मंगल गोचर 2026-27: तारीख़ें और 12 राशि फल
Trikaal Sandesh — Direct Answer
मंगल 12 नवंबर 2026 को रात 8:19 बजे (IST) कर्क से सिंह में प्रवेश करेगा। यह 10 जनवरी 2027 को वक्री होकर 10 मार्च को फिर कर्क में लौटेगा, 1 अप्रैल को मार्गी होगा और 5 जुलाई को कन्या में जाएगा। असर आपकी चंद्र राशि से मंगल के भाव पर निर्भर है।
Deep Dive Analysis
मंगल गोचर 2026-27 एक मिनट में
12 अक्टूबर 2026 को मंगल कर्क राशि में है, जो उसकी नीच राशि मानी जाती है। 12 नवंबर 2026 को वह सिंह में जाएगा और 10 मार्च 2027 तक वहीं रहेगा, पर 10 जनवरी को वक्री हो जाएगा। फिर वह लगभग छह सप्ताह के लिए कर्क में लौटता है, 1 अप्रैल को मार्गी होता है, 26 अप्रैल को फिर सिंह में आता है और 5 जुलाई 2027 को कन्या में जाता है। उसके बाद 24 अगस्त को तुला और 8 अक्टूबर को वृश्चिक आता है। आपको क्या असर मिलेगा, यह चंद्र राशि से मंगल के भाव पर टिका है, इसलिए पहले निःशुल्क राशि कैलकुलेटर से अपनी राशि जान लें।
मंगल गोचर की पूरी समय-सारणी
12 नवंबर 2026, रात 8:19 बजे: कर्क से सिंह। 10 जनवरी 2027, शाम 6:25 बजे: सिंह में वक्री शुरू। 10 मार्च 2027, रात 12:13 बजे: वक्री चाल से वापस कर्क में। 1 अप्रैल 2027, शाम 7:42 बजे: कर्क में मार्गी। 26 अप्रैल 2027, सुबह 11:47 बजे: कर्क से सिंह। 5 जुलाई 2027, सुबह 4:35 बजे: सिंह से कन्या। 24 अगस्त 2027, सुबह 9:52 बजे: कन्या से तुला। 8 अक्टूबर 2027, रात 1:29 बजे: तुला से वृश्चिक। सभी समय दिल्ली IST में हमारे गोचर इंजन से हैं। शनि और गुरु की तारीख़ें शनि गोचर 2027 और गुरु गोचर 2027 में देखें।
आज मंगल कहाँ है
12 अक्टूबर 2026 को हमारा इंजन मंगल को कर्क में लगभग 13.6 अंश पर दिखाता है, पुष्य नक्षत्र में और मार्गी चाल में। कर्क मंगल की नीच राशि है, इसीलिए नवंबर में उसके आगे बढ़ने तक मंगल के विषय सावधानी से पढ़े जाते हैं। नीच होना ग्रह की शक्ति का माप है, आपके जीवन का फैसला नहीं, और इसे हमेशा अपनी कुंडली के साथ मिलाकर पढ़ा जाता है। ग्रहों का आधार समझने के लिए ज्योतिष में ग्रह पन्ना पढ़ें।
12 नवंबर 2026: मंगल सिंह में
12 नवंबर को रात 8:19 बजे मंगल कर्क छोड़कर सिंह में प्रवेश करता है। सिंह सूर्य की राशि है और सूर्य मंगल का मित्र माना जाता है। नीच राशि से निकलने पर आमतौर पर साहस, प्रतियोगिता, संपत्ति और ऊर्जा से जुड़े विषयों में आत्मविश्वास का स्वर बढ़ता बताया जाता है। यह सामान्य संकेत है, और असली अनुभव इस पर निर्भर है कि सिंह आपकी चंद्र राशि से कौन से भाव में पड़ता है। भाव-तालिका नीचे दी गई है।
10 जनवरी 2027: सिंह में मंगल वक्री
10 जनवरी 2027 को शाम 6:25 बजे मंगल सिंह के लगभग 16.2 अंश पर वक्री होना शुरू करेगा। वक्री का अर्थ है कि पृथ्वी से देखने पर ग्रह पीछे जाता दिखता है। परंपरागत पाठक इस अवधि को समीक्षा, मरम्मत और दोहराव का समय मानते हैं, यानी शल्य-चिकित्सा, संपत्ति खरीद या कानूनी लड़ाई जैसे मंगल के क्षेत्रों में नई बड़ी शुरुआत के बजाय पुराने को ठीक करना। इससे आपकी कुंडली के अच्छे फल रद्द नहीं होते। मंगल आपकी कुंडली में कहाँ है, यह जन्म कुंडली कैलकुलेटर से देखें।
