🔱 Mahakaal Ka Ashirwad

Vedic Astrology Analysis · Poori Kundali

balmukund singh की कुण्डली

बुध महादशा · राहु अन्तर्दशा

चल रहा दौर: बुध/राहु · Jul 2024 – Jan 2027

03 Feb 1985 · 19:30 · Bhagalpur

सिंह लग्न · पुनर्वसु नक्षत्र · यह विवरण ग़लत हो तो रीडिंग दोबारा बनाएँ

⚡ Swiss Ephemeris📖 BPHS Classical🔮 Bhrigu Nandi⚖️ Shadbala
2 बातें जो आपके लिए सबसे ज़रूरी हैं
⚠️
नौकरी/पदोन्नति में रुकावट है — यह समय सबसे अच्छा मौका है, इसी में ज़ोर लगाएँ
Oct 2026 – Jun 2027 · Dec 2027 – Mar 2028
⭐
सबसे पास का शुभ समय: Nov 2026 – Feb 2027
सन्तान, विद्या और बुद्धि
🔱 ग्रन्थ से आपका सार

आपके 5 मुख्य भावों में से 0 सहारा देने वाले, 3 कठिन, और 0 मिला-जुला हैं।

कर्म, पद और प्रतिष्ठा10वाँ भाव
कमज़ोर · 27
नौकरी/पदोन्नति में रुकावट है — यह समय सबसे अच्छा मौका है, इसी में ज़ोर लगाएँ
Oct 2026 – Jun 2027 · ⭐ Dec 2027 – Mar 2028
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों?
आपका 10वाँ भाव — कर्म, पद और प्रतिष्ठा — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 27 हैं। इस भाव का स्वामी शुक्र 8वें (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: शनि 10वें भाव पर दृष्टि, गुरु 10वें भाव पर दृष्टि
· 10ve ghar ka malik Shukra apni mazboot jagah par hai
· 10ve ghar ka malik Shukra mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· kaam aur pehchaan ka mukhya grah Surya bhi mushkil ghar mein hai
· is ghar par bindu kam hain (27)
इस भाव के स्वामी (Shukra) पर — kamzor — Shukra 8ve (dusthana) mein
Jo bhi kaam karo wo bekaar chala jaata hai, samman toot-ta hai, aur swabhav mein kharabi aati hai. (Ph 20.19b)
ग्रन्थ के श्लोक(3)
ऊपर वाला फल उल्टा हो जाता है — लाभ की जगह हानि रहती है। (BPHS 21.4) कर्म का नाश होता है — उच्च होना भी नहीं बचाता। (JP 15.10)
⭐ AAPKE CHART SE3
ऊपर वाला फल उल्टा हो जाता है — लाभ की जगह हानि रहती है।BPHS 21.4
कर्म का नाश होता है — उच्च होना भी नहीं बचाता।JP 15.10◆
जातक साहसी होता है, पर बुद्धि गलत दिशा में जाती है।JP 15.54◆
घर, भूमि और माता4वाँ भाव
कमज़ोर · 41
घर-ज़मीन का सौदा हो सकता है, पर रुकावट के साथ — जल्दबाज़ी नहीं
Oct 2026 – Nov 2026 · Feb 2027 – Jul 2027
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों?
आपका 4था भाव — घर, भूमि और माता — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 41 हैं। इस भाव का स्वामी मंगल 8वें (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: गुरु 4थे भाव पर दृष्टि
· is ghar par bindu bahut hain (41) — granth 40 se upar ko bahut achha kehta hai
· 4ve ghar ka malik Mangal mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· 4ve ghar mein Shani baitha hai — dabaav banata hai
ग्रन्थ के श्लोक(3)
घर का अभाव रहता है। (JP 12.141) शरीर का सुख नष्ट होता है। (JP 12.84)
⭐ AAPKE CHART SE3
घर का अभाव रहता है।JP 12.141◆
शरीर का सुख नष्ट होता है।JP 12.84◆
घर के सुख में कष्ट रहता है।JP 12.139◆
सन्तान, विद्या और बुद्धि5वाँ भाव
कमज़ोर · 23
सन्तान/पढ़ाई में देरी के संकेत — यही समय है जब बात बन सकती है
⭐ Nov 2026 – Feb 2027 · ⭐ Oct 2027 – Dec 2027
हमारा फ़ैसला:नहीं
क्यों?
आपका 5वाँ भाव — सन्तान, विद्या और बुद्धि — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 23 हैं (ग्रन्थ 25 से नीचे को कमज़ोर कहता है)। इस भाव का स्वामी गुरु 6ठे (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: गुरु 5वें भाव पर दृष्टि, शनि 5वें भाव पर दृष्टि
