में से) — यह इस कुंडली का सबसे मज़बूत ग्रह है।
शुक्र4/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Makaraकर्म और पहचान — Makaraपिछले कर्मों का जोड़ — Mithuna
गुरु3/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Meenaकर्म और पहचान — Simhaपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishchika
राहु2/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Vrishchikaकर्म और पहचान — Meenaपिछले कर्मों का जोड़ — Simha
ज़्यादा गिनती का मतलब शास्त्रीय बल है, अच्छा नतीजा नहीं। और किसी वर्ग का नाम उसका भविष्य नहीं बताता — D30 कठिनाइयों का वर्ग है, पर उसका ज़िक्र कठिनाई की भविष्यवाणी नहीं है।
⏳ तीन घड़ियाँ — तीन पद्धति, एक ही समय
ज्योतिष में समय नापने के कई तरीके हैं, और तीनों अलग गणित से चलते हैं। जहाँ तीनों एक ही बात कहें, वह संकेत ज़्यादा मज़बूत होता है।
यह ताजिक पद्धति का पहला चरण है — वर्ष प्रवेश, वर्ष लग्न और मुन्था। वर्षेश (साल का स्वामी), सहम और मुद्दा दशा अभी गणित में नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में यहाँ कुछ नहीं कहा गया।
📆 १० महीने की समय-रेखा — गोचर
🟢 सबसे सहायक महीना (गोचर): October 2026🔴 सबसे सावधानी वाला (गोचर): April 2027
Mercury (1st) अभी आपके मुख्य भावों में हैं — February 2027 से यह स्थिति बदल जाती है, इसीलिए उससे पहले के महीने तुलना में भारी दिखते हैं।
पिछले ३ महीने
🟢 July 2026Saturn / Jupiter (अंतर / प्रत्यंतर)
Jupiter → 10th
🟢 August 2026Saturn / Jupiter (अंतर / प्रत्यंतर)
Sun → 10th · Mercury → 10th · Jupiter → 10th
🟢 September 2026Mercury / Mercury (अंतर / प्रत्यंतर)
Jupiter → 10th · Venus → 1st
अभी
🟢 October 2026Mercury / Mercury (अंतर / प्रत्यंतर)
Transits indicate periods of support or pressure on a house. They do not predict specific events.
🔒 त्रिकाल ने और भी देखा है
आपके नवांश में Jupiter वर्गोत्तम है — जन्म कुंडली और D9 दोनों में एक ही राशि। यह विशेष बल आपके लिए कब और कैसे काम करता है, वह पूरी रीडिंग में है।
आपकी कुंडली में दो भाव ऐसे हैं जिनका स्वामी एक ही ग्रह है — और उस एक ग्रह की स्थिति ही आपकी पूरी स्थिति की जड़ है। कौन से भाव, कौन सा ग्रह, और उसका क्या असर है — वह पूरी रीडिंग में है।
October 2026 आपका सबसे सहायक महीना है — लेकिन उससे पहले के महीनों में क्या सँभालना है, और उस महीने में ठीक क्या करना है, वह अंदर है।
यह रीडिंग ग्रन्थ की शर्तें लगा कर बनी है — BPHS, फलदीपिका, जातक पारिजात और मुहूर्त चिन्तामणि। जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं। ये आसार हैं, फ़ैसला नहीं। फ़ैसला आपका है।
📊 Complete Analysis
आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।
💎 Gemstone + 4 Action Windows...
त्रिकाल ने और भी देखा है
आपकी Jupiter महादशा में Poori Kundali को लेकर त्रिकाल ने और भी देखा है... आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।
This analysis is powered by Swiss Ephemeris — the same engine used by professional astrologers worldwide — combined with Brihat Parashara Hora Shastra, Bhrigu Nandi Nadi patterns, and Shadbala calculations. Payments secured by Razorpay.
15+ Years Vedic StudyParashara BPHSSwiss EphemerisRazorpay Secured