10 मार्च 2027: मंगल फिर कर्क में
वक्री होने के कारण मंगल 10 मार्च 2027 को रात 12:13 बजे सिंह से पीछे खिसककर कर्क में लौट आता है। वह यहाँ लगभग छह सप्ताह रहता है, 1 अप्रैल को लगभग 26.7 अंश पर मार्गी होता है और 26 अप्रैल को फिर निकल जाता है। अपनी नीच राशि में यह दूसरी यात्रा 2027 की मंगल कथा का सबसे चर्चित हिस्सा है। यह छोटी अवधि है और इसका असर चंद्र राशि के भाव से तय होता है। इसकी सीमा यह है कि केवल राशि देखकर निर्णय न दें।
कर्क में मंगल: नीच का असली अर्थ
नीच ग्रह का अर्थ है कि उस राशि में ग्रह का स्वाभाविक बल घटा हुआ है। कर्क जल तत्व की भावुक राशि है, जहाँ मंगल की आग का स्वभाव चिड़चिड़ापन, अधीरता या परिवार के मामलों में ज़्यादा ज़ोर लगाने के रूप में दिख सकता है। शास्त्र नीच भंग की भी बात करते हैं, जो आपकी कुंडली पर निर्भर है और राशि देखकर तय नहीं होता। व्यावहारिक सलाह सरल है: 10 मार्च से 26 अप्रैल के बीच धीरे चलें, कुछ भी करने से पहले बोलकर पूछ लें और जोखिम भरे शारीरिक या आर्थिक कदम टालें। मंगल की ताकत ग्रह बल कैलकुलेटर से जाँचें।
1 अप्रैल 2027: कर्क में मंगल मार्गी
1 अप्रैल 2027 को शाम 7:42 बजे मंगल कर्क के लगभग 26.7 अंश पर मार्गी होगा। मार्गी का अर्थ है सामान्य आगे की चाल, और परंपरा में इसे अटके हुए मंगल-कार्यों के चलने का संकेत माना जाता है। मंगल कर्क में 25 दिन और रहेगा, इसलिए नीच राशि की कथा 26 अप्रैल तक चलती है। इस खिड़की में समीक्षा और मरम्मत के काम पूरे करें और बड़े आरंभ तब रखें जब मंगल सिंह में लौटकर आगे बढ़ रहा हो। भूमि-पक्ष के लिए मंगल भूमि कारक पढ़ें।
26 अप्रैल 2027: मंगल की सिंह में वापसी
26 अप्रैल 2027 को सुबह 11:47 बजे मंगल कर्क से निकलकर दूसरी बार सिंह में आता है। इस बार वह मार्गी है, इसलिए यह चरण जनवरी-मार्च के वक्री महीनों से अलग महसूस होता है। यह 5 जुलाई 2027 तक, यानी लगभग दस सप्ताह चलता है। सिंह आपकी चंद्र राशि से जिस भाव में पड़ता है वह पहले चरण जैसा ही रहता है, पर वक्री की पृष्ठभूमि हट जाती है, इसलिए कई पाठक इन सप्ताहों को कर्म के लिए अधिक अनुकूल मानते हैं। सिंह राशि का वार्षिक रूप सिंह राशिफल 2027 में पढ़ें।
5 जुलाई 2027: मंगल कन्या में
5 जुलाई 2027 को सुबह 4:35 बजे मंगल कन्या में प्रवेश करता है और 24 अगस्त तक वहीं रहता है। कन्या बुध की राशि है, जो विश्लेषण, व्यवस्था और बारीकी की राशि मानी जाती है। इसलिए मंगल के प्रयास और प्रतिस्पर्धा के विषय सेवा, स्वास्थ्य की दिनचर्या, परीक्षा और कार्य-आदतों की ओर मुड़ते बताए जाते हैं। कन्या से आपका भाव क्या बनता है, यह तालिका में देखें, और कन्या राशि के लिए कन्या राशिफल 2027 और अपनी दशा के लिए दशा कैलकुलेटर चलाएँ।
24 अगस्त और 8 अक्टूबर 2027: तुला और वृश्चिक