· 5ve ghar ka malik Guru kamzor jagah par hai
· 5ve ghar ka malik Guru mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· santan aur padhai ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
· aur wo CHHATHE ghar mein hai — jhagde aur alagav ka ghar
· is ghar par bindu bahut kam hain (23) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
ग्रन्थ के श्लोक(3)
सन्तान कष्ट से प्राप्त होती है — ऐसा कहा गया है। (BPHS 16.8) सन्तान ही शत्रु के समान हो जाती है; अथवा दत्तक या गोद ली हुई सन्तान होती है। (BPHS 24.54)
⭐ AAPKE CHART SE3
सन्तान कष्ट से प्राप्त होती है — ऐसा कहा गया है।BPHS 16.8◆
सन्तान ही शत्रु के समान हो जाती है; अथवा दत्तक या गोद ली हुई सन्तान होती है।BPHS 24.54◆
शास्त्र में यहाँ सन्तान पर कठिन योग कहा गया है (BPHS Ch.16 सल.2) — अर्थात् सन्तान होने में बड़ी बाधा; इसके लिये उपाय अवश्य करें।BPHS 16.2◆
विवाह और जीवनसाथी7वाँ भाव
कमज़ोर · 19
विवाह में देरी के संकेत — रिश्ता बनेगा पर मेहनत से
Nov 2026 – Feb 2027 · Jul 2027 – Dec 2027
क्यों?
आपका 7वाँ भाव — विवाह और जीवनसाथी — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 19 हैं (ग्रन्थ 25 से नीचे को कमज़ोर कहता है)। इस भाव का स्वामी शनि 4थे (शुभ) भाव में है।
गोचर: गुरु 7वें भाव पर दृष्टि
· shaadi aur saathi ka mukhya grah Shukra bhi mushkil ghar mein hai
· is ghar par bindu bahut kam hain (19) — granth 25 se neeche ko kamzor kehta hai
आय और लाभ11वाँ भाव
कमज़ोर · 34★
लाभ रुक-रुक कर आएगा — इस समय कमाई का मौका है
Jun 2027 – Oct 2027 · Mar 2028 – May 2028
क्यों?
आपका 11वाँ भाव — आय और लाभ — कमज़ोर है, और इस पर अष्टकवर्ग के बिन्दु 34 हैं। इस भाव का स्वामी बुध 6ठे (कठिन) भाव में चला गया है।
गोचर: शनि 11वें भाव पर दृष्टि
· 11ve ghar mein Chandra baitha hai — sahara deta hai
· is ghar par bindu theek hain (34)
· 11ve ghar ka malik Budh mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· 11ve ghar ka malik Budh soorya ki aag mein daba hua hai
· kamai aur laabh ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
· aur wo CHHATHE ghar mein hai — jhagde aur alagav ka ghar
परिश्रम, विरोध और रोग6वाँ भाव
मज़बूत · 33★
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 6ve ghar mein Budh baitha hai — sahara deta hai
· 6ve ghar mein Guru baitha hai — sahara deta hai
· is ghar par bindu theek hain (33)
· mehnat aur rukavat ka mukhya grah Mangal bhi mushkil ghar mein hai
· 6ve ghar mein Surya baitha hai — dabaav banata hai
स्वयं — शरीर और स्वभाव1वाँ भाव
कमज़ोर · 32
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· is ghar par bindu theek hain (32)
· 1ve ghar ka malik Surya mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· aap khud ka mukhya grah Surya bhi mushkil ghar mein hai
· aur wo CHHATHE ghar mein hai — jhagde aur alagav ka ghar
भाग्य, पिता और धर्म9वाँ भाव
कमज़ोर · 27
अगले 18 महीनों में इस भाव पर गोचर की कोई खिड़की नहीं — जो है वह नीचे "क्यों?" में।
क्यों?
· 9ve ghar ka malik Mangal mushkil wale ghar mein chala gaya hai
· bhagya aur pita ka mukhya grah Guru bhi mushkil ghar mein hai
· 9ve ghar mein Rahu baitha hai — wo jodne ke bajaye ALAG karta hai
· is ghar par bindu kam hain (27)