मंगल 24 अगस्त 2027 को सुबह 9:52 बजे तुला में और 8 अक्टूबर 2027 को रात 1:29 बजे वृश्चिक में आता है। वृश्चिक मंगल की अपनी राशि है, इसलिए यह चरण सामान्यतः मंगल ऊर्जा की अधिक स्वाभाविक और मज़बूत अभिव्यक्ति माना जाता है। तुला शुक्र की राशि है और अक्सर मंगल के विषयों को साझेदारी, मोलभाव और सार्वजनिक संबंधों की ओर ले जाती है। दोनों राशियों के लिए तुला राशिफल 2027 और वृश्चिक राशिफल 2027 देखें।
चंद्र राशि से मंगल गोचर कैसे देखें
फलदीपिका गोचर अध्याय की शुरुआत इसी नियम से करती है कि सभी लग्नों के रहते भी गोचर में चंद्र लग्न प्रधान है [1]। व्यवहार में गिनती सरल है: अपनी चंद्र राशि से देखें कि मंगल कौन से भाव में है और उसी भाव का फल पढ़ें। जन्म के समय की चंद्र राशि लें, नाम की राशि नहीं। यदि यह मालूम नहीं तो राशि कैलकुलेटर एक मिनट में बता देता है, और चार्ट पढ़ना सीखने के लिए कुंडली कैसे देखें पर चरण-दर-चरण गाइड है।
मंगल के शुभ भाव: 3, 6 और 11
फलदीपिका चंद्र राशि से तीसरे और छठे भाव को मंगल गोचर के लिए शुभ बताती है [2]। तीसरे भाव में धैर्य, विजय और आभूषण-सुख कहा गया है [3]। छठे भाव में शत्रुओं से कलह का अंत और रोग-शांति बताई गई है [4]। ग्यारहवें भाव में धन, आरोग्य और भूमि की वृद्धि कही गई है [5]। ये सामान्य नियम हैं, और आपकी दशा तथा जन्म के मंगल की स्थिति इन्हें घटा-बढ़ा सकती है। दोनों जाँचने के लिए दशा कैलकुलेटर और ग्रह बल कैलकुलेटर चलाएँ।
सावधानी वाले भाव और उनकी सीमा
फलदीपिका के अनुसार पहले, दूसरे और चौथे भाव में मंगल ऊष्मा-जनित रोग, कठोर वाणी, धनहानि या बंधुजनों का दुःख दे सकता है [3]। सातवें, आठवें और नवें में पत्नी से कलह, ज्वर, चोट, धनहानि या दुर्बलता का संकेत है [6]। दसवें और बारहवें में कर्म-विघ्न, थकान या धनहानि बताई गई है [5]। हर चेतावनी की एक सीमा है: मज़बूत जन्म का मंगल, अनुकूल दशा और शांत आदतें असर को काफी घटा देती हैं। योजना सावधानी से बनाएँ और डर के बजाय सरल उपाय अपनाएँ।
सिंह चरण: हर चंद्र राशि से मंगल का भाव
जब तक मंगल सिंह में है, चंद्र राशि से उसका भाव यह रहेगा: मेष 5वाँ, वृषभ 4था, मिथुन 3रा, कर्क 2रा, सिंह 1ला, कन्या 12वाँ, तुला 11वाँ, वृश्चिक 10वाँ, धनु 9वाँ, मकर 8वाँ, कुंभ 7वाँ और मीन 6ठा। शुभ 3, 6 और 11 मिथुन, मीन और तुला को मिलते हैं। यह 12 नवंबर 2026 से 10 मार्च 2027 और फिर 26 अप्रैल से 5 जुलाई 2027 तक लागू है।
कर्क चरण: हर राशि से मंगल का भाव
10 मार्च से 26 अप्रैल 2027 के छोटे कर्क चरण में मंगल मेष से 4थे, वृषभ से 3रे, मिथुन से 2रे, कर्क से 1ले, सिंह से 12वें, कन्या से 11वें, तुला से 10वें, वृश्चिक से 9वें, धनु से 8वें, मकर से 7वें, कुंभ से 6ठे और मीन से 5वें भाव में पड़ता है। इनमें वृषभ, कुंभ और कन्या को शुभ 3, 6 और 11 मिलते हैं। चूँकि मंगल यहाँ नीच है और कुछ समय वक्री भी रहता है, शुभ भाव वाले भी जल्दबाज़ी के फैसले टालें।
कन्या और तुला चरण: चंद्र राशि से मंगल का भाव
कन्या में (5 जुलाई से 24 अगस्त 2027) मंगल मेष से 6ठे, वृषभ से 5वें, मिथुन से 4थे, कर्क से 3रे, सिंह से 2रे, कन्या से 1ले, तुला से 12वें, वृश्चिक से 11वें, धनु से 10वें, मकर से 9वें, कुंभ से 8वें और मीन से 7वें भाव में रहता है। तुला में (24 अगस्त से 8 अक्टूबर 2027) भाव एक कदम आगे खिसकते हैं: मेष से 7वाँ, वृषभ से 6ठा, मिथुन से 5वाँ, कर्क से 4था, सिंह से 3रा, कन्या से 2रा, तुला से 1ला, वृश्चिक से 12वाँ, धनु से 11वाँ, मकर से 10वाँ, कुंभ से 9वाँ और मीन से 8वाँ।
मंगल गोचर और करियर
मंगल कर्म, पहल और प्रतिस्पर्धा की क्षमता का कारक है। शुभ 3, 6 और 11 भावों में यह प्रयास को बल, प्रतिद्वंद्वियों पर विजय और काम से लाभ देता है। दसवें भाव में फलदीपिका कर्म-विघ्न और थकान की चेतावनी देती है [5], इसलिए ऐसे महीनों में अधिक काम से बचें और कागज़ात व्यवस्थित रखें। अपनी पूरी करियर कुंडली समझने के लिए सबसे अच्छा करियर और करियर भविष्यवाणी गाइड पढ़ें, और सरकारी नौकरी की तैयारी हो तो सरकारी नौकरी और परीक्षा योग देखें।
मंगल गोचर और संपत्ति, वाहन खरीद
मंगल भूमि, मकान और वाहन का स्वाभाविक कारक है, इसलिए कई परिवार पूछते हैं कि रजिस्ट्री, निर्माण या कार खरीदने के लिए कौन सा समय ठीक है। उत्तर कुंडली-विशेष है, पर 10 जनवरी से 1 अप्रैल 2027 के वक्री सप्ताहों को परंपरागत पाठक नई खरीद के बजाय समीक्षा के लिए अधिक उपयोग करते हैं। इसकी सीमा यह है कि कोई श्लोक खरीद रोकने को नहीं कहता। मंगल भूमि कारक पढ़ें, वाहन खरीद भविष्यवाणी देखें और तारीख़ को वाहन खरीद मुहूर्त से परखें।
मंगल गोचर और सेहत
शास्त्रों में मंगल का संबंध रक्त, ऊष्मा, सूजन, चोट और शल्य-क्रिया से जोड़ा गया है, इसलिए लोग मंगल गोचर में सेहत के बारे में पूछते हैं। यह पारंपरिक संकेत है, चिकित्सा सलाह नहीं, और कोई भी स्वास्थ्य समस्या डॉक्टर को दिखाएँ। यदि किसी ऑपरेशन की योजना है तो तारीख़ पहले डॉक्टर से तय करें, मुहूर्त बाद में देखें, जिसके लिए शल्य-क्रिया मुहूर्त गाइड उपयोगी है। पहला ज्योतिषीय दृष्टिकोण स्वास्थ्य भविष्यवाणी कैलकुलेटर से मिलता है।
मंगल गोचर और रिश्ते
मंगल गोचर तर्क, अहंकार और जोश को छूता है। सातवें भाव में फलदीपिका पत्नी से कलह की बात करती है [6], इसीलिए ऐसे महीनों में दंपतियों को शांति से बात करने की सलाह दी जाती है। यदि आपका रिश्ता सुरक्षित है और जन्म कुंडली सहायक है तो यही गोचर कोई विशेष अर्थ नहीं रखता। मंगल से बनते टकराव को मंगल और अहंकार-टकराव में समझें, मांगलिक स्थिति मांगलिक दोष कैलकुलेटर से जाँचें और विषय का आधार मंगल दोष क्या है में पढ़ें।
दुर्घटना और सुरक्षा: बिना डर के सावधानी
मंगल को शास्त्रों में कटने, जलने, दुर्घटना और अचानक घटनाओं से सबसे अधिक जोड़ा गया है, पर केवल गोचर किसी दुर्घटना की भविष्यवाणी नहीं करता। इसके लिए कुंडली में और भी सहायक कारक दिखने चाहिए, और तब भी समझदारी व्यावहारिक सावधानी में है, चिंता में नहीं। क्रोध वाले दिनों में गाड़ी सावधानी से चलाएँ, जोखिम भरे करतब से बचें और स्वास्थ्य व वाहन बीमा चालू रखें। दुर्घटना योग की बनावट दुर्घटना योग गाइड में समझाई गई है।