अब समय की बात — इस समय बुध/राहु का दौर चल रहा है (Jul 2024 – Jan 2027), और इसमें 10वें, 4थे, 5वें भाव खुलता है।

जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं।

आगे का दौर
17 महीने आगे
बुध / राहु← अभी
Oct 2026 – Jan 2027
भुक्ति के शुरू में शरीर को कष्ट, वात-ज्वर और अजीर्ण (पाचन की गड़बड़)। (BPHS 58.50)
मित्र-बन्धुओं से धन, सुख, विद्या और आभूषण। ऊपर वालों की प्रीति। (JP 18.139)
राहु — 9वें भाव में · इस ग्रह पर ग्रन्थ चुप है
बुध / गुरु
Jan 2027 – Apr 2028
अपनों और बड़ों से मनमुटाव — पर धन का लाभ और संतान की तरफ़ बढ़ोतरी। सेहत का ध्यान रखें। (JP 18.140)
शरीर में ताप, अंग में कमज़ोरी या विकलता का भय। काम में रुकावट, धन का व्यय। (BPHS 58.64-66)
गुरु — 6ठे भाव में, 5+8 का स्वामी · इस लग्न के लिए शुभ ग्रह (BPHS Ch.34)
पूरी रीडिंग में:
· आगे के सारे दौर — पूरे चलते हुए दौर तक, एक नहीं
· कब — गोचर की सँकरी खिड़कियाँ, महीने के नाम से
· सूक्ष्म दशा — जो साल को महीनों में तोड़ती है
· साढ़ेसाती और ढैय्या के आगे के दौर
· राजयोग — BPHS अध्याय 39, और वह पूरा/आधा/चौथाई है या नहीं
· और उपाय — जहाँ ग्रन्थ देता है
पूरी रीडिंग लीजिए — ₹51
आपका अतीतजन्म से आज तक — हर दौर, ग्रन्थ से। खोलने के लिए टैप करें।3 MD
आपका अतीत
जन्म से आज तक — हर बड़ा दौर, ग्रन्थ से।
दौरकालग्रह की जगहग्रन्थ क्या कहता हैस्रोत
गुरु महादशाFeb 1985 – Jan 1996गुरु — 6ठे भाव में, 5+8 का स्वामी
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · सन्तान, विद्या और बुद्धि · परिश्रम, विरोध और रोग · आकस्मिक परिवर्तन और गुप्त बातें · भाग्य, पिता और धर्म · आय और लाभ
(गुरु "paisa aur parivaar" का मुख्य (कारक) ग्रह है)
अ.34: शुभ
└ गुरु/गुरुFeb 1985 – Jul 1986गुरु — 6ठे भाव में, 5+8 का स्वामी
नीच संगति, बड़ा दुख। दायाद/हिस्सेदारों से विवाद, झगड़ा। अपने मालिक/बड़े को अनिष्ट, पत्नी-संतान से अलगाव, धन की हानि।
ऊपर वालों की प्रीति और उत्साह। सब काम और सब अर्थ सधते हैं। विद्या और विज्ञान की प्राप्ति।
BPHS 56.4-5
└ गुरु/शनिJul 1986 – Apr 1988शनि — 4थे भाव में, 6+7 का स्वामी
भूमि का लाभ, धन का लाभ, और संतान का लाभ — सुख देने वाला। गाय-भैंस आदि का लाभ, और श्रमिक/शूद्र वर्ग के माध्यम से धन।
धन-अनाज का नाश। ज्वर की पीड़ा, मन में रोग। पत्नी-संतान को कष्ट, या घाव जैसी तकलीफ़। घर में अशुभ कार्य, नौकर-चाकर को कष्ट, पशु की हानि, बन्धुओं से मनमुटाव।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 56.15-16