2027 में मंगल, शनि और गुरु साथ-साथ
मंगल का गोचर अकेला नहीं चलता। शनि 3 जून 2027 को मीन से मेष में जाएगा, और गुरु 25 जनवरी से 26 जून 2027 तक कर्क में रहेगा। यानी 10 मार्च से 26 अप्रैल के बीच जब मंगल कर्क में लौटता है, तब गुरु भी कर्क में होगा। यह मेल असामान्य है और इसे आपकी अपनी कुंडली के साथ पढ़ा जाता है, कोई सामान्य नियम नहीं। दूसरे ग्रहों के लिए शनि गोचर 2027 और गुरु गोचर 2027 पढ़ें, और बुध की चाल के लिए बुध वक्री अक्टूबर 2026।
मंगल गोचर बनाम मंगल दशा
गोचर आसमान में मंगल की वर्तमान स्थिति है, जबकि दशा आपकी जन्म कुंडली में चल रहा ग्रह-काल है। यदि आपकी मंगल महादशा या अंतर्दशा चल रही है तो मंगल गोचर उसके फलों को, चाहे अच्छे या कठिन, और मजबूत कर सकता है। नहीं चल रही तो यह कई परतों में से एक है। दोहरी पुष्टि का नियम कहता है कि भविष्यवाणी पर तब भरोसा करें जब दशा और गोचर एक ही दिशा में इशारा करें। दशा-तर्क के लिए विंशोत्तरी दशा और मंगल महादशा पढ़ें।
मंगल के सरल उपाय पाँच पंक्तियों में
उपाय एक, मसूर दाल का दान। क्या: मुट्ठी भर मसूर दाल किसी जरूरतमंद को दें। कब: मंगलवार की सुबह। कितना खर्च: 100 रुपये से कम। कितने दिन: सात मंगलवार। आपके लिए क्यों: मंगल साहस और ऊष्मा का कारक है, और सरल दान कठिन मंगल भाव को शांत करने का सबसे हल्का उपाय है। उपाय दो, मंत्र। क्या: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः का 11 बार जाप। कब: मंगलवार को स्नान के बाद। कितना खर्च: कुछ नहीं। कितने दिन: ग्यारह मंगलवार। आपके लिए क्यों: कुछ मिनट की शांत दिनचर्या बनती है। अपनी कुंडली के अनुसार चुनाव के लिए उपाय कैलकुलेटर चलाएँ।
मंगल गोचर के आम भ्रम
पहला भ्रम है कि कर्क में मंगल हमेशा बुरा महीना लाता है। असल में यह ग्रह की शक्ति का माप है और असर आपकी चंद्र राशि के भाव और कुंडली पर निर्भर है। दूसरा भ्रम है कि वक्री मंगल में सारा काम रोक देना चाहिए, जबकि यह समीक्षा और मरम्मत का समय है। तीसरा भ्रम है कि केवल रत्न ही मदद करेगा। अधिकतर मामलों में सरल दान और मंत्र पर्याप्त हैं, और किसी भी रत्न को पहले रत्न कैलकुलेटर जैसी निःशुल्क जाँच से परख लें।
यह पन्ना हमारे सामान्य मंगल पन्ने से कैसे अलग है
हमारा सामान्य मंगल गोचर 2026 पन्ना बताता है कि मंगल की हर भाव-स्थिति का क्या अर्थ है, पर बिना कैलेंडर तारीख़ों के। यह पन्ना 2026-27 की तारीख़वार समय-सारणी जोड़ता है, जिसमें वक्री लूप भी है जो मंगल को वापस कर्क में भेजता है, और भाव-नियमों को अगले चार राशि-चरणों पर लागू करता है। सिद्धांत समझने के लिए सामान्य पन्ना और महीनों की योजना के लिए यह पन्ना पढ़ें। अंग्रेज़ी रूप Mars Transit 2026-27 में है, और विवाह के संदर्भ में मंगल दोष के उपाय तथा मंगल दोष और विवाह मिलान अतिरिक्त आधार देते हैं।
ये तारीख़ें हम कैसे निकालते हैं
त्रिकाल वाणी का गोचर इंजन Swiss Ephemeris पढ़ता है, लाहिड़ी अयनांश और मध्यम राहु के साथ। राशि-परिवर्तन और वक्री या मार्गी मोड़ दिल्ली के IST में मिनट तक दिए गए हैं। दूसरे शहर में घड़ी का समय थोड़ा अलग दिख सकता है, पर राशि बदलने की तारीख़ आम तौर पर वही रहती है। दिन का पंचांग दैनिक पंचांग पर देखें, और अपने ग्रहों की ताकत देखने के लिए ग्रह बल कैलकुलेटर चलाकर तुलना करें।
अपनी चंद्र राशि और मंगल की ताकत जाँचें
सबसे पहले निःशुल्क राशि कैलकुलेटर से अपनी चंद्र राशि निकालें। फिर कमज़ोर ग्रह खोजक और कुंडली शक्ति कैलकुलेटर से मंगल की ताकत देखें। अगर आपकी राशि से मंगल का भाव सावधानी वाला है तो ऊपर की तालिका और संबंधित भाग पढ़ें, एक उपाय चुनें और योजनाएँ लचीली रखें। भावों की बुनियाद ज्योतिष में भाव में समझें। ये सभी औज़ार निःशुल्क हैं और इनके लिए साइनअप नहीं चाहिए।
अपने मंगल गोचर पर निजी मार्गदर्शन बुक करें
एक पन्ना तारीख़ें और सामान्य नियम दिखा सकता है, पर आपके जन्म का मंगल, आपकी दशा और आपकी चंद्र राशि तय करती हैं कि असल में क्या मायने रखता है। 2026-27 के मंगल गोचर पर निजी दृष्टि चाहिए तो त्रिकाल वाणी की सेवाएँ पन्ना देखें, जहाँ रोहित गुप्ता गोचर को आपकी कुंडली और दशा के साथ पढ़ते हैं। बुकिंग से पहले अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान लिख लें। पहला कदम निःशुल्क है: अपनी चंद्र राशि जानें, ऊपर की तालिकाओं में मंगल का भाव देखें और वही एक प्रश्न साथ लेकर आएँ।
Apna Personalized Analysis Lein
Yeh article general framework hai. Aapke specific chart ke according detailed analysis ke liye:
शब्दावली · Glossary
- मंगल
- साहस, ऊर्जा, भूमि और प्रतिस्पर्धा का कारक ग्रह।
- नीच
- वह राशि जहाँ ग्रह का स्वाभाविक बल घटा माना जाता है, मंगल के लिए कर्क।
- वक्री
- पृथ्वी से देखने पर ग्रह की पीछे जाती प्रतीत होने वाली चाल।
- मार्गी
- वक्री काल के बाद ग्रह की सामान्य आगे की चाल।
- गोचर
- ग्रह की वर्तमान राशि-यात्रा, जिसका फल चंद्र राशि से देखा जाता है।
- चंद्र लग्न
- चंद्र राशि को पहला भाव मानकर बनी कुंडली, गोचर का मुख्य आधार।
- पुष्य
- 8वाँ नक्षत्र, कर्क राशि में 3 अंश 20 कला से 16 अंश 40 कला तक।
ग्रंथ सन्दर्भ · Classical Sources
इस लेख के हर नियम का मूल स्रोत — ग्रंथ, अध्याय और श्लोक संख्या के साथ।
सर्वेषु लग्नेष्वपि सत्सु चन्द्रलग्नं प्रधानं खलु गोचरेषु । तस्मात्तदृक्षादपि वर्तमानग्रहेन्द्रचारैः कथयेत्फलानि ॥१॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 1 · sastri-1950फलदीपिका 26.1 के अनुसार सभी लग्नों के रहते भी गोचर में चंद्र लग्न प्रधान है, और फल चंद्र राशि से ग्रहों की चाल देखकर कहे जाते हैं।
Phaladeepika 26.1 says that among all lagnas, the Moon sign (chandra lagna) is the primary reference for transits, and results should be told from the planets transiting from it.