└ गुरु/बुधApr 1988 – Nov 1989बुध — 6ठे भाव में, 11+2 का स्वामी
धन का लाभ, शरीर का सुख, पद का लाभ।
अपने देश/जगह में धन का लाभ। माता-पिता का सुख।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
BPHS 56.20-22
└ गुरु/केतुNov 1989 – Jun 1990केतु — 3रे भाव में
नर-वाहन योग (पालकी/सवारी)। हाथी-घोड़े, बड़े की कृपा, और किसी विदेशी/बाहरी बड़े से लाभ।
मोती-मूँगे जैसे आभूषण, तीर्थ-यात्रा और धन की बढ़ोतरी। बड़ों और ऊपर वालों से प्राप्ति।
BPHS 56.35-36
└ गुरु/शुक्रJun 1990 – Apr 1992शुक्र — 8वें भाव में, 10+3 का स्वामी
नर-वाहन योग। हाथी-घोड़े और वस्त्र, बड़े की कृपा से धन की अधिकता और बड़ा सुख। नीले और लाल वस्त्र। पूर्व दिशा की यात्रा से धन लाभ। कल्याण और गहरा स्नेह, माता-पिता का सुख। देवता और गुरु में भक्ति, अन्नदान, तालाब और गोपुर बनवाना, बहुत पुण्य कर्म।
धन का व्यय और मन में उलझन। पत्नी-संतान को कष्ट, कारोबार में हानि।
BPHS 56.39-42
└ गुरु/सूर्यApr 1992 – Nov 1992सूर्य — 6ठे भाव में, 1 का स्वामी
धन का लाभ और राजसम्मान। वाहन और संतान का लाभ। शत्रु का नाश, यश।
विरोधियों का नाश, जय, सुख, मन में उत्साह और धन का आगम। ऊपर वालों का प्रसाद और आरोग्य।
BPHS 56.51-55
└ गुरु/चन्द्रNov 1992 – Oct 1993चन्द्र — 11वें भाव में, 12 का स्वामी
मान, धन और बन्धुओं की हानि। विदेश/दूर भटकना, सत्ता और चोर से कष्ट, दायाद/हिस्सेदारों से झगड़ा। मामा (मातुल) से बिछोह, और माता को कष्ट।
जीवनसाथी के सहारे उत्साह, ऐश्वर्य और ऊपर वालों की प्रीति। दिव्य वस्त्र और आभूषण।
BPHS 56.61-63
└ गुरु/मंगलOct 1993 – May 1994मंगल — 8वें भाव में, 9+4 का स्वामी
पहले आधे में बहुत कष्ट, दूसरे आधे में बड़ा सुख।
काम में रुकावट, भटकाव, ज्वर जैसी तकलीफ़ और बड़ा भय। उत्साह कम रहता है।
BPHS 56.70
└ गुरु/राहुMay 1994 – Jan 1996राहु — 9वें भाव में
धन-अनाज और वाहन। बड़े लोगों से लाभ, विदेश/दूर से लाभ।
भुक्ति के शुरू के पाँच महीनों में धन और अनाज का लाभ।
BPHS 56.72-75
शनि महादशाJan 1996 – Jan 2015शनि — 4थे भाव में, 6+7 का स्वामी
★ इस पूरे दौर में खुला: घर, भूमि और माता · परिश्रम, विरोध और रोग · विवाह और जीवनसाथी · आकस्मिक परिवर्तन और गुप्त बातें · व्यय, दूर देश और एकान्त
(शनि स्वयं 4थे भाव में बैठा है)
अ.34: मारक
└ शनि/शनिJan 1996 – Jan 1999शनि — 4थे भाव में, 6+7 का स्वामी