सूर्यः षट्त्रिदशस्थितस्त्रिदशषट्सप्ताद्यगश्चन्द्रमाः जीवस्त्वस्ततपोद्विपञ्चमगतो वक्रार्कजौ षट्त्रिगौ । सौम्यः षट्स्वचतुर्दशाष्टमगतः सर्वेऽप्युपान्त्यस्थिताः शुक्रः खास्तरिपून्विहाय शुभदस्तिग्मांशुवद्भोगिनौ ॥२॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 2 · sastri-1950फलदीपिका 26.2 में चंद्र राशि से वे भाव गिनाए गए हैं जिनमें ग्रह का गोचर शुभ है, और मंगल तथा शनि के लिए इनमें छठा और तीसरा भाव शामिल हैं।
Phaladeepika 26.2 lists the houses from the Moon in which each graha transit is favourable, and for Mars and Saturn these include the 6th and 3rd.
अन्तः शोकं स्वजनविरहं रक्तपित्तोष्णरोगं लग्ने वित्ते भयमपि गिरां दोषमर्थक्षयं च । धैर्यं भौमो जनयति जयं स्वर्णभूषाप्रमोदं स्थानभ्रंशं रुजमुदरजां बन्धुदुःखं चतुर्थे ॥१३॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 13 · sastri-1950फलदीपिका 26.13 में मंगल गोचर के पहले से चौथे भाव के फल हैं: पहले में शोक और पित्त-ऊष्मा रोग, दूसरे में भय, वाणी दोष और धनहानि, तीसरे में धैर्य, विजय और आभूषण-सुख, और चौथे में स्थान-भ्रंश, उदर रोग और बंधु-दुःख।
Phaladeepika 26.13 gives Mars transit results for the 1st to 4th houses: sorrow and heat-related illness in the 1st, fear, harsh speech and loss of wealth in the 2nd, courage, victory and joy of ornaments in the 3rd, and loss of position, stomach trouble and sorrow of relatives in the 4th.
ज्वरमनुचितचिन्तां पुत्रहेतुव्यथां वा कलयति कलहं स्वैः पञ्चमे भूमिपुत्रः । रिपुकलहनिवृत्तिं रोगशान्तिं च षष्ठे विजयमथ धनाप्तिं सर्वकार्यानुकूल्यम् ॥१४॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 14 · sastri-1950फलदीपिका 26.14 के अनुसार पाँचवें भाव में मंगल ज्वर, संतान की चिंता और स्वजनों से कलह देता है, और छठे भाव में शत्रु-कलह की समाप्ति और रोग-शांति करता है।
Phaladeepika 26.14 says Mars in the 5th brings fever, worry about children and quarrels with relatives, while in the 6th it ends quarrels with enemies and brings relief from illness.
दुश्चेष्टा वा कर्मविघ्नः श्रमः खे द्रव्यारोग्यक्षेत्रवृद्धिश्च लाभे । भौमः खेटो गोचरे द्वादशस्थो द्रव्यच्छेदस्ताप उष्णामयाद्यैः ॥१६॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 16 · sastri-1950फलदीपिका 26.16 के अनुसार दसवें भाव में मंगल से दुश्चेष्टा, कर्म-विघ्न और श्रम होता है, ग्यारहवें में धन, आरोग्य और भूमि की वृद्धि होती है, और बारहवें में धनहानि तथा उष्ण रोग होते हैं।
Phaladeepika 26.16 says Mars in the 10th brings wrong efforts, obstacles at work and fatigue, in the 11th it brings gain of wealth, health and land, and in the 12th it brings loss of wealth and heat-related ailments.
कलत्रकलहाक्षिरुग्जठररोगकृत्सप्तमे ज्वरक्षतजरूक्षितो विगतवित्तमानोऽष्टमे । कुजे नवमसंस्थिते परिभवोऽर्थनाशादिभि- र्विलम्बितगतिर्भवत्यबलदेहधातुक्षयैः ॥१५॥
— फलदीपिका, अध्याय 26 — गोचारफलनिर्णयाध्यायः · श्लोक 15 · sastri-1950फलदीपिका 26.15 के अनुसार सातवें भाव में मंगल से पत्नी-कलह तथा नेत्र और उदर रोग होते हैं, आठवें में ज्वर, क्षत और धन-मान की हानि, और नवें में पराभव, अर्थ-नाश और शारीरिक दुर्बलता।
Phaladeepika 26.15 says Mars in the 7th brings quarrels with the spouse and eye and stomach trouble, in the 8th fever, injury and loss of wealth and honour, and in the 9th defeat, loss of wealth and a weak body.
हर सन्दर्भ त्रिकाल वाणी ग्रंथ-पुस्तकालय या प्रतिष्ठित मुक्त स्रोत से मिलाया गया · व्याख्या: Rohiit Gupta, Chief Vedic Architect
Frequently Asked Questions
मंगल सिंह राशि में कब जाएगा?
मंगल 12 नवंबर 2026 को रात 8:19 बजे (IST) कर्क से सिंह में प्रवेश करेगा।
मंगल वक्री 2027 में कब होगा?
मंगल 10 जनवरी 2027 को शाम 6:25 बजे सिंह में वक्री होगा और 1 अप्रैल 2027 को शाम 7:42 बजे कर्क में मार्गी होगा।
मंगल दोबारा कर्क में क्यों आएगा?
वक्री चाल में मंगल पीछे खिसकता है, इसलिए 10 मार्च 2027 को रात 12:13 बजे वह सिंह से कर्क में लौट आएगा और 26 अप्रैल को फिर सिंह में जाएगा।
मंगल कन्या राशि में कब जाएगा?
मंगल 5 जुलाई 2027 को सुबह 4:35 बजे सिंह से कन्या में प्रवेश करेगा।
मंगल के शुभ गोचर भाव कौन से हैं?
फलदीपिका के अनुसार चंद्र राशि से तीसरा और छठा भाव शुभ हैं, और विस्तार वाले श्लोक में ग्यारहवें भाव में धन, आरोग्य और भूमि की वृद्धि कही गई है।
सिंह चरण में कौन सी राशियों को शुभ भाव मिलते हैं?
सिंह चरण में मिथुन को तीसरा, मीन को छठा और तुला को ग्यारहवाँ भाव मिलता है। ये तीनों राशियाँ शुभ भाव में हैं।
क्या कर्क में मंगल का नीच होना बुरा है?
नीच ग्रह की शक्ति घटी मानी जाती है, पर असर आपकी चंद्र राशि के भाव और कुंडली पर निर्भर है। नीच भंग भी कुंडली से तय होता है।
क्या मंगल वक्री में संपत्ति या वाहन खरीदना टाल दें?
कोई श्लोक मनाही नहीं बताता। परंपरागत पाठक वक्री सप्ताह समीक्षा के लिए उपयोग करते हैं, इसलिए कागज़ात जाँचें और जल्दी न हो तो 1 अप्रैल के बाद निर्णय लें।
मंगल गोचर का सबसे सरल उपाय क्या है?
मंगलवार को मुट्ठी भर मसूर दाल का दान और मंगल बीज मंत्र का 11 बार जाप। दोनों में खर्च लगभग नहीं है और रत्न की जरूरत नहीं।
मंगल के बाद शनि और गुरु कब बदलेंगे?
गुरु 25 जनवरी 2027 को कर्क में और शनि 3 जून 2027 को मेष में जाएगा। विवरण हमारे गुरु और शनि गोचर 2027 पन्नों में हैं।
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