सेहत पर दबाव, मन में जलन और शोक। ऊपर वालों तथा चोरी से धन-अनाज का नुक़सान।
शुरू में — ऊपर वालों का भय, ज़हर/शस्त्र का डर, रक्तस्राव, पेट का रोग। बीच में — चोर का डर, अपनी जगह छोड़नी पड़ना, मन में रोग। अन्त में — शनि की यह अन्तर्दशा शुभ करने वाली है।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.121
└ शनि/बुधJan 1999 – Sep 2001बुध — 6ठे भाव में, 11+2 का स्वामी
सुख, धन और यश तीनों बढ़ते हैं। अच्छे कर्म और आचरण की सम्पदा। कृषि और व्यापार में लाभ।
मन में उलझन, विवाद, काम में अड़चन। धन का व्यय, अपनों से मतभेद।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.123
└ शनि/केतुSep 2001 – Nov 2002केतु — 3रे भाव में
शरीर को कष्ट और मन में बेचैनी। खर्च बढ़ना, अपनों से दूरी।
वात-पित्त की तरफ़ ध्यान, नीच संगति से झगड़ा, और बुरे स्वप्न तथा भय।
BPHS 57.21-22
└ शनि/शुक्रNov 2002 – Jan 2006शुक्र — 8वें भाव में, 10+3 का स्वामी
बन्धुओं का स्नेह और लोगों की प्रीति। जीवनसाथी के पक्ष से धन। कृषि से सुख।
गुरु के गोचर (चाल) से भाग्य, सुख और धन-सम्पत्ति। और शनि के गोचर से वह योग मिलता है — इसमें कोई संदेह नहीं।
JP 18.125
└ शनि/सूर्यJan 2006 – Dec 2006सूर्य — 6ठे भाव में, 1 का स्वामी
संतान और जीवनसाथी के पक्ष में चिन्ता, ऊपर वालों तथा चोरी से परेशानी, और मन में भय।
JP 18.126
└ शनि/चन्द्रDec 2006 – Jul 2008चन्द्र — 11वें भाव में, 12 का स्वामी
मन की बेचैनी और अपनों से मतभेद। काम में रुकावट और धन का व्यय।
बड़ों के पक्ष में दुख, बन्धुओं से खिंचाव — पर धन का आगम फिर भी होता है। वात की तरफ़ ध्यान।
BPHS 57.49-54
└ शनि/मंगलJul 2008 – Aug 2009मंगल — 8वें भाव में, 9+4 का स्वामी
जगह से हटना, सेहत पर बड़ा दबाव, कई तरह की अड़चनें और मन में भय। सहोदर-मित्रों के पक्ष में चिन्ता।
भूमि और घर का लाभ, भाइयों से सुख। पराक्रम से कमाई, शत्रु पर जीत, साहस।
JP 18.128
└ शनि/राहुAug 2009 – Jul 2012राहु — 9वें भाव में
हाथी जैसा ऐश्वर्य। राजसम्मान, आभूषण, मृदंग/बाजे, वस्त्र और सुख।
शरीर पर दबाव, चोरी-विरोध-सत्ता से परेशानी, और धन में कटौती।
BPHS 57.66-68
└ शनि/गुरुJul 2012 – Jan 2015गुरु — 6ठे भाव में, 5+8 का स्वामी
देव और विद्वानों में भक्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। और स्थान का लाभ।
काम में रुकावट और मान की हानि। धन का व्यय, मन में ताप, अपनों से मतभेद।
JP 18.130
बुध महादशाJan 2015 – Jan 2032बुध — 6ठे भाव में, 11+2 का स्वामी · अस्त
★ इस पूरे दौर में खुला: paisa aur parivaar · परिश्रम, विरोध और रोग · आय और लाभ
(बुध 2रे भाव का स्वामी है)
अ.34: पाप
└ बुध/बुधJan 2015 – Jun 2017बुध — 6ठे भाव में, 11+2 का स्वामी
विचित्र घर और धन की प्राप्ति, ऊपर वालों की प्रीति और बड़ा सुख। सब काम और अर्थ सधते हैं।
(1 बात नहीं दिखाई जा रही — ग्रन्थ वहाँ रोग की बात करता है)
JP 18.133
└ बुध/केतुJun 2017 – Jun 2018केतु — 3रे भाव में
बन्धुओं के पक्ष में चिन्ता, मन पर बोझ, सुख में कमी और विरोध का भय। काम अटकते हैं।
JP 18.134
└ बुध/शुक्रJun 2018 – Apr 2021शुक्र — 8वें भाव में, 10+3 का स्वामी
पत्नी को कष्ट, घर में कलह, धन का व्यय, कारोबार में हानि।
बड़ों, देव और विद्वानों को दान, धर्म में प्रीति और तप। धन, वस्त्र और आभूषण की प्राप्ति।
BPHS 58.19
└ बुध/सूर्यApr 2021 – Feb 2022सूर्य — 6ठे भाव में, 1 का स्वामी
शरीर में ताप, ऊपर वालों से मतभेद, धन की हानि।
पद और राजसम्मान, पिता का सुख, शत्रु का नाश, यश और धन।
BPHS 58.25
└ बुध/चन्द्रFeb 2022 – Jul 2023चन्द्र — 11वें भाव में, 12 का स्वामी
सेहत और विरोध से खिंचाव, कामों में रुकावट, और पशु-सम्बन्धी सावधानी।
JP 18.137
└ बुध/मंगलJul 2023 – Jul 2024मंगल — 8वें भाव में, 9+4 का स्वामी
चोट या घाव का ख़तरा। भाइयों से मनमुटाव, धन की हानि, झगड़ा।
रोग और विरोध के भय का नाश, पुण्य कर्म का फल और यश। ऊपर वालों की प्रीति।
BPHS 58.46
└ बुध/राहु ← अभीJul 2024 – Jan 2027(अब तक Oct 2026)राहु — 9वें भाव में
भुक्ति के शुरू में शरीर को कष्ट, वात-ज्वर और अजीर्ण (पाचन की गड़बड़)।
मित्र-बन्धुओं से धन, सुख, विद्या और आभूषण। ऊपर वालों की प्रीति।
BPHS 58.50
⚠️ ढैयाApr 1990 – Dec 1993चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ साढ़े सातीJul 2000 – Aug 2007पहला चरण (उठाव), दूसरा चरण (सबसे भारी), तीसरा चरण (उतार)शनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाOct 2009 – Sep 2012चन्द्र से 4थाशनि का बड़ा चक्कर—
⚠️ ढैयाFeb 2020 – Feb 2023चन्द्र से 8वाँशनि का बड़ा चक्कर—
क्या यह सही था?
यहाँ तक जो लिखा है — क्या यह आपके साथ हुआ? अगर आप तीन तारीखें बता दें — नौकरी या काम का बड़ा मोड़, शादी या रिश्ता, और घर या सम्पत्ति — तो आपकी अगली रीडिंग और ठीक होगी।
तीन तारीखें भेजिए
जन्म कुण्डली + ९ ग्रहउत्तर भारतीय चक्र, लाहिरी अयनांश, षड्बल। खोलने के लिए टैप करें।

🪐 जन्म कुंडली — उत्तर भारतीय चक्र

12Kark1SimhL2Kany11Mithचंद3Tulaकेत10Vrsh9Meshराह8Meenमंगशुक4Vrscशनि5Dhan6Makrसूरबुधगुर7KumbSimha Lagna

Lahiri Ayanamsha · Swiss Ephemeris · BPHS classical

⚡ ग्रह विश्लेषण — सभी ९ ग्रह

GrahaRashiHouseNakshatraDignityStrength
☉सूर्यMakara6thShravanaNeutral Sign◐ Moderate
☽चंद्रMithuna11thPunarvasuNeutral Sign● Strong
♂मंगलMeena8thUttara BhadrapadaFriendly Sign● Strong
☿बुधMakara6thUttara AshadhaFriendly Sign◐ Moderate
♃गुरुMakara6thUttara AshadhaDebilitated◐ Moderate
♀शुक्रMeena8thUttara BhadrapadaExalted● Strong
♄शनिVrishchika4thAnuradhaEnemy Sign● Strong
☊राहु® VakriMesha9thKrittikaNeutral Sign—
☋केतुTula3rdVishakhaNeutral Sign—

⚖️ Shadbala classical 6-component system (BPHS Ch.27) · Swiss Ephemeris

गहराई मेंषोडशवर्ग, D9, D10, अष्टकवर्ग, तीन घड़ियाँ, वर्षफल, गोचर। खोलने के लिए टैप करें।

🔢 सोलह कुंडलियाँ — षोडशवर्ग

BPHS कहता है एक ही कुंडली को सोलह तरह से देखा जा सकता है — हर वर्ग एक अलग सवाल पूछता है। जो ग्रह कई वर्गों में एक ही राशि रखता है, वह शास्त्र के हिसाब से सबसे मज़बूत है।

शुक्र सोलह में से 3 वर्गों में वही राशि रखता है (कुल 15 में से) — यह इस कुंडली का सबसे मज़बूत ग्रह है।

मंगल3/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Kanyaकर्म और पहचान — Makaraपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishabha
शुक्र3/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Kanyaकर्म और पहचान — Makaraपिछले कर्मों का जोड़ — Vrishabha
सूर्य2/15 वर्गों में वही राशि
जीवनसाथी और आंतरिक बल — Karkaकर्म और पहचान — Meshaपिछले कर्मों का जोड़ — Karka
सारे सोलह वर्ग, सारे ग्रहों के लिए → ₹51

ज़्यादा गिनती का मतलब शास्त्रीय बल है, अच्छा नतीजा नहीं। और किसी वर्ग का नाम उसका भविष्य नहीं बताता — D30 कठिनाइयों का वर्ग है, पर उसका ज़िक्र कठिनाई की भविष्यवाणी नहीं है।

⏳ तीन घड़ियाँ — तीन पद्धति, एक ही समय

ज्योतिष में समय नापने के कई तरीके हैं, और तीनों अलग गणित से चलते हैं। जहाँ तीनों एक ही बात कहें, वह संकेत ज़्यादा मज़बूत होता है।

विंशोत्तरीबुध / राहु

१२० साल का चक्र, जन्म नक्षत्र से

योगिनीBhramari (मंगल)

३६ साल का चक्र — BPHS अध्याय १९५-१९९

चरMesha (मंगल)

राशि पर चलती है, ग्रह पर नहीं — जैमिनि

हर पद्धति कब तक चलती है — तीनों की तारीख़ें → ₹51

ये तीनों अलग ग्रंथों से आती हैं और अलग गणित से चलती हैं — इसीलिए अलग जवाब देना इनका दोष नहीं, इनका स्वभाव है। कोई एक पद्धति अकेली सच नहीं होती।

📅 आपका वर्ष — वर्षफल

हर साल सूर्य ठीक उस जगह लौटता है जहाँ वह आपके जन्म के समय था। उस क्षण से आपका नया वर्ष शुरू होता है — जन्मदिन से नहीं, उस खगोलीय लौटने से।

यह वर्ष शुरू हुआ: 4 फ़र॰ 2026, 08:01

अगला वर्ष शुरू होगा: 4 फ़र॰ 2027, 14:07

ख़र्च, एकांत और विदेश

मुन्था इस साल यहाँ है। शास्त्र कहता है साल का विषय इसी हिस्से के आस-पास घूमता है।

वर्ष के आरंभ का लग्न और उसका स्वामी → ₹51

यह ताजिक पद्धति का पहला चरण है — वर्ष प्रवेश, वर्ष लग्न और मुन्था। वर्षेश (साल का स्वामी), सहम और मुद्दा दशा अभी गणित में नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में यहाँ कुछ नहीं कहा गया।

📆 १० महीने की समय-रेखा — गोचर

🟢 सबसे सहायक महीना (गोचर): January 2027🔴 सबसे सावधानी वाला (गोचर): October 2026

Mars (1st), Jupiter (1st), Rahu (7th), Ketu (1st) अभी आपके मुख्य भावों में हैं — March 2027 से यह स्थिति बदल जाती है, इसीलिए उससे पहले के महीने तुलना में भारी दिखते हैं।

पिछले ३ महीने

🔴 July 2026Rahu / Venus (अंतर / प्रत्यंतर)

Mars → 10th · Venus → 1st · Rahu → 7th · Ketu → 1st

🟡 August 2026Rahu / Sun (अंतर / प्रत्यंतर)

Venus → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

🔴 September 2026Rahu / Sun (अंतर / प्रत्यंतर)

Sun → 1st · Mercury → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

अभी

🔴 October 2026Rahu / Moon (अंतर / प्रत्यंतर)

Sun → 2nd · Rahu → 7th · Ketu → 1st

…और आगे के ६ महीने? → ₹51

Transits indicate periods of support or pressure on a house. They do not predict specific events.

🔒 त्रिकाल ने और भी देखा है

January 2027 आपका सबसे सहायक महीना है — लेकिन उससे पहले के महीनों में क्या सँभालना है, और उस महीने में ठीक क्या करना है, वह अंदर है।

🔓 पूरा सच — ₹५१
यह रीडिंग ग्रन्थ की शर्तें लगा कर बनी है — BPHS, फलदीपिका, जातक पारिजात और मुहूर्त चिन्तामणि। जहाँ ग्रन्थ चुप है, वहाँ हम भी चुप हैं। ये आसार हैं, फ़ैसला नहीं। फ़ैसला आपका है।

📊 Complete Analysis

आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

💎 Gemstone + 4 Action Windows...

त्रिकाल ने और भी देखा है

आपकी Mercury महादशा में Poori Kundali को लेकर त्रिकाल ने और भी देखा है... आपने एक दौर पढ़ा। ग्रंथ में आगे के सारे दौर, उनके महीने, और जहाँ ग्रंथ उपाय देता है — सब तैयार है।

✓ नवांश (D9) — हर ग्रह का आंतरिक बल

✓ अगले ६ महीने का गोचर, महीने-दर-महीने

✓ हर ग्रह का षड्बल स्कोर

✓ सभी भाव + दशा सक्रियता श्रृंखला

✓ राजयोग — BPHS अध्याय ३९

✓ उपाय — सिर्फ़ वहाँ जहाँ ग्रंथ देता है

✓ सोलह वर्ग, नौ ग्रह, D9 और D10 के चार्ट

✓ चारों उपाय स्तर — व्यावहारिक से सेवा तक

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रोहित गुप्ता · Chief Vedic Architect · 16+ साल पराशर BPHS
Rohiit Gupta — Chief Vedic Architect

Rohiit Gupta

Chief Vedic Architect · Trikaal Vaani

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